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JSSC-JPSC के बाद अब उत्पाद सिपाही परीक्षा से भी जुड़े धांधली के तार, चार्जशीट से खुला राज

Published: Thu, 03 Sep 2026 06:59 PM (IST)

जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में धांधली के तार अब उत्पाद सिपाही नियुक्ति परीक्षा से भी जुड़ गए हैं, जिसमें अतुल वत्स और मिथिलेश सिंह जैसे सरगना शामिल हैं।

उत्पाद सिपाही परीक्षा से भी जुड़े धांधली के तार (एआई जेनरेटेड तस्वीर)

उत्पाद सिपाही परीक्षा से भी जुड़े धांधली के तार (एआई जेनरेटेड तस्वीर)

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राज्य ब्यूरो, रांची। जेपीएससी एवं जेएसएससी की परीक्षाओं में अनियमितता, पेपर लीक, ओएमआर शीट में हेराफेरी व रुपये लेकर अभ्यर्थियों को परीक्षा पास कराने में शामिल आरोपित एजेंसियों टीडीपीएल, वेबेल, आइसीएन आदि के सिंडिकेट से अब जेएसएससी की उत्पाद सिपाही नियुक्ति परीक्षा भी जुड़ गई है। 

रांची पुलिस ने इसी 12 अप्रैल को तमाड़ थाना क्षेत्र में छापेमारी कर इस परीक्षा के एक दिन पहले अभ्यर्थियों को पेपर (जांच में फर्जी पाया गया था) रटवाते सरगना बिहार निवासी अतुल वत्स सहित 164 संदिग्धों-अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया था। 

अतुल वत्स का संबंध जेएसएससी सीजीएल प्रतियोगिता परीक्षा घोटाले के मास्टरमाइंड और परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी आइसीएन के निदेशक बिहार निवासी मिथिलेश सिंह से बताया जा रहा है। 

तमाड़ थाने के केस में दर्ज चार्जशीट में सामने आए तथ्यों से मिलान कर रही 

इस बात का खुलासा जेपीएससी मेधा घोटाला मामले में गिरफ्तार परीक्षा संचालन करने वाली एजेंसी टीडीपीएल के कर्मी यूपी निवासी एबाद ने अपनी स्वीकारोक्ति बयान में किया है। अब एबाद के स्वीकारोक्ति बयान में सामने आए तथ्यों से रांची पुलिस की तमाड़ थाने के केस में दर्ज चार्जशीट में सामने आए तथ्यों से मिलान कर रही है। 

आइसीएन के निदेशक मिथिलेश सिंह को जेएसएससी सीजीएल परीक्षा संचालन एजेंसी वेबेल टेक्नोलोजी ने उक्त परीक्षा के संचालन कार्य से जोड़ा था। मिथिलेश सिंह पर अभ्यर्थियों से वसूली कर उन्हें जेएसएससी सीजीएल परीक्षा पास कराने का आरोप है। फिलहाल मिथिलेश सिंह फरार है, जिसकी तलाश चल रही है।

ओएमआर शीट में हेराफेरी करने वाले सिंडिकेट के बारे में बताया

टीडीपीएल कर्मी एबाद ने सीआईडी को पूछताछ में जो दी है जानकारी जेपीएससी की परीक्षाओं को संचालित कराने वाली एजेंसी टीडीपीएल के कर्मी एबाद ने सीआईडी को पूछताछ में परीक्षाओं में अनियमितता, पेपर लीक, ओएमआर शीट में हेराफेरी करने वाले सिंडिकेट के बारे में भी बताया है। 

उसने बताया है कि इस सिंडिकेट में टीडीपीएल के निदेशक रामवीर सिंह व आइसीएन के निदेशक मिथिलेश सिंह के अलावा अतुल वत्स, अरविंद कुमार, राजेश सिंह, आदित्य पांडेय, सुनील कुमार, संतोष सिंह, ब्रजेश कुमार, अली, इमरान, अजय संग्राम सिंह, प्रमोद पाठक, कृष्णा यादव व उस्मान शामिल थे। 

यह वही अतुल वत्स है, जिसकी गिरफ्तारी रांची पुलिस ने उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा घोटाला मामले में तमाड़ थाने में दर्ज केस में किया था। एबाद ने स्वीकार किया है कि उसने 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में ओएमआर, ओएसएम में टेंपरिंग की है।

दूसरी परीक्षाओं के पेपर लीक में भी अतुल वत्स की संलिप्तता, चल रही है जांच

रांची पुलिस की जांच में भी यह सामने आया है कि अतुल वत्स का दूसरी परीक्षाओं के पेपर लीक में भी संलिप्तता की सूचना है, जिसकी जांच चल रही है। इन परीक्षाओं में राजस्थान क्लर्क भर्ती परीक्षा 2017, नीट परीक्षा पेपर लीक 2024, बिहार सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी भर्ती परीक्षा 2024, उत्तर प्रदेश की रिव्यू अधिकारी, सहायक रिव्यू अधिकारी प्रारंभिक परीक्षा 2024 व उत्तर प्रदेश की सिपाही भर्ती परीक्षा 2024 शामिल हैं। 

बताते चलें कि रांची पुलिस ने उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा में पेपर लीक से इंकार किया था, केवल इतना बताया था कि अतुल वत्स सहित गिरफ्तार अन्य चार आरोपित सॉल्वर गैंग के सदस्य थे और वे ठगी के लिए ऐसा कर रहे थे। अब एबाद के बयान में अतुल वत्स का नाम सामने आने के बाद मामले की जांच की दिशा अब सिंडिकेट के विरुद्ध जांच से जुड़ गई है, क्योंकि सीआईडी की जांच में सिंडिकेट की संलिप्तता प्रश्न पत्र लीक मामले में आ चुकी है। ऐसे में उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा में प्रश्न पत्र लीक हुआ या नहीं, यह जांच के बाद स्पष्ट होगा।

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