रांची, राज्य ब्यूरो। झारखंड लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित होनेवाली विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाएं शुरू से ही काफी विवादित रही हैं। स्थिति यह है कि झारखंड हाईकोर्ट के आदेश पर जेपीएससी द्वारा ली गई बारह नियुक्ति परीक्षाओं की जांच सीबीआइ से हो रही है। परीक्षाओं में अनियमितता को लेकर तत्कालीन अध्यक्ष और सदस्य के अलावा सचिव के विरुद्ध भी कार्रवाई हुई है। इससे पहले निगरानी जांच तथा बाद में सीबीआइ जांच में भी इन परीक्षाओं में भारी गड़बड़ी की पुष्टि हो चुकी है। सीबीआइ ने तो व्याख्याता नियुक्ति में गड़बड़ी की चार्जशीट भी दाखिल कर दी है।

इधर, छठी सिविल सेवा परीक्षा पांच वर्ष से अधिक समय में भी पूरी नहीं हो पाई है। इस परीक्षा में बार-बार विवाद होने तथा राज्य सरकार के हस्तक्षेप के कारण इसकी प्रारंभिक परीक्षा में दो-दो बार संशोधन करना पड़ा। तीन बार इसके परिणाम जारी हुए। हालांकि इस परीक्षा का साक्षात्कार हो चुका है और शीघ्र अंतिम परिणाम जारी होने की उम्मीद है।

नियुक्त हुए नेताओं और अधिकारियों के रिश्तेदार

जेपीएससी द्वारा आयोजित प्रथम एवं द्वितीय सिविल सेवा परीक्षा के अलावा व्याख्याता नियुक्ति में बड़ी संख्या में नेताओं और अधिकारियों के रिश्तेदार नियुक्त हुए। यहां तक कि जेपीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष दिलीप प्रसाद, सदस्य गोपाल सिंह, राधा गोविंद नागेश, शांति देवी के भी कई रिश्तेदार इन परीक्षाओं में चयनित हुए।

इन परीक्षाओं की हो रही सीबीआइ जांच

  1. प्रथम सिविल सेवा परीक्षा
  2. द्वितीय सिविल सेवा परीक्षा
  3. सहायक और कनीय अभियंता
  4. विवि में डिप्टी रजिस्ट्रार नियुक्ति
  5. व्याख्याता नियुक्ति परीक्षा
  6. झारखंड पात्रता परीक्षा
  7. प्राथमिक शिक्षक नियुक्ति परीक्षा
  8. प्रथम सीमित सिविल सेवा नियुक्ति परीक्षा
  9. सहकारिता सेवा परीक्षा
  10. चिकित्सक नियुक्ति परीक्षा
  11. बाजार पर्यवेक्षक नियुक्ति परीक्षा आदि।

Posted By: Alok Shahi

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