झारखंड पुलिस में 73 सैट टीमों का होगा पुनर्गठन: हर टीम में होंगे 25 जवान, अपराध पर कसेंगे शिकंजा
झारखंड पुलिस मुख्यालय में स्माल एक्शन टीम (सैट) के पुनर्गठन का प्रस्ताव विचाराधीन है।
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एआई द्वारा जेनरेट इमेज।
HighLights
पुलिस मुख्यालय में स्माल एक्शन टीम पुनर्गठन प्रस्ताव लंबित।
माओवाद समाप्ति के बाद अपराध नियंत्रण पर होगा फोकस।
टीमों की संख्या 124 से घटाकर 73 की जाएगी।
राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड में माओवादियों के विरुद्ध करीब दस साल पहले गठित जिला बल, जैप, आईआरबी व एसआईआरबी की स्माल एक्शन टीम (सैट) के पुनर्गठन का प्रस्ताव पुलिस मुख्यालय में लंबित है।
झारखंड में माओवादी विरोधी अभियान के लिए 124 थी, जिसका पुनर्गठन कर संख्या 73 की जानी है। प्रत्येक सैट में 25-25 की संख्या में बल रखा जाना है। इस सैट का इस्तेमाल अपराध के विरुद्ध किया जाना है, क्योंकि माओवाद का राज्य से लगभग सफाया हो चुका है।
सैट के पुनर्गठन को लेकर डीजीपी के निर्देश पर तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति बनाई गई थी। समिति में झारखंड जगुआर के डीआईजी इंद्रजीत महथा के अलावा डीआईजी जैप कार्तिक एस व डीआईजी कोल्हान अनुरंज किस्पोट्टा शामिल किए गए थे।
समिति ने अपनी रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को सौंपी थी। रिपोर्ट मुख्यालय में लंबित है, जिसपर अभी कोई निर्णय नहीं लिया जा सका है।
समिति के प्रस्ताव के अनुसार 73 सैट में जिला बल की 37 व जैप, आईआरबी व एसआईआरबी की 36 टीमें होंगी। जिला बल की 37 सैट में से 13 जिलों में दो-दो सैट यानी कुल 26 सैट और 11 जिलों में एक-एक सैट होगी।
जैप-10 को छोड़ जैप की नौ बटालियनों से दो-दो तथा आईआरबी व एसआईआरबी की नौ बटालियनों से दो-दो यानी कुल 18 बटालियनों से 36 सैट बनेगी।
इन 36 सैट का उपयोग विशेष अभियानों व क्राइम टास्क फोर्स (सीटीएफ) के रूप में किया जाना है। प्रत्येक सैट में 25-25 अधिकारियों-जवानों का बल होगा।
एक सैट में एक दारोगा, एक जमादार, चार हवलदार व 19 जवान शामिल होंगे। प्रस्ताव है कि यदि चार जवान अवकाश पर भी रहें तो टीम में कम से कम 20 पदाधिकारी-जवान की उपस्थिति अनिवार्य होगी।
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