झारखंड में नामकुम-रातू, कांके सहित 100 सीएचसी होंगे अपग्रेड, 600 चिकित्सकों की आवश्यकता
झारखंड सरकार ने राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए 100 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) को अपग्रेड करने ...और पढ़ें

स्वास्थ्य विभाग ने 10 दिनों में सभी जिलों के सिविल सर्जनों से मांगा प्रस्ताव।
HighLights
राज्य में 100 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को अपग्रेड करने का निर्णय।
स्वास्थ्य विभाग ने सिविल सर्जनों से 10 दिनों में मांगे प्रस्ताव।
अपग्रेडेशन हेतु लगभग 600 चिकित्सकों की होगी आवश्यकता, भर्ती प्रक्रिया पर विचार।
राज्य ब्यूरो, रांची। राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए 100 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) को अपग्रेड करने का निर्णय लिया गया है। स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने इसे लेकर सभी जिलों के सिविल सर्जनों से 10 दिनों के भीतर से प्रस्ताव मांगा है।
उन्होंने शुक्रवार को सिविल सर्जनों के साथ वीडियो कान्फ्रेंसिंग के क्रम में सदर अस्पतालों तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में वर्तमान में सृजित पदों तथा आवश्यक पदों का आकलन करते हुए पदों के पुनर्गठन के प्रस्ताव देने को कहा। बैठक में रांची जिले में बुंडू, नामकुम, सिल्ली, रातू, कांके और मांडर जैसे सीएचसी को अपग्रेड करने के का निर्णय लिया गया।
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक सीएचसी का चयन कर उसे अपग्रेड करने की योजना पर काम किया जाए। इसके लिए चयनित अस्पतालों में आवश्यक मानव संसाधन, चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ तथा अन्य पदों की आवश्यकता का आकलन किया जाए।
उन्होंने निर्देश दिया कि जिन स्थानों पर नए अस्पताल भवन बनकर तैयार हो चुके हैं, वहां आवश्यकतानुसार नए पदों का सृजन किया जाए और अनुपयोगी अथवा पुराने पदों को सरेंडर करते हुए उनका उपयोग नए पदों के सृजन में किया जाए।
सभी सिविल सर्जनों को अनुपयोगी पदों को प्रत्यर्पित करते हुए आवश्यक नए पदों के सृजन का प्रस्ताव 10 दिनों के अंदर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। बैठक में बताया गया कि 100 सीएचसी को अपग्रेड करने के लिए लगभग 600 चिकित्सकों की आवश्यकता होगी।
चिकित्सकों की उपलब्धता और नियुक्ति की प्रक्रिया को लेकर भी सिविल सर्जनों को आवश्यक विचार-विमर्श करने का निर्देश दिया गया। बैठक में 30 और 50 बेड के प्रस्तावित एमसीएच केंद्रों के साथ-साथ 100 बेड वाले जिला अस्पतालों के लिए भी चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ के पदों के पुनर्गठन करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में विभाग की विशेष सचिव डा. नेहा अरोड़ा, निदेशक प्रमुख, स्वास्थ्य सेवाएं डा. सिद्धार्थ सान्याल, संयुक्त सचिव ललित मोहन शुक्ला, सीमा कुमारी उदयपुरी एवं अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित थे।
ट्रामा सेंटर के रूप में अपग्रेड होंगे छह सीएचसी
बैठक में कुछ स्वास्थ्य केंद्रों को ट्रामा सेंटर के रूप में भी अपग्रेड करने के लिए प्रस्ताव देने को कहा गया। खासकर तोपचांची, बरही, निरसा, हंसडीहा, बुंडू और चैनपुर स्थित सीएचसी को ट्रामा सेंटर के रूप में अपग्रेड करने पर विचार किया गया।
