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JPSC मेधा घोटाले में OMR हेरफेर से लेकर पैसों के खेल तक... सारी जानकारी जुटा रही CID; आरोपितों से की पूछताछ

Published: Tue, 04 Aug 2026 08:22 PM (IST)

सीआईडी ने जेपीएससी मेधा घोटाला मामले में रिमांड पर लिए गए तीन आरोपियों से पूछताछ की, जिसमें ओएमआर शीट हेरफेर ...और पढ़ें

सीआईडी ने जेपीएससी घोटाले के तीन आरोपियों से पूछताछ की।

सीआईडी ने जेपीएससी घोटाले के तीन आरोपियों से पूछताछ की।

HighLights

  1. सीआईडी ने जेपीएससी घोटाले के तीन आरोपियों से पूछताछ की।

  2. ओएमआर शीट हेरफेर और अभ्यर्थियों से वसूली की जांच।

राज्य ब्यूरो, रांची। जेपीएससी मेधा घोटाला मामले की जांच कर रही सीआईडी ने रिमांड पर लिए गए तीनों ही आरोपितों से मंगलवार को दिनभर पूछताछ की।

जिनसे पूछताछ की गई है, उनमें जेपीएससी की परीक्षा संचालित कराने वाली एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) के निदेशक रामवीर सिंह, मार्केटिंग मैनेजर अभय कुमार तिवारी उर्फ मनोज कुमार तिवारी व प्रोग्रामर उस्मान शामिल हैं।

सीआईडी ने आरोपितों ने ओएमआर शीट में हेरफेरी पर सवाल तो पूछा ही, उनसे यह भी जानकारी जुटाई है कि परीक्षा पास कराने के एवज में कितने अभ्यर्थियों से वसूली की गई है। कितने की वसूली हुई है और वसूली की राशि कहां-कहां बंटी है। सीआइडी रिमांड पर लिए गए आरोपितों से वित्तीय लेन-देन का ब्यौरा खंगाल रही है।

सीआईडी को जानकारी मिली है कि जेपीएससी परीक्षा पास कराने में अधिकारियों, परीक्षा संचालित कराने वाली एजेंसी, कोचिंग संचालकों, दलालों का एक संगठित गिरोह काम कर रहा था।

इस गिरोह ने बड़े पैमाने पर अभ्यर्थियों को पास कराने के एवज में उनसे मोटी रकम की वसूली की है। अभ्यर्थियों से आरोपित मूल शैक्षणिक प्रमाण पत्र, अंक पत्र एडमिट कार्ड आदि ले लेते थे, ताकि सफल घोषित होने के बाद शेष राशि की वसूली करने के बाद उनके मूल दस्तावेज उन्हें वापस करते।

छापामारी के दौरान मिले दस्तावेज का भी चल रहा है सत्यापन

जेपीएससी मेधा घोटाला मामले में सीआइडी ने सोमवार को रांची, पलामू, हजारीबाग, बोकारो व धनबाद से जुड़े 18 ठिकानों पर छापामारी की थी।

बिचौलियों, कोचिंग संचालकों, मास्टरमाइंड व दलालों से जुड़े इन ठिकानों से जेपीएससी परीक्षा में अनियमितता से संबंधित आवश्यक दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे लैपटॉप, मोबाइल, विभिन्न बैंकों के पासबुक, विभिन्न अभ्यर्थियों के ओएमआर शीट्स की कॉर्बन कॉपी, एडमिट कार्ड्स व मार्कशीट्स मिले थे।

सीआईडी ने छापामारी में मिले दस्तावेजों का मंगलवार को भी सत्यापन किया। सीआईडी को कुछ ब्लैंक चेक मिले हैं, जिससे यह अंदाजा लगाया गया है कि ये चेक परीक्षा पास कराने के एवज में दिए गए थे। परीक्षा पास होने के बाद इसपर राशि भरकर रुपयों की निकासी की जाती, इससे पहले ही सीआइडी ने छापा मार दिया।

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