JPSC Scam: पतंजलि एकेडमी के निदेशक 119 एफआरओ सफल अभ्यर्थियों के थे संपर्क में, 20-20 लाख की डील
सीआईडी ने जेपीएससी मेधा घोटाले में पतंजलि आईएएस एकेडमी के निदेशक संजीत कुमार के खिलाफ कई डिजिटल सबूत जुटाए हैं, ...और पढ़ें

सीआईडी ने कोर्ट को बताया, अपने रिश्तेदार को पास कराने के लिए 20 लाख रुपये में की थी डील।
HighLights
संजीत कुमार 119 एफआरओ सफल अभ्यर्थियों के संपर्क में थे।
रिश्तेदार को पास कराने के लिए 20 लाख की डील की।
सीआईडी के सबूतों पर कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज की।
राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की परीक्षाओं में कथित पेपर लीक, ओएमआर शीट में हेराफेरी व अनियमितता मामले की जांच कर रही सीआईडी ने पूर्व में गिरफ्तार पतंजलि आइएएस एकेडमी के निदेशक संजीत कुमार के विरुद्ध कई डिजिटल व तकनीकी सबूत जुटाई है।
सीआईडी ने संजीत के दो मोबाइल नंबरों के काल डिटेल रिकार्ड (सीडीआर) का विश्लेषण किया तो पाया कि वह फारेस्ट रेंज अफसर (एफआरओ) परीक्षा उत्तीर्ण 119 अभ्यर्थियों के संपर्क में था। उक्त परीक्षा में कुल 743 अभ्यर्थी सफल हुए थे।
सीआईडी के सबूतों के आधार पर कोर्ट ने संजीत कुमार की जमानत याचिका खारिज कर दी है। हालांकि, संजीत कुमार ने अपने बचाव में कोर्ट को जानकारी दी कि वह कोचिंग संचालक है और उसके संपर्क में तीन से चार हजार छात्र रहते हैं। इसके बावजूद कोर्ट ने उसकी दलील नहीं मानी।
सीआईडी ने छानबीन में यह भी पाया है कि एफआरओ परीक्षा में सफल अभ्यर्थी ऋतिक रोशन व पंकज प्रसून्न उसके रिश्तेदार हैं। ऋतिक रोशन को पास कराने के लिए संजीत ने 20 लाख में डील की थी, जिसकी राशि किस्तों में दी गई थी। ऋतिक रोशन व पंकज प्रसून्न की भी गिरफ्तारी हो चुकी है और उनके बयान तथा बैंकिंग ब्योरे से वित्तीय लेन-देन की पुष्टि भी हो चुकी है।
सीआईडी ने जांच में पाया कि जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते के कंप्यूटर आपरेटर व मेधा घोटाले के गिरफ्तार मास्टरमाइंड धर्मेंद्र कुमार के स्वीफ्ट डिजायर कार के डाउन पेमेंट के लिए संजीत ने ही 1.69 लाख का भुगतान किया था। संजीत ने एक्सिस बैंक के खाते से छह व दस अप्रैल को धर्मेंद्र की पत्नी के खाते में उक्त राशि भेजी थी।
जेपीएससी में ब्लैकलिस्ट थी टीडीपीएल, फिर भी दिया काम
परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) को जेपीएससी ने 20 मई 2025 को ब्लैकलिस्ट कर दिया था। इसके बावजूद बिना टेंडर के ही जेपीएससी के तत्कालीन अधिकारियों ने नामिनेशन के आधार पर जून 2025 से परीक्षा संचालन का काम दे दिया था।
एजेंसी के ठिकानों से जब्त चार कंप्यूटरों में एफआरओ मुख्य परीक्षा 2026 की उत्तर पुस्तिकाएं मिलीं हैं। तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता, एजेंसी कर्मी उस्मान, जेपीएससी कर्मी मनोज तिर्की और सोनू कुमार भी इसमें शामिल थे।
एफआरओ परीक्षा गड़बड़ी के आरोपित को नहीं मिली जमानत
अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार की अदालत ने एफआरओ मुख्य परीक्षा और जेपीएससी परीक्षाओं में धांधली से जुड़े मामले के आरोपित संजीत कुमार की जमानत याचिका खारिज कर दी है। रांची में पतंजलि आइएएस एकेडमी चलाने वाले संजीत कुमार को 13 सितंबर 2026 को गिरफ्तार किया गया था।
सीआईडी की ओर से पेश अपर लोक अभियोजक ने आरोपित की संलिप्तता के पुख्ता सबूत और बैंक ट्रांजैक्शन कोर्ट के सामने रखे। अदालत ने परीक्षा व्यवस्था की पवित्रता और नए कड़े कानूनों का हवाला देते हुए कहा कि ऐसे संगठित अपराधों में राहत नहीं दी जा सकती है।
