रांची, (दिलीप कुमार)। Jharkhand Bhawan New Delhi नई दिल्ली स्थित झारखंड भवन की सुरक्षा में तैनात 40 सुरक्षाकर्मी-पदाधिकारी खतरे में हैं। उनके रहने के लिए झारखंड भवन से करीब दस किलोमीटर दूर लिया गया किराये का मकान जर्जर हो चुका है। आवास की छत टूटकर गिर रही है, प्लास्टर भी गिर रहा है। संभावित खतरे को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने राज्य सरकार से पत्राचार कर सुरक्षाकर्मियों के आवास की वैकल्पिक व्यवस्था करने का आग्रह किया है।

किराए पर लिया गया मकान हो गया जर्जर

पुलिस मुख्यालय ने पत्र में लिखा है कि झारखंड भवन की सुरक्षा में प्रतिनियुक्त पदाधिकारी-कर्मियों के लिए सैदुल्लाजाब, नई दिल्ली में किराया पर लिया गया मकान जर्जर हो चुका है। दीवार व छत का प्लास्टर तो गिर ही रहा है, बरसात के दिनों में सड़क का पानी मकान के अंदर प्रवेश कर रहा है। इसके कारण सेफ्टीटैंक पानी से भर जाता है और सारा कचड़ा बाहर पानी में तैरने लगता है। यह मकान भी इतने अधिक सुरक्षाकर्मियों के आवास के लिए पर्याप्त नहीं है। इसके अलावा नई दिल्ली में लोकसभा सत्र के दौरान ड्यूटी के लिए प्रतिनियुक्त पदाधिकारी-कर्मी के आवास की व्यवस्था भी इसी भवन में किया जाता है, जिसके कारण उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

पुलिस मुख्यालय ने सरकार को लिखा पत्र

पुलिस मुख्यालय ने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि सुरक्षाकर्मियों-पदाधिकारियों की परेशानियों को देखते हुए लगभग 40 सुरक्षाकर्मियों के आवास के लिए पुराने मकान का लीज रद कर वित्तीय नियमानुसार नए सिरे से निविदा आमंत्रित कर अन्य किराये का भवन लेने की प्रक्रिया पूरी की जाय। इसके लिए नई दिल्ली स्थित झारखंड भवन के स्थानिक आयुक्त को राज्य सरकार विभागीय स्तर पर अधिकृत करते हुए निर्देशित करे, ताकि आवास की समस्या का हल निकल सके।

Edited By: M Ekhlaque

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