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JPSC: विवादों में सहायक लोक अभियोजक परीक्षा का परिणाम, 2 सदस्यों की असहमति के बावजूद रिजल्ट जारी

Published: Sun, 21 Jun 2026 11:06 PM (IST)

झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) सहायक लोक अभियोजक (एपीपी) प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम को लेकर फिर विवादों में है।

झारखंड लोक सेवा आयोग। (फाइल फोटो)

झारखंड लोक सेवा आयोग। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. एपीपी प्रारंभिक परीक्षा परिणाम पर जेपीएससी विवादों में।

  2. दो सदस्यों ने परिणाम को विज्ञापन के अनुरूप नहीं माना।

  3. कंप्यूटर प्रमाण पत्र की वैधता पर उठे गंभीर सवाल।

राज्य ब्यूरो, रांची। सहायक लोक अभियाेजक (एपीपी) नियुक्ति प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम को लेकर झारखंड लोक सेवा आयोग एक बार फिर विवादों में है।

बताया जाता है कि परीक्षा के परिणाम पर दो सदस्यों ने असहमति जताई थी। उनका कहना था कि परिणाम विज्ञापन के प्रविधानों के अनुरूप नहीं है। इसके बाद भी परिणाम जारी कर दिया गया। इससे कयास लगाया जा रहा है कि आयोग में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है।

बताया जाता है कि 19 जून को परिणाम जारी होने के पूर्व तीन सदस्यों में दो ने असहमति प्रकट की थी। इस तरह कोरम पूरा नहीं हुआ था।

नियम के अनुसार, परिणाम जारी करने से पहले परीक्षा नियंत्रक को आयोग के सभी सदस्यों की सहमति लेनी होती है, लेकिन दो सदस्यों की असहमति के बावजूद रिजल्ट जारी कर दिया गया।

इससे पूरी चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि दो सदस्यों डॉ. अजिता भट्टाचार्य तथा डॉ. अनिमा हांसदा ने पूछे जाने पर किसी भी टिप्पणी से इनकार किया।

प्रमाणपत्र को लेकर विवाद

वहीं, एक अन्य सदस्य जमाल अहमद ने फोन नहीं उठाया। इस परिणाम में विवाद कंप्यूटर संचालन के प्रमाणपत्र को लेकर है।

विज्ञापन में स्पष्ट है कि प्रमाणपत्र झारखंड के किसी संस्थान का ही होना चाहिए, जबकि प्रारंभिक परीक्षा में उत्तीर्ण कई अभ्यर्थियों का प्रमाणपत्र दूसरे राज्यों का है।

कुल 134 पदों के लिए यह परीक्षा पिछले वर्ष 20 दिसंबर को हुई थी। यदि इस परिणाम पर विवाद बढ़ता है तो आयोग को संशोधित परिणाम जारी करना पड़ सकता है।

ऐसे में वे अभ्यर्थी कोर्ट भी जा सकते हैं, जिनका चयन वर्तमान परिणाम तो हुआ, लेकिन संशोधित परिणाम में नहीं होगा। इस परीक्षा से संबंधित एक मामला झारखंड उच्च न्यायालय में पहले से है। बताते चलें कि पूर्व में भी जेपीएससी की कई परीक्षाएं एवं परिणाम विवादों में रहे हैं।

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