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JSSC-CGL परीक्षा रद: छात्र नेता देवेंद्र महतो ने तोड़ा अनशन, सरकार के फैसले को बताया 'झारखंड की बड़ी जीत'

Published: Tue, 18 Aug 2026 01:21 AM (GMT+05:30)Updated: Tue, 18 Aug 2026 07:05 AM (GMT+05:30)

मुख्यमंत्री द्वारा JSSC-CGL और TDPL परीक्षाएं रद करने की घोषणा के बाद छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने अपना 16 दिवसीय अनशन समाप्त कर दिया है।

HighLights

  1. देवेंद्र महतो ने 16 दिवसीय आमरण अनशन समाप्त किया।

  2. मुख्यमंत्री ने JSSC-CGL और TDPL परीक्षाएं रद्द कीं।

  3. भविष्य में पारदर्शी शिक्षा व्यवस्था के लिए संघर्ष जारी रहेगा।

डिजिटल डेस्क, रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री द्वारा जेएसएससी-सीजीएल (JSSC-CGL) और टीडीपीएल (TDPL) द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं को रद करने की घोषणा के बाद छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने अपना अनशन तोड़ दिया है। उन्होंने 2 जुलाई से चल रहे अपने 16 दिवसीय आमरण अनशन को अब स्थगित करने का एलान किया है।

देवेंद्र महतो ने सोमवार देर रात कहा कि 20 जुलाई को मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक के बाद 28 जुलाई से मामले की सीआईडी जांच शुरू हो गई थी। उन्होंने बताया कि जांच पूरी सख्ती के साथ की जा रही है और इसमें पूर्व मुख्य सचिव तथा जेपीएससी अध्यक्ष जैसे उच्च पदस्थ लोगों को भी जांच के दायरे में लाया गया है।

परीक्षा रद करने के फैसले की सराहना करते हुए छात्र नेता ने कहा, "झारखंड सरकार ने इतना बड़ा निर्णय लेने का जो साहस दिखाया है, उसके लिए मैं उन्हें धन्यवाद देता हूं। यह कोई आसान फैसला नहीं था, क्योंकि जेएसएससी सीजीएल की भर्ती प्रक्रिया लगभग नियुक्ति के चरण तक पहुंच चुकी थी और कई लोग अपनी सीट पक्की कर चुके थे, लेकिन छात्रों के हित और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने यह साहसिक कदम उठाया।"

सभी सहयोगियों का जताया आभार

देवेंद्र महतो ने इस आंदोलन में साथ देने वाले हर वर्ग को धन्यवाद दिया। उन्होंने विशेष रूप से झारखंड सरकार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, कांग्रेस नेता राहुल गांधी, मंत्री दीपिका पांडेय, विधायक इरफान अंसारी, साथी छात्रों, मीडिया और सामाजिक कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया।

इसके साथ ही उन्होंने उन अनजान लोगों को भी याद किया जो रात के एक-दो बजे भी आंदोलनकारियों के लिए पानी और नाश्ते की व्यवस्था करते थे।

पारदर्शी शिक्षा व्यवस्था के लिए संघर्ष रहेगा जारी

अपना अनशन स्थगित करते हुए देवेंद्र नाथ महतो ने स्पष्ट किया कि व्यवस्था में सुधार के लिए उनकी लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।

उन्होंने कहा कि मेरी कल्पना एक ऐसे शिक्षा तंत्र की है जहां पेपर लीक और धांधली की कोई जगह न हो। मैं चाहता हूं कि आज जो बच्चे प्राइमरी या सेकेंडरी स्कूल में हैं, जब वे भविष्य में जेपीएससी या जेएसएससी की परीक्षा दें, तो उन्हें इस तरह का बलिदान न देना पड़े।

उन्होंने आगे कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए यदि विधानसभा में नए कानून बनाने पड़ें या संविधान में संशोधन करने की आवश्यकता हो, तो वह भी होना चाहिए।

महतो ने मांग की कि भविष्य में होने वाली हर परीक्षा की कड़ी निगरानी और ऑडिट होनी चाहिए, तथा हर चरण पर पारदर्शिता का स्पष्ट प्रमाण पत्र मिलना चाहिए।

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