झारखंड में बिजली गुल न हो, वित्त विभाग करेगा समाधान: टीवीएनएल, सीसीएल और जेवीवीएनएल के बीच करोड़ों का बकाया
झारखंड में तेनुघाट विद्युत ताप निगम (टीवीएनएल), सेंट्रल कोलफील्ड लिमिटेड (सीसीएल) और झारखंड राज्य विद्युत वितरण निगम (जेवीवीएनएल) के बीच ...और पढ़ें

टीवीएनएल, सीसीएल और राजस्व व भूमि सुधार के बीच करोड़ों के लेनदेन का हिसाब आधा अधूरा।
HighLights
टीवीएनएल, सीसीएल, जेवीवीएनएल के बीच करोड़ों का बकाया लेनदेन।
राजस्व विभाग ने सीसीएल के बकाया का समायोजन किया।
वित्त विभाग की मध्यस्थता से नए बिजली प्लांट की उम्मीद।
अश्विनी रघुवंशी, रांची। तेनुघाट विद्युत ताप निगम लिमिटेड (टीवीएनएल) झारखंड सरकार का सार्वजनिक उपक्रम है, तो सेंट्रल कोलफील्ड लिमिटेड (सीसीएल) भारत सरकार का। झारखंड राज्य विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (जेवीवीएनएल) झारखंड सरकार के ऊर्जा विभाग का उपक्रम है तो राजस्व एवं भूमि सुधार झारखंड का प्रमुख मंत्रालय है। सब एक-दूसरे के बकाएदार हैं।
झारखंड के मुख्य सचिव और विकास आयुक्त अमूमन समन्वय की राह निकालते हैं। 2024 में वित्त विभाग को शीर्ष स्तर से यह जवाबदेही दी गई। दो साल गुजर चुके हैं। कुछ राशि का समायोजन हुआ है। बड़ी रकम का हिसाब और लेनदेन शेष है।
हां, टीवीएनएल को ऊर्जा विभाग के उपक्रम जेवीवीएनएल से पूरा बकाया मिल जाय तो सबसे लेनदेन के बाद भी वो बिजली का नया प्लांट स्थापित करने की दिशा में कई कदम आगे बढ़ जाएगा। ऐसे घूमता गया बकाया का चक्र-
सीसीएल ने खदान के लिए झारखंड सरकार से जमीन ली
भारत सरकार के उपक्रम सेंट्रल कोलफील्ड लिमिटेड (सीसीएल) को खदान खोलने और संचालन के लिए जमीन चाहिए थी। झारखंड सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने जमीन दी। और भी सहयोग किया गया। सीसीएल पर झारखंड सरकार का करोड़ों का बकाया हो गया।
टीवीएनएल ने संयंत्र के लिए सीसीएल से कोयला लिया
तेनुघाट विद्युत निगम लिमिटेड (टीवीएनएल) का बोकारो जिला के ललपनिया में थर्मल विद्युत उत्पादन संयंत्र है। टीवीएनएल बिजली बनाने के लिए सीसीएल से कोयला लेता रहा है। 2015 से अबतक सीसीएल का टीवीएनएल पर बकाया 2800 करोड़ हो चुका है।
टीवीएनएल से जेवीवीएनएल ने जमकर बिजली लिया
झारखंड की जरूरत की सर्वाधिक बिजली टीवीएनएल से ही मिलती रही है। पहले झारखंड राज्य बिजली बोर्ड था। टीवीएनएल बिजली देता था। जेवीवीएनएल बना तो बोर्ड का पुराना बकाया भी देने का वायदा कर टीवीएनएल से बिजली ले रहा है। फिलवक्त कुल बकाया 8100 करोड़।
भूमि सुधार के बकाया की राशि का किया समायोजित
सीसीएल को खदान के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से बहुत जमीन लेनी पड़ी है। सीसीएल पर जमीन का करोड़ों बकाया है। बकाया की राशि पर विवाद भी रहा है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के बकाया से सीसीएल ने टीवीएनएल के 2344 करोड़ के बकाया का समायोजन कर दिया है।
2024 में व्यवस्था बनी थी कि वित्त विभाग की मध्यस्थता में टीवीएनएल, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, सीसीएल एवं जेवीवीवीएनएल के बकाया के समायोजन का समाधान निकाला जाएगा। सीसीएल का टीवीएनएल पर 28 सौ करोड़ रूपए बकाया था। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का सीसीएल पर बकाया था। उससे टीवीएनएल के साढ़े 23 सौ करोड़ रूपये बकाया का सैद्धांतिक समायोजन हो चुका है। टीवीएनएल भी जेवीवीएनएल से राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के बकाया की राशि से टीवीएनएल की 81 सौ करोड़ का लेनदान है। वह राशि मिलेगी तो नया प्लांट स्थापित करने के काम में गति आएगी।
-अनिल शर्मा, प्रबंध निदेशक, टीवीएनएल
टीवीएनएल पर 28 सौ करोड़ का बकाया था। वित्त विभाग ने समन्वय किया तो टीवीएनएल के बकाया की बड़ी राशि का समायोजन हो चुका है। वैसे इस वक्त भी टीवीएनएल ही सीसीएल का बड़ा बकाएदार है। साढ़े 9 सौ करोड़ में तकरीबन 500 करोड़। हमेशा कोशिश रही है कि नियम के तहत राज्य सरकार के साथ लेखा को दुरूस्त रखा जाय।
-पवन कुमार मिश्रा, निदेशक वित्त, सीसीएल
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