रांची, राज्य ब्यूरो। राज्य में सत्तासीन गठबंधन का नेतृत्व कर रहे झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) में मेगा शो की तैयारी है। इसका आगाज दो फरवरी से प्रदेश की उप राजधानी दुमका से और समापन चार फरवरी को धनबाद में होगा। चार फरवरी 1973 को झामुमो प्रमुख शिबू सोरेन ने लोकप्रिय नेता विनोद बिहारी महतो संग पार्टी की नींव रखी थी।

झारखंड मुक्ति मोर्चा के लिए संताल परगना उर्वरक रहा है। हालिया विधानसभा चुनाव में यहां से झामुमो को अधिकांश सीटें जीतने में कामयाबी मिली थी। झामुमो की सहयोगी कांग्रेस का प्रदर्शन भी बेहतर हुआ। हालांकि लोकसभा चुनाव में झामुमो प्रमुख शिबू सोरेन दुमका सीट से चुनाव हार गए थे, जिसका तात्कालिक असर जरूर पड़ा। विधानसभा चुनाव में इसकी भरपाई भी हो गई। भाजपा को पछाड़ते हुए झारखंड मुक्ति मोर्चा ने दमदार वापसी की।

स्थापना दिवस समारोह में झामुमो प्रमुख शिबू सोरेन के संदेश का खास महत्व है। पूरे संताल परगना से यहां झामुमो समर्थकों का जुटान होता है। अरसे से हो रहा यह आयोजन अब वार्षिक मेले में तब्दील हो चुका है। बदली राजनीतिक परिस्थितियों में झामुमो के पास सत्ता है, लिहाजा इस आयोजन की महत्ता बढ़ गई है। झामुमो सत्ता में भागीदारी के बाद अपने एजेंडे को आगे बढ़ाएगी और स्थापना दिवस समारोह इसका बेहतर मौका हो सकता है।

इस मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मौजूदगी के भी मायने होंगे। हेमंत सोरेन ने झामुमो प्रमुख शिबू सोरेन के उत्तराधिकारी के तौर पर खुद को साबित किया है। वे फिलहाल कार्यकारी अध्यक्ष की भूमिका में हैैं और शीर्ष पर सारे फैसले भी लेते हैैं। हालिया विधानसभा चुनाव में जीत का सेहरा उनके सिर बंधा है, जिससे वे ज्यादा प्रभावी होकर उभरे हैैं।

सबसे ज्यादा सीटें मिली चुनाव में

हालिया विधानसभा चुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा को अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन का मौका मिला है। झामुमो ने 30 सीटों पर कामयाबी हासिल की है जबकि 2014 के विधानसभा चुनाव में 19 सीटें जीतने में सफलता मिली थी। झामुमो के समक्ष चुनौती अपने आधार क्षेत्र का विस्तार करना है। फिलहाल झारखंड में भाजपा का विजय रथ रोककर झामुमो ने सबको चौंकाया है।

Posted By: Alok Shahi

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