JSSC CGL Paper Leak: 20 लाख में पेपर, नेपाल के होटल में रटवाए 135 सवाल; CID जांच में हुए चौंकाने वाले खुलासे
जेएसएससी सीजीएल पेपर लीक मामले में सीआईडी की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। अभ्यर्थियों को नेपाल के होटल ...और पढ़ें

झारखंड सीआईडी
राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की सीजीएल परीक्षा में कथित पेपर लीक मामले की जांच कर रही सीआईडी की विशेष जांच टीम ने अब तक 100 से अधिक संदिग्धों, सफल अभ्यर्थियों से पूछताछ पूरी कर ली है। एसटीएफ के आईजी अनूप बिरथरे के नेतृत्व वाली 17 सदस्यीय एसआईटी ने अपनी जांच तेज की है।
एसआईटी ने परीक्षा संचालित कराने वाली एजेंसी वेबेल टेक्नोलोजी लिमिटेड व उसके सहयोगियों से जुड़े कोलकाता, गोरखपुर, पटना, बिहटा, व आसनसोल आदि ठिकानों पर पूर्व में छापेमारी भी की है। वहां से बरामद साक्ष्य का सत्यापन चल रहा है। इस एजेंसी से जुड़े सभी आरोपित व संदिग्धों पर सीआईडी की नजर है।
सीआईडी ने जेएसएससी सीजीएल से जुड़े एक जनवरी 2025 को दर्ज कांड संख्या 01/2025 में अब तक गिरफ्तार 13 अप्राथमिकी आरोपितों व गवाहों के बयान का एक बार फिर सत्यापन शुरू कर दी है।
गिरफ्तार आरोपितों ने बताया, नेपाल के बीरगंज के होटल में रटवाए गए थे 135 प्रश्नों के उत्तर
पूर्व में जेएसएससी सीजीएल पेपर लीक मामले में गिरफ्तार आईआरबी-8 गोड्डा के जवान कुंदन कुमार ने सीआईडी के सामने स्वीकार किया था कि उसके रिश्तेदार पिंटू यादव के माध्यम से असम राइफल्स के जवान राम निवास राय से हुई थी।
उसने ही बताया था कि सीजीएल परीक्षा के पहले प्रश्न व उत्तर मिल जाएंगे। प्रति अभ्यर्थी 20 लाख रुपये तय था। इसमें आइआरबी जवान कुंदन को प्रति अभ्यर्थी एक लाख रुपये मिलने थे। कुंदन ने ही आईआरबी-9 गिरिडीह के जवान रामप्रवेश यादव, उसके साले रघुवीर यादव, आईआरबी-8 के रोबिन कुमार, अभिलाष कुमार, गौरव कुमार के माध्यम से 28 अभ्यर्थियों की सेटिंग की थी।
मोतिहारी के रास्ते नेपाल के बीरगंज में ले जाया गया
20 सितंबर 2024 को सभी 28 अभ्यर्थियों को पटना से मुजफ्फरपुर व मोतिहारी के रास्ते नेपाल के बीरगंज में ले जाया गया था। यहां होटल में संदीप त्रिपाठी नामक व्यक्ति प्रश्न व उत्तर लेकर आए थे। छात्रों को 135 प्रश्नों के उत्तर रटवाए गए थे। इन 28 अभ्यर्थियों में दस अभ्यर्थी उक्त परीक्षा में सफल भी हुए थे।
सिपाही कुंदन के अनुसार अभ्यर्थियों से अग्रिम तौर पर एक-एक लाख रुपये लिए गए थे। उनके मैट्रिक से स्नातक तक के मूल शैक्षणिक प्रमाण पत्र व ब्लैंक चेक ले लिए गए थे। कुंदन ने उक्त राशि अपनी पत्नी कंचन कुमारी के खाते में मंगाया था।
निवास राय को भी गिरफ्तार किया
सीआईडी ने रामगढ़ जिले में पदस्थापित गृह रक्षक निवास राय को भी गिरफ्तार किया था। उसने स्वीकार किया था कि उसके भाई राम निवास राय व कुंदन कुमार ने जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में पूरी सेटिंग की थी। इसमें उसने 15 अभ्यर्थियों की सेटिंग उनके माध्यम से कराई थी और उनके एडमिट कार्ड भी उपलब्ध कराया था।
उसने भी स्वीकार किया था कि अभ्यर्थियों को रघुवीर व एक अन्य साथ लेकर नेपाल के बीरगंज गए थे। वहां गिरोह के सरगना संदीप त्रिपाठी ने 135 प्रश्नों के उत्तर याद कराया था। परीक्षा के बाद मामला बढ़ने पर व केस दर्ज होने पर अभ्यर्थियों से पूरे पैसे नहीं मिले थे, केवल 8 लाख रुपये ही सिंडिकेट तक पहुंचे थे।
नेपाल में विवाद हुआ, रांची में भी वसूली
पूर्व में गिरफ्तार एक आरोपित कौशलेश के अनुसार 18-19 सितंबर 2024 के पहले बैच के छात्रों को जब मोतिहारी से नेपाल भेजा गया था तब संदीप त्रिपाठी उर्फ शशिभूषण दीक्षित से सिर्फ एक पेपर पढ़ाने की बात पर विवाद हो गया था और छात्र लौट गए थे। इसके बाद 20 सितंबर 2024 को 27-28 छात्रों को बीरगंज ले जाकर रघुवीर और संजय यादव ने पेपर रटवाया था।
परीक्षा के बाद छात्रों ने शिकायत की थी कि 135 में से 8-10 सवाल गलत थे, जबकि अन्य जगहों पर 150 सवाल पढ़ाए गए थे। कौशलेश ने खुलासा किया कि संदीप त्रिपाठी का संपर्क उसके सीनियर हरि भैया उर्फ हरिहर सिंह (अंसारी) से था।
रिजल्ट आने के बाद 10 से 13 दिसंबर 2024 के बीच संदीप त्रिपाठी अपने ड्राइवर विवेक रंजन के साथ रांची के हिनू स्थित होटल जेड स्क्वायर में रुका था, जहां अभ्यर्थियों से 10-10 लाख की मांग की गई थी और उन्हें धमकी दी गई थी। कौशलेश के एक्सिस बैंक खाते में भी लाखों रुपये स्थानांतरित किए गए थे।
