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JPSC-JSSC आंदोलन में वार्ता पर गरमाई सियासत, BJP ने सरकार को घेरा तो वही कांग्रेस बोली- जिद छोड़ समाधान निकालें

Published: Mon, 17 Aug 2026 11:46 AM (IST)

JPSC-JSSC भर्ती परीक्षा में अनियमितताओं के खिलाफ छात्र आंदोलन के बीच सरकार और छात्रों के बीच आज फिर वार्ता होगी। ...और पढ़ें

HighLights

  1. सरकार और छात्रों के बीच आज फिर होगी वार्ता।

  2. कांग्रेस ने दोनों पक्षों से समाधान के लिए जिद छोड़ने को कहा।

जागरण संवाददाता, रांची। JPSC-JSSC भर्ती परीक्षा में अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन के बीच सरकार और छात्रों के बीच आज फिर वार्ता का दौरा होने वाला है। हालांकि वार्ता को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।

भाजपा के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने सरकार पर छात्रों की मांगों को गंभीरता से नहीं लेने का आरोप लगाया, जबकि कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने सरकार और छात्रों दोनों से जिद छोड़कर समाधान की दिशा में आगे बढ़ाने की अपील की।

प्रतुल शाहदेव बोले- मुख्यमंत्री खुद वार्ता में शामिल होते तो बेहतर होता

भाजपा के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि छात्रों और सरकार के बीच बातचीत होनी चाहिए और भाजपा को वार्ता से कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार को आंदोलनकारी छात्रों की मांगों को स्वीकार करना चाहिए।

उन्होंने वार्ता में शामिल चार मंत्रियों को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि यह मंत्री शुरुआत से छात्रों के साथ हुई बातचीत का हिस्सा है, लेकिन उनकी मौजूदगी के बावजूद पिछली वार्ताएं किसी नतीजे पर नहीं पहुंची। उन्होंने आगे कहते हुए ये आरोप लगाया कि इनमें से दो मंत्रियों ने छात्रों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां भी की थी। ऐसे उन्हें आज की वार्ता से अलग किया जाता तो बेहतर संदेश जाता।

प्रतुल शाहदेव ने कहा कि मुख्यमंत्री को खुद बातचीत में शामिल होना चाहिए था। आखिर सरकार छात्रों की मांगों को स्वीकार करने में क्यों हिचक रही है। उन्होंने सरकार पर छात्रों पर लाठीचार्ज, मुकदमे और आंदोलन को दबाने का आरोप भी लगाया। साथ ही यह भी कहा कि सरकार को छात्रों की मुख्य मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

राजेश ठाकुर बोले- दोनों पक्ष जिद छोड़ें, छात्रों को केंद्र में रखकर निकले समाधान

वहीं, कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा कि सरकार शुरुआत से ही छात्रों की मांगों का समाधान निकालने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि लगातार बातचीत के माध्यम से रास्ता निकालने की कोशिश की जा रही है।

उन्होंने छात्रों और सरकार दोनों से अपनी-अपनी जिद छोड़ने की अपील की। राजेश ठाकुर के मुताबिक, किसी भी समझौते तक पहुंचने के लिए जरूरी है कि दोनों पक्ष एक-दूसरे की बात सुनें और समाधान के लिए तैयार हों। उन्होंने कहा कि छात्रों को केंद्र में रखकर सरकार और छात्र प्रतिनिधियों को साथ बैठना चाहिए, ताकि सकारात्मक परिणाम निकल सके।

‘सिर्फ आश्वासन पर घर नहीं लौटें छात्र’

राजेश ठाकुर ने छात्रों से आंदोलन को लेकर लगातार दबाव बनाए रखने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि यदि छात्र केवल सरकार के आश्वासन के बाद घर लौट जाएंगे तो व्यवस्था में जरूरी सुधार नहीं हो पाएगा।

उन्होंने कहा कि छात्रों को भर्ती व्यवस्था में सुधार की मांग पर लगातार आवाज उठाते रहना चाहिए। उनके अनुसार, व्यवस्था में वास्तविक बदलाव के लिए छात्रों को लंबे समय तक अपनी मांग पर कायम रहना होगा।

बाबूलाल मरांडी पर भी साधा निशाना

राजेश ठाकुर ने नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी पर भी छात्रों के आंदोलन के जरिए राजनीतिक लाभ लेने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बाबूलाल मरांडी अपनी राजनीति कर रहे हैं और उन्हें छात्रों के आंदोलन से कोई वास्तविक सरोकार नहीं है। उन्होंने कहा कि छात्रों को राजनीतिक दलों की राजनीति से अलग रहकर भर्ती व्यवस्था में सुधार की मांग पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

अब निगाह आज की वार्ता के नतीजे पर

JPSC-JSSC अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार जारी है। छात्र भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं की जांच, CBI जांच समेत कई मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। ऐसे में आज की ताजा वार्ता को आंदोलन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब देखना होगा कि सरकार और छात्रों के बीच बातचीत किसी ठोस समाधान तक पहुंचती है या आंदोलन आगे भी इसी तरह जारी रहता है। 

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