रांची, राज्य ब्यूरो। झाविमो की महिला नेत्री के यौन उत्पीडऩ मामले में आरोपित विधायक प्रदीप यादव ने हाई कोर्ट की शरण ली है। गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्होंने हाई कोर्ट में अग्र्रिम जमानत याचिका दाखिल की है। उनकी ओर से अधिवक्ता राजेंद्र कृष्णा ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की है। उन्होंने बताया कि इस मामले में पुलिस ने प्रदीप यादव को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया था। उन्होंने जांच में सहयोग करते हुए पुलिस के पास अपना बयान दर्ज कराया। जब वो जांच में सहयोग कर रहे हैं, ऐसे में उन्हें गिरफ्तार करने का कोई पर्याप्त कारण नहीं बनता है।
इसी आधार पर उनकी ओर से हाई कोर्ट से अग्र्रिम जमानत दिए जाने की गुहार लगाई गई है। बता दें कि पार्टी की एक महिला नेत्री ने प्रदीप यादव पर यौन उत्पीडऩ का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई है। प्रदीप यादव ने इस मामले में निचली अदालत में अग्र्रिम जमानत याचिका दाखिल की थी। जिसे अदालत ने खारिज कर दिया। अब उनके खिलाफ वारंट जारी किया गया। इसके तहत देवघर पुलिस उनको गिरफ्तार करने के लिए कई जगहों पर छापेमारी कर रही है।
देवघर पुलिस की टीम रविवार शाम प्रदीप यादव को गिरफ्तार करने रांची पहुंची। इंस्पेक्टर संगीता के नेतृत्व में पहुंची टीम ने विधायक के डोरंडा स्थित आवास में छापेमारी की। हालांकि छापेमारी के दौरान विधायक फरार मिले। इसके बाद पुलिस की टीम उनके अन्य ठिकानों को खंगाल रही है। बताते चलें कि बीते शनिवार को विधायक प्रदीप यादव के खिलाफ देवघर सीजेएम कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। प्रदीप यादव के खिलाफ शुक्रवार को पुलिस ने अदालत में गिरफ्तारी वारंट के लिए अर्जी थी। कोर्ट ने शनिवार को सुनवाई के बाद गिरफ्तारी वारंट जारी किया। 

अग्रिम जमानत याचिका हुई थी खारिज
18 जून को देवघर कोर्ट ने मामले को लेकर विधायक प्रदीप यादव की ओर से दाखिल अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इससे पहले 17 जून को विधायक के अधिवक्ता ने अपना पक्ष रखा था, जिसे सुनने के बाद एडीजे प्रथम ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। जेवीएम के पूर्व महासचिव और पोड़ैयाहाट से विधायक प्रदीप यादव पर जेवीएम की महिला नेत्री ने यौन उत्‍पीड़न का मामला दर्ज कराया है। 

13 जून को प्रदीप यादव ने दर्ज कराया था अपना बयान
13 जून को प्रदीप यादव ने साइबर थाना में एसडीपीओ विकास चंद्र श्रीवास्तव और आइओ संगीता कुमारी के सामने अपना बयान दर्ज करवाया था। पुलिस ने बंद कमरे में उनसे दो घंटे तक पूछताछ की थी। इससे पहले प्रदीप यादव को अपना पक्ष रखने के लिए सात जून तक का समय दिया गया था, लेकिन प्रदीप यादव ने थोड़ा समय मांगा था। इसके बाद उन्हें 13 जून तक का समय दिया गया था।

Posted By: Alok Shahi

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