विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

झारखंड FRO परीक्षा में AI से हुई चीटिंग, लालू यादव कनेक्शन आया सामने; TDPL कर्मचारी के मोबाइल से अहम खुलासे

Published: Tue, 22 Sep 2026 08:08 AM (IST)

जेपीएससी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी की सीआईडी जांच में एफआरओ परीक्षा में एआई से चीटिंग करने वाले सिंडिकेट का खुलासा हुआ है।

सांकेतिक तस्वीर

सांकेतिक तस्वीर

HighLights

  1. एफआरओ परीक्षा में एआई का उपयोग कर चीटिंग का खुलासा।

  2. टीडीपीएल कर्मचारी रक्षक सिंह के मोबाइल से अहम सबूत मिले।

  3. फरार एजेंट लालू यादव ने भी फर्जीवाड़ा कर परीक्षा पास की।

राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी मामले की जांच कर रही सीआइडी ने परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) के कर्मचारी रहे रक्षक सिंह के मोबाइल की फोरेंसिक जांच कराई है।

फोरेंसिक जांच में हेराफेरी करने वाले सिंडिकेट का खुलासा हुआ है। जांच में पता चला है कि उत्तर पुस्तिकाओं में हेराफेरी के नेटवर्क में रक्षक सिंह भी शामिल था। उत्तर लिखने के लिए एआइ का भी इस्तेमाल किया गया था।

सीआइडी को जांच में रक्षक सिंह के मोबाइल से वन क्षेत्र पदाधिकारी (एफआरओ) नियुक्ति मुख्य परीक्षा के प्रश्न पत्र, उत्तर पुस्तिका स्ट्रांग रूम से बाहर निकाले जाने की गतिविधियों से जुड़ा एक वीडियो मिला है।

रक्षक सिंह ने सीआइडी को बताया है कि उसे टीडीपीएल के निदेशक रणवीर सिंह ने सेटिंग वाले अभ्यर्थियों को यह बताने के लिए कहा था कि जिन प्रश्नों के सटीक उत्तर आए, केवल उन्हीं प्रश्नों का वे हल करेंगे।

परीक्षा के बाद अभ्यर्थियों की ओएमआर शीट की कॉर्बन कापी रणवीर सिंह को दी गई थी। एफआरओ प्रारंभिक परीक्षा की खाली ओएमआर शीट को बाद में टीडीपीएल कार्यालय में कर्मचारी प्रदीप सिंह व दो अन्य ने बैठकर भरा।

रक्षक सिंह के मोबाइल फोन की गैलरी से एफआरओ प्रारंभिक परीक्षा की ओएमआर कार्बन कापी व अभ्यर्थी कापी बरामद की गई थी।

फरार एजेंट लालू यादव ने भी पास की थी 14वीं जेपीएससी पीटी व एफआरओ परीक्षा

सीआइडी ने रांची स्थित सीआइडी की विशेष अदालत में एक फरार आरोपित लालू यादव के विरुद्ध ठोस साक्ष्य दिया है। पूर्व में गिरफ्तार टीडीपीएल के मार्केटिंग मैनेजर अभय कुमार तिवारी ने सीआइडी काे पूछताछ में बताया था कि लालू यादव एजेंट की भूमिका में था और जेपीएससी की परीक्षाओं के लिए अभ्यर्थियों की सेटिंग कराता था।

वह स्वयं भी 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा व एफआरओ की परीक्षा में फर्जीवाड़ा कर पास हुआ था। सीआइडी पूर्व में लालू यादव के आवास में छापेमारी की थी, जहां से अभय तिवारी के हस्ताक्षर किए हुए आठ लाख रुपये के चेक, विभिन्न बैंकों के कई खाली चेक व अन्य अभ्यर्थियों की ओएमआर शीट की कार्बन कापियां मिली थी।

सीआइडी को यह भी सबूत मिला है कि लालू यादव ने अभय तिवारी केा यूपीआइ के माध्यम से 1.40 लाख रुपये स्थानांतरित की थी। सीआइडी को अब लालू यादव की तलाश है, जो फिलहाल फरार है।

यह भी पढ़ें- 14वीं JPSC धांधली में लालू यादव की अग्रिम जमानत याचिका खारिज, रंगदारी मामले में राजा अंसारी को भी राहत नहीं