यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 24, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
JPSC Mains. जेपीएससी ने कर ली मुख्य परीक्षा की तैयारी, हाई कोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई
Jharkhand Public Service Commission. 28 जनवरी से एक फरवरी तक होने वाली छठी जेपीएससी मुख्य परीक्षा को लेकर रांची में 58 परीक्षाकेंद्र बनाए गए हैं।

रांची, जासं। झारखंड लोक सेवा आयोग के परीक्षा नियंत्रक राजीव रंजन राय ने बुधवार को समाहरणालय में केंद्राधीक्षक एवं जोनल दंडाधिकारियों को परीक्षा संचालन से संबंधित जानकारी दी गई। रांची में 58 केंद्रों पर 28 जनवरी से एक फरवरी तक दो पालियों में मुख्य परीक्षा होनी है। राय ने कदाचार मुक्त परीक्षा संचालन के लिए सभी को परीक्षा निर्देशिका का पालन अच्छी तरह से करने को कहा। सभी दंडाधिकारियों को ससमय अपने-अपने प्रतिनियुक्त स्थानों पर पहुंचने को कहा। वहीं परीक्षा केंद्र पर विद्यार्थियों के एक मिनट भी विलंब से पहुंचने पर प्रवेश नहीं दी जाएगी।
परीक्षार्थियों को अच्छी तरह से जांच करने का दिया निर्देश : परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्रों में प्रवेश करते समय अच्छी तरीके से जांच करने को कहा गया। ताकि किसी तरह का उपकरण अपने साथ परीक्षा केंद्र में न ले जा सके। साथ ही कहा कि किसी दंडाधिकारी या परीक्षा केंद्राधीक्षक के परिजनों का केंद्र उनके प्रतिनियुक्त स्थान पर हो तो उसकी जानकारी अपर जिला दंडाधिकारी विधि व्यवस्था को आवश्यक रूप से दें, ताकि उनका प्रतिनियुक्त स्थान में परिवर्तन किया जा सके। परीक्षार्थियों को निर्धारित समय से ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश करने दिया जाए। इस अवसर पर अपर जिला दंडाधिकारी विधि व्यवस्था अखलेश कुमार सिन्हा सहित सभी जोनल दंडाधिकारी एवं केंद्राधीक्षक उपस्थित थे।
छठी जेपीएससी मामले में सुनवाई शुक्रवार को : झारखंड हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अनिरुद्ध बोस व जस्टिस रत्नाकर भेंगरा की अदालत में छठी जेपीएससी मामले में दाखिल याचिका पर आंशिक सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान वादी की ओर से अदालत से समय दिए जाने का आग्रह किया गया, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। मामले में अगली सुनवाई 25 जनवरी को निर्धारित की गई है। इस संबंध पंकज कुमार पांडेय ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की है।
याचिका में कहा गया है कि छठी जेपीएससी नियुक्ति को लेकर सरकार ने एक अधिसूचना जारी की थी। इसमें कहा गया है कि न्यूनतम क्वालिफाइंग मार्क्स प्राप्त करने वाले ही मुख्य परीक्षा में शामिल होंगे। इसको पंकज कुमार पांडेय ने एकलपीठ में चुनौती दी। एकलपीठ ने सरकार की अधिसूचना को सही ठहराते हुए उनकी याचिका को खारिज कर दिया थी। एकलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि सरकार इस तरह का निर्णय लेने के लिए सक्षम है। कोर्ट ने इस मामले में हस्तक्षेप से इन्कार करते हुए पंकज कुमार की याचिका को खारिज कर दिया था। इसके बाद इन्होंने एकलपीठ के आदेश को खंडपीठ में चुनौती दी है।