यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 11, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Jharkhand News: चौतरफा घिरी हेमंत सोरेन की पार्टी झामुमो, अब बचाव के लिए लोकपाल के आदेश को ही दे डाली चुनौती
Jharkhand News झामुमो की दो मौजूदा संपत्तियों की जांच करने का सीबीआइ को निर्देश देने संबंधी लोकपाल के आदेश को ...और पढ़ें

HighLights
- हेमंत सोरेन की पार्टी झामुमो मुश्किल में फंसती नजर आ रही है।
- दो मौजूदा संपत्तियों की जांच करने के लोकपाल के आदेश को झामुमो ने चुनौती दी है।
जागरण संवाददाता, रांची/ नई दिल्ली। Jharkhand News Today: झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की दो मौजूदा संपत्तियों की जांच करने का सीबीआइ को निर्देश देने संबंधी लोकपाल के आदेश को पार्टी ने बुधवार को दिल्ली कोर्ट में चुनौती दी है। झामुमो की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल और अरुणाभ चौधरी ने लोकपाल के चार मार्च के आदेश को चुनौती दी।
लोकपाल ने यह आदेश भाजपा सांसद निशिकांत दुबे द्वारा झामुमो राज्यसभा सदस्य शिबु सोरेन के खिलाफ दी गई शिकायत पर पारित किया था। वरिष्ठ वकील सिब्बल ने कहा कि पहली नजर में यह एक गलत आदेश है।
लोकपाल ने छह महीने के भीतर जांच करने का दिया निर्देश
लोकपाल ने सीबीआइ को झामुमो प्रमुख शिबू सोरेन से जुड़ी कथित बेनामी संपत्तियों की छह महीने के भीतर जांच करने का निर्देश दिया है। लोकपाल ने सीबीआइ से मासिक रिपोर्ट भेजकर जांच की प्रगति से उसे अवगत कराने को भी कहा है।
लोकपाल ने यह भी कहा है कि दो संपत्तियां झामुमो के नाम पर हैं, जो सोरेन द्वारा स्थापित एक राजनीतिक झामुमो प्रमुख शिबू सोरेन से जुड़ी कथित वेनामी संपत्तियों की छह महीने में जांच करने का निर्देश दिया है।
अब 23 अप्रैल को होगी सुनवाई
झामुमो की याचिका पर 23 अप्रैल को न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की पीठ सुनवाई करेगी। झामुमो ने याचिका में कहा कि लोकपाल का आदेश प्रथमदृष्टया अवैध और अधिकार क्षेत्र के बिना था। याचिका में तर्क दिया गया है कि आदेश पारित करने से पहले झामुमो को कोई नोटिस जारी नहीं किया गया और न ही उसे सुनवाई का कोई अवसर नहीं दिया गया।
लोकपाल को दी गई शिकायत में निशिकांत दुबे ने आरोप लगाया था कि सोरेन और उनके परिवार के सदस्यों ने बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया और भ्रष्ट तरीकों को अपनाकर अपने व परिवार के नाम पर आय के स्त्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित की।
निशिकांत दुबे ने शिकायत में कहा था कि शिबू सोरेन और उनके बेटे व झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने करीब मित्र अमित अग्रवाल और उनके परिवार के सदस्यों के स्वामित्व वाली विभिन्न कंपनियों में भारी निवेश किया है।
