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JPSC मेधा घोटाला: टीडीपीएल की सभी 21 परीक्षाओं के सफल अभ्यर्थी CID जांच के घेरे में

Published: Mon, 05 Oct 2026 05:18 PM (IST)

झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की परीक्षाओं में कथित धांधली की सीआईडी जांच में अब मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट ...और पढ़ें

अब तक गिरफ्तारियां केवल 14वीं जेपीएससी, एसीएफ, एफआरओ परीक्षा के सफल अभ्यर्थियों की ही।

अब तक गिरफ्तारियां केवल 14वीं जेपीएससी, एसीएफ, एफआरओ परीक्षा के सफल अभ्यर्थियों की ही।

HighLights

  1. जेपीएससी मेधा घोटाला: सीआईडी ने जांच का दायरा बढ़ाया।

  2. टीडीपीएल की सभी 21 परीक्षाओं के सफल अभ्यर्थी रडार पर।

  3. अब तक 27 आरोपी गिरफ्तार, जिनमें 9 सफल अभ्यर्थी शामिल।

राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की परीक्षाओं में कथित पेपर लीक, अनियमितता, ओएमआर शीट में हेराफेरी व सेटिंग से अपने चहेते अभ्यर्थियों को उत्तीर्ण कराने के मामले की सीआइडी जांच जारी है। सीआईडी ने एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) के माध्यम से आयोजित जेपीएससी की सभी परीक्षाओं के सफल अभ्यर्थियों को अपने रडार पर रखा है।

ऐसे सभी अभ्यर्थी जांच के घेरे में हैं। प्रारंभिक जांच, उपलब्ध दस्तावेज के आधार पर सीआईडी ने अब तक केवल 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण व सेटिंग से जेपीएससी की सहायक वन संरक्षक (एसीएफ) और वन क्षेत्र पदाधिकारी (एफआरओ) की परीक्षा में सफल संदिग्ध अभ्यर्थियों की गिरफ्तारी की है।

जांच में टीडीपीएल पर लगे गंभीर आरोपों, जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते व अन्य आरोपितों और छानबीन में अनियमितता उजागर होने के बाद मुख्यमंत्री ने टीडीपीएल से जुड़ी सभी 21 परीक्षाओं की जांच की जिम्मेदारी सीआईडी को सौंपी थी। इसके बाद से भी एजेंसी की नवगठित अलग-अलग छह टीमें उन सभी परीक्षाओं की जांच की कमान अपने अधीन ले ली है और जांच तेज की है।

इन परीक्षाओं के सफल अभ्यर्थियों से ही जांच शुरू की गई है और इनके सफल अभ्यर्थियों से सीआईडी भ्रष्टाचार की जड़ें खंगाल रही है। जांच के क्रम में नवगठित टीम ने जेपीएससी से अन्य सभी परीक्षाओं से संबंधित दस्तावेज को अपने अधीन ली है, ताकि पूरे मामले प्रत्येक बिंदुओं पर सूक्ष्म जांच हो सके। अब अन्य परीक्षाओं के अभ्यर्थियों को भी समन कर सीआईडी पूछताछ करेगी।

केवल तीन परीक्षाओं से जुड़े अभ्यर्थियों की हुई है गिरफ्तारी

जेपीएससी मेधा घोटाला मामले में सीआईडी ने जेपीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष एल. खियांग्ते, उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता सहित 27 आरोपितों को जेल भेजा है। इन आरोपितों में जेपीएससी की तीन परीक्षाओं के नौ सफल अभ्यर्थियों को भी जेल भेजा है, जिनके विरुद्ध छानबीन में सबूत मिल चुके हैं।

इन अभ्यर्थियों में 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में उत्तीर्ण सुमन सौरभ, दीपक राणा, ओमप्रकाश राणा, उमाकांत उरांव, रोशन केरकेट्टा, मनोज कुमार, रक्षक सिंह के अलावा एफआरओ व एसीएफ परीक्षा उत्तीर्ण ऋतिक रौशन तथा पंकज प्रसून्न की गिरफ्तारी हो चुकी है।

अब इन परीक्षाओं के सफल अभ्यर्थी भी CID के रडार पर

झारखंड सिविल सेवा संयुक्त परीक्षा 2023, सिविल सेवा बैकलाग परीक्षा 2023 व 2025, विश्वविद्यालयों में गैर शैक्षणिक पदों पर नियुक्ति परीक्षा-2025, सहायक निदेशक, सीनियर साइंटिफिक आफिसर बैकलाग नियुक्ति 2025, सहायक निदेशक, सीनियर साइंटिफिक आफिसर नियमित नियुक्ति-2025, ड्रग इंस्पेक्टर नियुक्ति परीक्षा 2025, इंजीनियरिंग कालेजाें में सहायक प्राध्यापक बैकलाग नियुक्ति 2026, गवर्नमेंट पालीटेक्निक में व्याख्याताओं की नियुक्ति-2026, गवर्नमेंट पालीटेक्निक में व्याख्याताओं की बैकलाग नियुक्ति 2026, मेडिकल कालेजों में स्पेशियलिटी सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति 2026 जांच के घेरे में है।

इसी तरह सिविल जज जूनियर डिविजन नियुक्ति परीक्षा-2023, सहायक वन, संरक्षक नियुक्ति परीक्षा-2024, वन क्षेत्र पदाधिकारी नियुक्ति परीक्षा 2024, सहायक लोक अभियोजक नियुक्ति नियमित परीक्षा-2025, सहायक लोक अभियोजक नियुक्ति बैकलाग परीक्षा 2025, खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी नियुक्ति परीक्षा 2023, सीडीपीओ नियुक्ति परीक्षा- 2023, झारखंड पात्रता परीक्षा 2024 व छठी सीमित उपसमाहर्ता परीक्षा 2018 शामिल हैं। इनमें अधिकतर परीक्षाओं के उत्तीर्ण अभ्यर्थी वर्तमान में नौकरी में हैं, जिन्हें सीआईडी समन कर पूछताछ करेगी।