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ऐसे तो बंद हो जाएगी मंइयां सम्मान योजना! सीएम हेमंत सोरेन का एलान- झारखंड ऐसा बड़ा आंदोलन करेगा, पूरा देश देखेगा

Published: Thu, 13 Aug 2026 09:04 PM (IST)

झामुमो खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 के विरोध में 'खनिज बचाओ, मंइयां सम्मान बचाओ' आंदोलन शुरू ...और पढ़ें

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने की वीडियो कांफ्रेंसिंग, खान और खनिज संशोधन विधेयक के खिलाफ झामुमो का महाआंदोलन।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने की वीडियो कांफ्रेंसिंग, खान और खनिज संशोधन विधेयक के खिलाफ झामुमो का महाआंदोलन।

HighLights

  1. झामुमो खान और खनिज संशोधन विधेयक, 2026 का विरोध करेगा।

  2. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने केंद्र पर अधिकारों के हनन का आरोप लगाया।

  3. 'खनिज बचाओ, मंइयां सम्मान बचाओ' नारे के साथ आंदोलन।

राज्य ब्यूराे, रांची। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 के विरोध में बड़ा आंदोलन की तैयारी कर रहा है। इसे लेकर मुख्यमंत्री सह पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के सभी जिलों के पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के साथ संवाद किया।

इसमें विधायक कल्पना सोरेन भी सम्मिलित हुईं। इधर, पार्टी ने ''खनिज बचाओ, मंइयां सम्मान बचाओ'' नारे के साथ आंदोलन का निर्णय किया है। कल्पना सोरेन ने एक्स पर वीडियो कांफ्रेंसिंग की जानकारी देते हुए सवाल उठाया कि खनिज हमारा, जमीन हमारी, संसाधन हमारे तो झारखंड के हक-अधिकार का फैसला झारखंड की आवाज को नजरअंदाज कर कैसे लिया जा सकता है?

उन्होंने कहा कि खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 के माध्यम से झारखंड के अधिकारों पर किए जा रहे प्रहार के खिलाफ हम सभी अपने नेता के साथ कदम से कदम मिलाकर मजबूती से खड़े हैं।

उन्होंने लिखा कि झारखंड संघर्ष की धरती है। अपने जल-जंगल-जमीन, संसाधनों और अधिकारों की रक्षा के लिए हमारे पुरखों ने लंबी लड़ाई लड़ी है। आज भी जब झारखंड और झारखंडियों के हक-अधिकार की बात आएगी, हम एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद करेंगे। गांव से पंचायत, प्रखंड से जिला और शहर तक झारखंड के अधिकारों की यह लड़ाई मजबूती से लड़ी जाएगी।

इधर, झामुमो ने अपने अधिकृत मीडिया अकाउंट पर लिखा कि आंदोलन होगा- देश का सबसे बड़ा आंदोलन होगा। भाजपा का यह काला कानून सिर्फ झारखंड के खनिज अधिकार पर हमला नहीं है। इसका असर सीधे मंइयां सम्मान पर पड़ेगा।

खनिज से मिलने वाला 14,656 करोड़ रुपये का अनुमानित राजस्व झारखंड की महिलाओं, बच्चों और गरीब परिवारों पर खर्च होता है। आरोप लगाया कि भाजपा चाहती है कि खनिज कंपनियों को फायदा मिले, लेकिन झारखंड अपनी बहनों का सम्मान न कर सके।

खनिज झारखंड का, जमीन हमारी, फिर फैसला दिल्ली से क्यों : हेमंत

मुख्यमंत्री सह झामुमो के केंद्रीय अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को लेकर केंद्र पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने इस संशोधन विधेयक पर आपत्ति करते हुए सवाल उठाया कि खनिज झारखंड का, जमीन झारखंड की, फिर हमारे हक और अधिकार का फैसला दिल्ली में बैठी केंद्र सरकार क्यों करेगी।

उन्होंने अपने एक्स अकाउंट पर इस विधेयक का विरोध करते हुए लिखा कि केंद्र सरकार ने झारखंड के हाथ-पैरों को काटने का काम किया है। मुख्यमंत्री के अनुसार, यह काला विधेयक झारखंड और झारखंडियों के साथ अन्याय है।

उनके विकास और भविष्य पर बहुत बड़ा कुठाराघात है। झारखंड यह सौतेला व्यवहार नहीं सहेगा। उन्होंने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा इसका पुरजोर विरोध करता है। अगर केंद्र सरकार ने यह काला बिल वापस नहीं लिया तो झारखंड ऐसा बड़ा आंदोलन करेगा, जिसे पूरा देश देखेगा। प्रत्येक जिला, प्रत्येक प्रखंड, प्रत्येक पंचायत, प्रत्येक शहर में इसका कड़ा विरोध किया जाएगा।

अगर केंद्र सरकार नहीं चेती, और झारखंड तथा झारखंडियों को उसका हक-अधिकार वापस नहीं किया गया तो झारखंड निर्णायक और ऐतिहासिक निर्णयों को लेने से पीछे भी नहीं हटेगा। झारखंड ऐसा बड़ा आंदोलन खड़ा करेगा, जिसे पूरा देश देखेगा।

बंद हो जाएंगी मंइयां सम्मान सहित कई योजनाएं

हेमंत ने कहा कि इस संशोधन विधेयक के लागू होने पर झारखंड को होनेवाले आर्थिक नुकसान से झारखंड में करोड़ों लोगों के सामाजिक सुरक्षा जैसे मंइयां सम्मान योजना, अबुआ आवास योजना, पेंशन, शिक्षा, स्वास्थ्य, आदि योजनाएं बंद होने के कगार पर आ जाएंगी। 

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