JSSC-CGL गड़बड़ी मामला: सुप्रीम कोर्ट में अब 5 अक्टूबर को होगी सुनवाई, दो गिरफ्तार कर्मी 3 दिन की CID रिमांड पर
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और JSSC CGL परीक्षा में कथित अनियमितताओं व धांधली की सीबीआई जांच की मांग वाली ...और पढ़ें

सीजीएल परीक्षा में धांधली की सीबीआई जांच की मांग वाली जनहित याचिका पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई।
HighLights
JPSC-JSSC अनियमितताओं पर सुप्रीम कोर्ट में 5 अक्टूबर को सुनवाई.
CID कर रही एजेंसी संचालक मिथिलेश सिंह की भूमिका की जांच.
राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा और JSSC की सीजीएल (CGL) परीक्षा में कथित अनियमितताओं व धांधली की सीबीआई जांच की मांग वाली जनहित याचिका पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई।
चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जायमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने इस मामले को सुनवाई के लिए दूसरी बेंच में भेजने का निर्देश दिया है। अब इस चर्चित मामले पर आगामी 5 अक्टूबर को अगली सुनवाई होगी।
सुप्रीम कोर्ट में जवाब दाखिल करने के लिए मांगा समय
सुनवाई के दौरान विभिन्न पक्षों की ओर से जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा गया, जबकि याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि कोर्ट के पूर्व आदेश के बावजूद राज्य सरकार ने अब तक अपना जवाब दाखिल नहीं किया है।
सामाजिक कार्यकर्ता हरिशरण देवगन द्वारा दायर इस जनहित याचिका के अलावा JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच की ओर से भी दो हस्तक्षेप याचिकाएं (Intervention Petitions) दाखिल की गई हैं, जिनके माध्यम से परीक्षा में हुई गड़बड़ियों के विभिन्न साक्ष्यों को अदालत के समक्ष रखा गया है।
परीक्षा एजेंसी ICN के दो कर्मी 3 दिनों की CID रिमांड पर
दूसरी ओर, JSSC CGL परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं की जांच कर रही सीआईडी (CID) की विशेष जांच टीम (SIT) को बड़ी सफलता मिली है।
सीआईडी ने परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी ICN के दो गिरफ्तार कर्मियों- सोमांश प्रकाश और राहुल को 3 दिनों की पुलिस रिमांड पर लिया है।
दोनों आरोपित मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं और उन्हें दिल्ली से गिरफ्तार किया गया था। सोमांश प्रकाश बिहार के रोहतास जिले के बिक्रमगंज का रहने वाला है, जबकि राहुल वैशाली जिले का निवासी है।
पेपर लीक में एजेंसी के संचालक मिथिलेश सिंह की भूमिका की जांच
जांच में सामने आया है कि JSSC CGL परीक्षा का ठेका मेसर्स वेबेल टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड को दिया गया था, जिसने आगे परीक्षा संचालन का काम मिथिलेश सिंह के नेतृत्व वाली एजेंसी ICN को सौंपा था।
सीआईडी को इनपुट मिला है कि मिथिलेश सिंह के निर्देश पर ही सोमांश और राहुल ने पेपर लीक की वारदात को अंजाम दिया था, जिसके बाद अन्य बिचौलियों ने अभ्यर्थियों को प्रश्न-उत्तर रटवाए थे।
सीआईडी अब रिमांड के दौरान दोनों आरोपितों से पूछताछ कर मास्टरमाइंड मिथिलेश सिंह का सुराग जुटाएगी।
