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JLKM नेताओं ने राज्यपाल से उठाई 6 सूत्रीय मांगें, ग्लोबस स्पिरिट्स और क्रशर संचालकों पर कार्रवाई की अपील

By Manoj Kumar SinghEdited By: Nishant Bharti
Published: Thu, 17 Sep 2026 11:59 AM (IST)

झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर कोल्हान प्रमंडल की गंभीर जनसमस्याओं पर तत्काल कार्रवाई की मांग की ...और पढ़ें

राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन

राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन

HighLights

  1. सुवर्णरेखा नदी कटाव से कृषि भूमि का नुकसान, मुआवजे की मांग।

  2. अवैध पत्थर खनन, क्रशर संचालन से भू-धंसान, प्रदूषण का खतरा।

  3. सिलिकोसिस महामारी से मौतें, पीड़ितों को मुआवजा व रोजगार मिले।

राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) कोल्हान प्रमंडल के प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड के महामहिम राज्यपाल को एक गंभीर ज्ञापन सौंपते हुए बहरागोड़ा एवं धालभूमगढ़ प्रखंड (पूर्वी सिंहभूम) में व्याप्त गंभीर जनसमस्याओं, पर्यावरणीय नियमों के घोर उल्लंघन, वन भूमि के अतिक्रमण और सिलिकोसिस महामारी से हो रही मौतों पर तत्काल उच्च स्तरीय कार्रवाई की मांग की है।

प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व JLKM कोल्हान प्रमंडल के उपाध्यक्ष कलन महतो और रविंदर कुमार महतो ने किया। नेताओं ने राज्यपाल को क्षेत्र की बदहाल स्थिति से अवगत कराते हुए मुख्य रूप से निम्नलिखित 6 सूत्रीय मांगें रखीं:

प्रमुख मांगें एवं मुद्दे

सुवर्णरेखा नदी का कटाव: बहरागोड़ा प्रखंड में सुवर्णरेखा नदी के भीषण कटाव से सैकड़ों एकड़ उपजाऊ कृषि भूमि नदी में विलीन हो चुकी है। प्रभावित किसानों के लिए विशेष पुनर्वास पैकेज, उचित मुआवजे और कटाव रोकने के लिए मजबूत तटबंध (गैबियन वॉल) बनाने की मांग की गई है।  

अवैध खनन, क्रशर संचालन और ब्लास्टिंग पर रोक: झरिया में दिलीप बिल्डकॉन लिमिटेड द्वारा लगभग 300 फीट की अत्यधिक गहराई तक पत्थर खनन से भू-धंसान (Land Subsidence) का गंभीर खतरा पैदा हो गया है। 

चाड़कमारा , मोहनपुर एवं गुहियापाल मौजा में एक ही तर्ज पर क्रशर लगाकर अवैध रूप से पत्थर खनन, व्यावसायिक गतिविधियों और अत्यधिक तीव्र क्षमता वाले डायनामाइट विस्फोट (Dynamite Blasting) कर संचालन किया जा रहा है। जिससे लोगों के मकान भवन में दरारें पड़ रही हैं ।

गुहीआपाल मौजा में अशोक कुमार बाला (मेसर्स जय गुरु स्टोन क्रशर / गुहीआपाल स्टोन माइंस) द्वारा भी ये गतिविधियां चलाई जा रही हैं, जिससे भारी दहशत और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंच रहा है. स्वीकृत प्लॉटों की आड़ में गैर-स्वीकृत प्लॉटों से हो रहे अवैध खनन और भारी हाइवा के परिवहन से सड़कें व नहरें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं।  

मुड़ादेवता में शारदा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड की जांच: थर्माकोल और पॉलिस्टायरीन से दोना-पत्तल बनाने वाली इस फैक्ट्री की वैधता, पर्यावरणीय स्वीकृतियों और अपशिष्ट निस्तारण की उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई है।  

ग्लोबस स्पिरिट्स लिमिटेड (उल्दा) का प्रदूषण और वन भूमि अतिक्रमण: कंपनी द्वारा भारी मात्रा में वायु और जल प्रदूषण फैलाया जा रहा है, जिससे कृषि भूमि नष्ट हो रही है और भूजल स्तर सूख रहा है। इसके साथ ही, ग्लोबस स्पिरिट्स लिमिटेड द्वारा बड़े पैमाने पर वन भूमि (बनांचल क्षेत्र) का अवैध अतिक्रमण किया जा रहा है, और तमाम शिकायतों के बावजूद वन विभाग पूरी तरह मौन है, जिसकी उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई है।

गजानन फेरो प्राइवेट Ltd. (कदमबेड़ा) पर कार्रवाई: प्लांट के संचालन से फैल रहे प्रदूषण और हृदय रोगियों, बुजुर्गों व बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो रहे भारी ध्वनि वाले साइरन के इस्तेमाल पर तुरंत रोक लगाने की मांग की गई है।  

सिलिकोसिस महामारी - खेतान एंटरप्राइजेस, कृष्णा एंड कृष्णा उद्योग: बेतझरिया स्थित खेतान एंटरप्राइजेस और धालभूमगढ़ प्रखंड के विलेज जोरेसोल (Joresole) स्थित प्लांट एड्रेस वाली कंपनी 'कृष्णा एंड कृष्णा उद्योग' (जो क्वार्ट्ज, क्वार्ट्जाइट पत्थर और सिलिका रैमिंग मास के उत्पादन से जुड़ी है) के क्रशिंग/मिनरल पाउडर प्लांटों से उड़ने वाली अत्यधिक घातक सिलिका धूल के कारण स्थानीय मजदूरों और ग्रामीणों में 'सिलिकोसिस' (Silicosis) जैसी जानलेवा फेफड़ों की बीमारी तेजी से फैल रही है।  

इन फैक्ट्रियों में डस्ट कंट्रोल के मानकों की अनदेखी के कारण कई मजदूरों की अकाल मौत हो चुकी है, लेकिन प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।  

मांग की गई है कि क्षेत्र में तत्काल विशेष मेडिकल कैंप लगाए जाएं, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो तथा सिलिकोसिस पीड़ितों/मृतक परिवारों को उचित मुआवजा और आश्रितों को रोजगार दिलाया जाए।  

जेएलकेएम नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने इन लापरवाह कंपनियों, क्रशर संचालकों और अवैध अतिक्रमणकारियों पर जल्द शिकंजा नहीं कसा, तो पार्टी व्यापक जन-आंदोलन के लिए बाध्य होगी।

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