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झारखंड में रामनवमी पर सुरक्षा का 'चक्रव्यूह': 10,000 से ज्यादा जवान तैनात, ड्रोन और साइबर टीम रखेगी नजर

Published: Thu, 26 Mar 2026 08:52 PM (IST)

झारखंड में रामनवमी शोभा यात्राओं के लिए पुख्ता सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। 10,000 से अधिक जवान तैनात किए गए ...और पढ़ें

फाइल फोटो।

फाइल फोटो।

HighLights

  1. संवेदनशील क्षेत्रों में ड्रोन से होगी कड़ी निगरानी।

  2. सोशल मीडिया पर साइबर सेल की 24 घंटे नजर।

राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड में रामनवमी के अवसर पर निकलने वाली शोभा यात्रा और झांकियों के दौरान सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए झारखंड सरकार ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। राज्य के संवेदनशील इलाकों में झारखंड सशस्त्र पुलिस (जैप), इंडियन रिजर्व बटालियन (आइआरबी) और होमगार्ड के हजारों जवानों को तैनात किया गया है। 
 

सुरक्षा बलों की भारी तैनाती 

शुक्रवार को निकलने वाले मुख्य जुलूस को लेकर राजधानी रांची समेत सभी जिलों में अलर्ट जारी है। विधि-व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए राज्य पुलिस मुख्यालय ने बलों का आवंटन कर दिया है:
  •     जैप और आइआरबी: जिलों में 5,000 अतिरिक्त जवान भेजे गए हैं।
  •     गृह रक्षा वाहिनी (होमगार्ड): 5,400 अतिरिक्त जवानों की ड्यूटी लगाई गई है।
  •     अधिकारी: प्रशिक्षु (Trainee) और हाल ही में प्रोन्नत हुए डीएसपी स्तर के अधिकारियों को भी फील्ड में विधि-व्यवस्था की कमान सौंपी गई है।


मुख्यमंत्री और डीजीपी ने की समीक्षा 

रामनवमी जुलूस के दौरान सुरक्षा का मुद्दा विधानसभा के बजट सत्र में भी गूंजा था। इसके बाद मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलों के डीसी और एसपी को कड़े निर्देश दिए। 
 
डीजीपी तदाशा मिश्रा ने खुफिया तंत्र (Intelligence) को सक्रिय करने का आदेश दिया है ताकि असामाजिक तत्वों और उपद्रवियों पर नकेल कसी जा सके।
 

ड्रोन से निगरानी और 'हाई-अलर्ट' वाले जिले 

जुलूस मार्ग की सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जा रहा है:

  •     ड्रोन कैमरों से संवेदनशील रास्तों की निगरानी की जाएगी। 
  •     ऊंची इमारतों और छतों पर हथियारबंद जवानों की तैनाती रहेगी।

हजारीबाग, लोहरदगा, जमशेदपुर और पलामू जैसे जिलों में विशेष चौकसी बरती जा रही है, जहां पूर्व में सांप्रदायिक तनाव की घटनाएं हो चुकी हैं। इन इलाकों में संदिग्धों के विरुद्ध पहले ही निरोधात्मक कार्रवाई की जा चुकी है।

सोशल मीडिया पर 'तीसरीआंख' का पहरा 

भ्रामक खबरों और नफरत फैलाने वाले पोस्ट को रोकने के लिए साइबर सेल 24 घंटे सक्रिय है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इंटरनेट मीडिया (Facebook, WhatsApp, X) की कड़ी निगरानी की जा रही है।

किसी भी आपात स्थिति के लिए डायल 112 पूरी तरह सक्रिय है। पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे निर्धारित मार्ग का ही पालन करें और किसी भी संदिग्ध वस्तु की सूचना तुरंत दें।