झारखंड से होगा यूरेनियम का इस्तेमाल, बढ़ेगी परमाणु ऊर्जा की क्षमता: डॉ. मोहंती
भारत सरकार के परमाणु ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. अजीत कुमार मोहंती ने बताया कि झारखंड में यूरेनियम खनन बढ़ेगा ...और पढ़ें

भारत सरकार के ऊर्जा विभाग के सचिव डाॅ. अजीत कुमार मोहंती से बातचीत।
HighLights
झारखंड में यूरेनियम खनन और परमाणु ऊर्जा की संभावनाएं।
2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा का लक्ष्य।
परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में छात्रों के लिए उज्ज्वल करियर।
जागरण संवाददाता, रांची। बीआइटी मेसरा के 36वें दीक्षा समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भारत सरकार के परमाणु ऊर्जा आयोग के सदस्य व परमाणु ऊर्जा विभाग के सचिव डाॅ. अजीत कुमार मोहंती शामिल हुए। जिसके बाद उनसे परमाणु ऊर्जा की संभावनाएं सहित अन्य परिपेक्ष्य में जागरण संवाददाता ने विशेष बातचीत की।
झारखंड में परमाणु ऊर्जा को लेकर क्या संभावनाएं हैं?
जवाब: न्यूक्लियर पावर प्लांट के लिए जमीन चाहिए जिसके आसपास पानी होना चाहिए। इसके अलावा कोई गतिविधि नहीं हो। झारखंड में यूरेनियम है और यहां परमाणु ऊर्जा की संभावनाएं भी है। हमारा फोकस है कि झारखंड में इस तरह के काम हो और यहां के लोगों को भी फायदा मिले। झारखंड में मिनरल की कमी नहीं है। यह जो यूरेनियम है, उसको हम नेचुरल यूरेनियम बोलते हैं।
झारखंड में भी है और दूसरे स्टेट में भी है, आंध्रा में भी है और कुछ-कुछ स्टेट में भी है। यहां यूरोनियम को नेचुरल यूनेरियम बोला जाता है हम आने वाले समय में यहां माइनिंग भी करेंगे, इसका रोल भी बढ़ेगा। हम कारपोरेशन भी बना रहे हैं
नेट जीरो की बात चल रही है, कोयला के बाद क्या परमाणु ऊर्जा विकल्प बनेगा?
जवाब: पूरी तरह से कोयला समाप्त नहीं होगा पर परमाणु ऊर्जा का योगदान धीरे-धीरे बढ़ेगा। अभी हमारा जो प्लान है 100 गिगावाट 2047 तक का है। हम इसी उम्मीद में हम चल रहे हैं कि इतना हम अर्जित करेंगे। आज की क्षमता हमारी लगभग 9 गिगावाट है, उसको बढ़ाने की तैयारी चल रही है। वहीं हम न्यूक्लियर पावर कारपोरेशन भी बना रहे हैं।
परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में विद्यार्थियों का क्या करियर विकल्प है?
जवाब: परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में विद्यार्थियों का बहुत करियर विकल्प है। हमें तो साइंटिस्ट भी चाहिए और इंजीनियर भी। इसलिए आज के विद्यार्थियों को रिसर्च पर फोकस करने की जरूर है। कई ऐसे विकल्प आज के समय में विद्यार्थियों को मिल रहे हैं। बस जरूरत है इसपर ध्यान देने की।
झारखंड के विद्यार्थियों को क्या संदेश देना चाहेंगे?
जवाब: पढ़ाई करो, अच्छे से पढ़िए। जो कर रहे हैं ठीक करिए और पढ़ाई। जो भी पढ़ें चाहे इंजीनियरिंग पढ़ें या साइंस पढ़ें।इसका फ्यूचर तो बहुत है। ऐसा नहीं कि सिर्फ न्यूक्लियर डिपार्टमेंट में और एनर्जी सेक्टर में।
इसके अलावा भी कई सेक्टर में बेहतर किया जा सकता है। जो विद्यार्थी अच्छा करते हैं उन्हें हम लेते हैं। इसलिए यहां के विद्यार्थियों के लिए अवसर खुले हुए हैं।
