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देश के लिए जीते 3 इंटरनेशनल गोल्ड, आज रांची में सब्जी बेचने को मजबूर पैरा एथलीट पुष्पा मिंज

By Mansi KumariEdited By: Mansi Kumari
Published: Tue, 15 Sep 2026 08:49 PM (IST)

देश के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीन गोल्ड मेडल जीतने वाली पैरा एथलीट पुष्पा मिंज आज रांची में सब्जी बेचकर ...और पढ़ें

सब्जी बेचती पैरा एथलीट पुष्पा मिंज। जागरण

सब्जी बेचती पैरा एथलीट पुष्पा मिंज। जागरण

HighLights

  1. पुष्पा मिंज ने देश के लिए 3 अंतरराष्ट्रीय गोल्ड मेडल जीते।

  2. आर्थिक तंगी के कारण रांची में सब्जी बेचकर जीवन यापन।

डिजिटल डेस्क, रांची। देश के लिए मेडल जीतने वाली एक खिलाड़ी आज अपनी जिंदगी चलाने के लिए रांची की सड़क किनारे सब्जी बेच रही हैं। यह कहानी है झारखंड की पैरा एथलीट पुष्पा मिंज की, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए तीन गोल्ड और एक ब्रॉन्ज मेडल जीता है।

एशियन स्तर की प्रतियोगिता में भी उन्होंने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया है। लेकिन आज उनकी जिंदगी ऐसी है कि सुबह और शाम सब्जी बेचकर गुजारा करना पड़ रहा है।

मेडल जीतने वाले हाथ अब सब्जी बेचकर चला रहे घर

रांची के कड़रू ब्रिज के नीचे पुष्पा मिंज सुबह करीब 6:30 बजे सब्जी लेकर बैठ जाती हैं। करीब 10 बजे तक सब्जी बेचने के बाद फिर शाम 4 बजे से रात 8 बजे तक यही सिलसिला चलता है। वर्ष 2020 के बाद से वह इसी तरह सब्जी बेचकर अपना जीवन चला रही हैं।

पुष्पा रांची में किराये के मकान में रहती हैं और हर महीने करीब 2 हजार रुपये किराया देती हैं। सब्जी बेचकर रोजाना 100 से 200 रुपये तक की ही बिक्री हो पाती है। कई बार सब्जी नहीं बिकती और खराब हो जाती है। ऐसे में उसे फेंकना पड़ता है और सब्जी खरीदने में लगाया पैसा भी डूब जाता है।

आर्थिक परेशानी के बावजूद खेल का जज्बा नहीं टूटा

जिंदगी की मुश्किलों ने पुष्पा को खेल से दूर नहीं किया है। आर्थिक परेशानियों के बावजूद वह आज भी थ्रोबॉल की प्रैक्टिस करती हैं। लेकिन प्रैक्टिस के लिए आने-जाने का खर्च भी उनके लिए बड़ी चुनौती है।

पुष्पा का कहना है कि दूसरे खिलाड़ियों के लिए रहने और अभ्यास की बेहतर सुविधाएं हैं, लेकिन उनके पास अपना ग्राउंड या हॉस्टल जैसी सुविधा नहीं है। उनकी इच्छा है कि खिलाड़ियों के रहने की सुविधा और थ्रोबॉल की प्रैक्टिस के लिए अलग मैदान उपलब्ध कराया जाए, ताकि वह अपने खेल को आगे जारी रख सकें।

नेपाल, थाईलैंड और कंबोडिया में पहना भारत का प्रतिनिधित्व करने का गौरव

पुष्पा मिंज ने नेपाल, थाईलैंड और कंबोडिया में आयोजित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वह तीन गोल्ड और एक ब्रॉन्ज मेडल जीत चुकी हैं। नेशनल स्तर पर भी उनके नाम कई गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल हैं।

पुष्पा अपने खेल के सफर में कोच मुकेश सर के योगदान को भी महत्वपूर्ण मानती हैं। उनका कहना है कि उन्होंने हर संभव सहयोग देकर उन्हें यहां तक पहुंचाया।

मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद भी नहीं मिली खर्च की राशि

पुष्पा के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता से लौटने के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भी मुलाकात की थी। उस दौरान खिलाड़ियों का सम्मान किया गया था। पुष्पा का कहना है कि प्रतियोगिता में हुए खर्च की राशि वापस किए जाने की बात कही गई थी, लेकिन अभी तक उन्हें वह राशि नहीं मिली है।

अब सरकार से सिर्फ एक मांग- नौकरी

पुष्पा की सबसे बड़ी मांग नौकरी है। वह चाहती हैं कि उन्हें ऐसी नौकरी मिले, जिससे सब्जी बेचने की मजबूरी खत्म हो और वह अपने खेल पर बेहतर तरीके से ध्यान दे सकें।

उन्होंने देश और झारखंड का नाम रोशन किया है और आज भी उनके अंदर आगे खेलने का जज्बा है। पुष्पा चाहती हैं कि सरकार उन्हें नौकरी दे, जिससे उनका जीवन स्थिर हो सके और वह नियमित रूप से अभ्यास कर भविष्य में देश और झारखंड के लिए और मेडल जीत सकें। 

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