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JSSC CGL पेपर लीक मामला: CID ने छपरा से एजेंट मनु कुमार को दबोचा, अब तक 33 आरोपी गिरफ्तार

Published: Thu, 24 Sep 2026 08:25 PM (IST)

झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) सीजीएल पेपर लीक मामले में सीआईडी ने बिहार के छपरा से एजेंट मनु कुमार सिंह को गिरफ्तार किया है।

झारखंड सीआईडी ने लिया एक्शन।

झारखंड सीआईडी ने लिया एक्शन।

HighLights

  1. बिहार के छपरा से एजेंट मनु कुमार सिंह को सीआईडी ने दबोचा।

  2. जेएसएससी सीजीएल पेपर लीक मामले में अब तक 33 आरोपी गिरफ्तार।

  3. फूड इंस्पेक्टर संजय कुमार से सीआईडी ने लगातार पूछताछ की।

राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की संयुक्त स्नातक स्तरीय (सीजीएल) परीक्षा में कथित पेपर लीक, अनियमितता मामले में सीआईडी ने बिहार के छपरा से एक एजेंट मनु कुमार सिंह को गिरफ्तार किया है।

सीआईडी ने गुरुवार की शाम उसे सीआईडी की विशेष अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। अब सीआईडी जल्द ही उसे रिमांड पर लेगी व पूछताछ करेगी।

सीआईडी ने एक जनवरी 2025 को सीआईडी थाना कांड संख्या 01/2025 में प्राथमिकी दर्ज की थी। इसके बाद से ही पूरे मामले की जांच चल रही है।

इस मामले में अब तक सीआईडी ने कुल 33 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में पूर्व में सीआईडी ने 16 आरोपितों को गिरफ्तार किया था।

पूर्व में गिरफ्तार 16 आरोपितों में अधिकतर झारखंड पुलिस के जवान थे। उनपर परीक्षा पास कराने के एवज में वसूली करने तथा अभ्यर्थियों को प्रश्न व उत्तर रटवाने के आरोप हैं।

इसके बाद सीआईडी ने जब नए सिरे से करीब डेढ़ महीने पहले जांच शुरू की तो और 17 आरोपितों को गिरफ्तार किया। यानी, इस पूरे प्रकरण में अब तक 33 आरोपित गिरफ्तार हो चुके हैं। गिरफ्तार 17 आरोपितों में एजेंट, अभ्यर्थी व परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी आइसीएन के कर्मी शामिल हैं।

फूड इंस्पेक्टर से पूछताछ

झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की संयुक्त स्नातक स्तरीय (सीजीएल) परीक्षा में कथित पेपर लीक, अनियमितता मामले सीआईडी ने जमशेदपुर के फूड इंस्पेक्टर संजय कुमार से लगातार दूसरे दिन भी दिनभर पूछताछ की। उनसे पूछताछ में जो नए तथ्य आए हैं, उसका सत्यापन चल रहा है।

देर शाम पूछताछ के बाद सीआईडी ने उन्हें छोड़ दिया है और शुक्रवार को फिर पूछताछ के लिए बुलाया है। फूड इंस्पेक्टर संजय कुमार मूल रूप से गिरिडीह के गांवा थाना क्षेत्र के पिहरा गांव के निवासी हैं।

सीआईडी की टीम ने उन्हें उनके गांव से ही उठाया था और उन्हें अपने साथ लेकर रांची आई थी। उनसे दो दिनों तक पूछताछ पूरी हो चुकी है। फूड इंस्पेक्टर संजय कुमार के विरुद्ध सीआईडी को यह सूचना मिली है कि उन्होंने कई अभ्यर्थियों को प्रश्न व उत्तर रटवाने में सहयोग किया।

अभ्यर्थियों की सेटिंग व उन्हें लाने-ले जाने में भी उन्होंने सहयोग किया है। पूर्व में अभ्यर्थियों से पूछताछ में उनका नाम सामने आया था, कुछ सबूत मिले थे, जिसके आधार पर सीआईडी ने उन्हें उठाया था।

उन्हें रांची लाने के लिए सीआईडी के डीएसपी अरविंद सिंह गिरिडीह गए थे। वहां गांवा एसडीपीओ अमरेंद्र कुमार व गांवा थाने की पुलिस के सहयोग से उनके गांव से सीआईडी उन्हें उठाई और अपने साथ लेकर बुधवार को रांची पहुंची थी।

नए सिरे से जांच के क्रम में हुई है गिरफ्तारी

नए सिरे से जांच के क्रम में गिरफ्तार 17 आरोपितों में मास्टरमाइंड सह सफल अभ्यर्थी अभय कुमार तिवारी, उसकी पत्नी सुषमा कुमारी व अक्षय तिवारी, परीक्षा संचालन करने वाली एजेंसी आइसीएन के दो कर्मी सोमांश प्रकाश व राहुल कुमार, सफल अभ्यर्थी दीपक कुमार, उमेश कुमार राय, विजय कुमार तिवारी, आनंद कुमार सिंह, समीर कुमार, कुंदन कुमार शामिल थे।

इनके अलावा एक दलाल पटना का राजन कुमार, एजेंट दिलीप कुमार पासवान, कोडरमा से राजेश प्रसाद यादव व संदीप कुमार तथा देवघर के सुधाकर यादव के अलावा अब छपरा का मनु कुमार सिंह गिरफ्तार हो चुका है।

सफल अभ्यर्थियों में कई एजेंट की भूमिका में भी थे, जिन्होंने अपने लिए भी रिश्वत दी और दूसरे अभ्यर्थियों के लिए भी वसूली की।

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