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झारखंड में शुरू होगी 'उड़ान' योजना: स्टूडेंट्स के साथ टीचर भी जाएंगे एजुकेशनल टूर पर, CM हेमंत ने दी मंजूरी

Published: Sat, 24 Oct 2026 05:30 AM (IST)

झारखंड सरकार ने विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए 'उड़ान' योजना शुरू करने का निर्णय लिया है, जिसके तहत उन्हें शैक्षणिक भ्रमण पर भेजा जाएगा।

सीएम हेमंत सोरेन। (फाइल फोटो)

सीएम हेमंत सोरेन। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. 'उड़ान' योजना के तहत विद्यार्थी-शिक्षक जाएंगे शैक्षणिक भ्रमण पर।

  2. प्रतिवर्ष 1,680 विद्यार्थी और 2,244 शिक्षक होंगे शामिल।

  3. योजना का लक्ष्य शैक्षिक अनुभव और व्यावसायिक विकास बढ़ाना।

नीरज अम्बष्ठ, रांची। अभी तक समग्र शिक्षा अभियान के तहत माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थी दूसरे राज्य शैक्षणिक भ्रमण पर जाते थे।

हाल के वर्षों में यह योजना भी बंद थी। अब राज्य सरकार ने विद्यार्थियों के साथ-साथ शिक्षकों को भी शैक्षणिक भ्रमण पर ले जाने का निर्णय लिया है।

इसे लेकर इसी वित्तीय वर्ष से 'उड़ान' (यूनिफाइड डवलपमेंट थ्रो एकेडमिक एडवांसमेंट एंड नेशनल एक्सपोजर) योजना शुरू होगी।

स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा पांच वर्षों के लिए तैयार इस योजना पर विभागीय मंत्री के रूप में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्वीकृति प्रदान कर दी। अब इसपर योजना प्राधिकृत समिति तथा कैबिनेट की स्वीकृति ली जाएगी।

प्रस्तावित योजना के तहत प्रत्येक वर्ष 1,680 विद्यार्थी तथा 2,244 शिक्षक शैक्षणिक भ्रमण पर भेजे जाएंगे। चयन विभिन्न मानकों के आधार पर तकनीकी रूप से होगा।

शैक्षणिक भ्रमण से लौटने के बाद ये अपना अनुभव क्रमश: अन्य विद्यार्थियों और शिक्षकों से साझा करेंगे। पांच वर्ष में कुल 8,400 विद्यार्थियों तथा 11,220 शिक्षकों को इस भ्रमण पर ले जाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसपर 14.91 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

योजना के तहत कक्षा एक से पांच के विद्यार्थियों को जिला स्तरीय, कक्षा छह से आठ के विद्यार्थियों को अंतर जिला तथा कक्षा नौ से 12 के विद्यार्थियों को अंतरराज्यीय शैक्षणिक भ्रमण पर ले जाया जाएगा।

वहीं, सभी शिक्षक अंतरराज्यीय शैक्षणिक भ्रमण पर जाएंगे। विद्यार्थियों और शिक्षकों का चयन इस प्रकार किया जाएगा ताकि सभी जिलों, जेंडर, श्रेणी का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित हो सके। 50 प्रतिशत छात्राएं अनिवार्य रूप से हाेंगी।

इस योजना का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को जिला स्तर, अंतर जिला एवं अंतरराज्यीय शैक्षिक भ्रमण के माध्यम से व्यवस्थित शैक्षिक अनुभव उपलब्ध कराना है। साथ ही इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में शैक्षिक जागरुकता, उच्च शिक्षा एवं करियर के अवसरों, नवाचार, वैज्ञानिक प्रगति एवं सार्वजनिक संस्थानों के प्रति जागरुकता बढ़ाना है।

साथ ही शिक्षकों को उत्कृष्ट शिक्षण पद्धतियों, शैक्षिक प्रौद्योगिकी एवं संस्थागत मॉडलों का प्रत्यक्ष अनुभव उपलब्ध कराकर उनके व्यावसायिक विकास एवं शिक्षण क्षमता को सुदृढ़ करना है।

इन मापदंडों के आधार पर होगा चयन

विद्यार्थियों के लिए

  • उपस्थिति
  • रेगुलर असेसमेंट फार इंप्रूव्ड लर्निंग (रेल) में सहभागिता
  • शैक्षणिक सहभागिता
  • अकादमिक प्रदर्शन

शिक्षकों के लिए

  • उपस्थिति
  • टीचर नीड असेसमेंट में सहभागिता एवं प्रदर्शन
  • सतत व्यावसायिक विकास कार्यक्रम का सफल समापन
  • शैक्षणिक प्रदर्शन एवं शिक्षा संकेतकों में सुधार में योगदान।

प्रतिवर्ष इतने विद्यार्थियों और शिक्षकों को मिलेगा लाभ

  • कक्षा एक से पांच के विद्यार्थी : 960
  • कक्षा छह से आठ के विद्यार्थी : 360
  • कक्षा नौ से 12 : 360
  • शिक्षक : 360
  • एस्कार्ट शिक्षक : 168
  • समूह पर्यवेक्षक : 36

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