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झारखंड में फर्जी जीएसटी बिलों से पंचायत योजनाओं के फंड में बड़ा घोटाला उजागर, लोकायुक्त ने लिया संज्ञान

Published: Fri, 09 Oct 2026 08:00 AM (IST)

लोकायुक्त के आदेश पर वाणिज्य कर विभाग की जांच में गोड्डा के विश्वासखानी पंचायत में फर्जी जीएसटी बिलों के जरिए ...और पढ़ें

लोकायुक्त के आदेश पर वाणिज्य कर विभाग की जांच में हुई है पुष्टि।

लोकायुक्त के आदेश पर वाणिज्य कर विभाग की जांच में हुई है पुष्टि।

HighLights

  1. लोकायुक्त के आदेश पर वाणिज्य कर विभाग ने जांच की।

  2. गोड्डा के विश्वासखानी पंचायत में फर्जी जीएसटी बिलों से गबन।

  3. चार प्रतिष्ठानों ने 48 लाख से अधिक के फर्जी बिल जारी किए।

दिलीप कुमार, रांची। पंचायत की योजनाओं की राशि गबन करने के लिए गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) या माल एवं सेवा कर में फर्जीवाड़ा का मामला उजागर हुआ है। लोकायुक्त के आदेश पर वाणिज्य कर विभाग की जांच में इसकी पुष्टि हुई है।

इसके बाद जांच रिपोर्ट के आधार पर लोकायुक्त जस्टिस अमिताभ कुमार गुप्ता ने वाणिज्य कर विभाग को फर्जी जीएसटी बिल जारी करने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध विधि सम्मत कार्रवाई की अनुशंसा की है। इसके संबंध में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट 15 दिसंबर तक लोकायुक्त कार्यालय को सौंपने को कहा गया है। पूरा मामला गोड्डा जिले के महगामा प्रखंड के ग्राम पंचायत विश्वासखानी का है।

वर्ष 2021 में की गई शिकायत के अनुसार वहां की तत्कालीन मुखिया कंचनमाला, उनके पति अवधेश कुमार सिंह, पूर्व पंचायत सेवक सुबोध कुमार, शारदा इंटरप्राइजेज के मालिक सतीश कुमार, भगत हार्डवेयर के मालिक दिलीप भगत व अन्य पदाधिकारियों पर पंचायत की योजनाओं में गबन का आरोप था।

शिकायतकर्ता अमित कुमार का आरोप था कि उपरोक्त आरोपितों ने धोखाधड़ी, जालसाजी कर 14वें वित्त आयोग, बालू घाट निधि से आवंटित धन राशि का गबन किया है। शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत में कुल छह प्रतिष्ठानों का उल्लेख किया था और आरोप लगाया था कि इन प्रतिष्ठानों ने फर्जी जीएसटी नंबर पर बिल जारी की है।

वाणिज्य कर विभाग ने जब पूरे मामले की जांच की तो पता चला कि सभी छह प्रतिष्ठानों ने 48 लाख 83 हजार 883 रुपये 21 पैसे के कुल 74 बिल जारी किया था। सभी बिल वर्ष 2018-19 की योजनाओं से संबंधित थे।

चार प्रतिष्ठानों ने फर्जी जीएसटी नंबर पर बिल जारी कर किया है लाखों का गबन

लोकायुक्त के आदेश पर वाणिज्य कर विभाग ने शिकायतों की जांच की। जांच में कुल छह आरोपित प्रतिष्ठानों में से केवल चार प्रतिष्ठानों के विरुद्ध फर्जीवाड़ा के सबूत मिले हैं। इनमें मेसर्स शारदा इंटरप्राइजेज का फर्जी जीएसटी नंबर (20सीएईपीके3301जीआइजेडजे), मेसर्स भगत हार्डवेयर का फर्जी जीएसटी नंबर (20बीएलएचपीबी5475एमआइजे3), मेसर्स कृति इंटरप्राइजेज का फर्जी जीएसटी नंबर (10सीबीजीपीएस0349डीआइजेड4) मिला। वहीं, एक अन्य प्रतिष्ठान मेसर्स जीएन इंटरप्राइजेज के पास जीएसटी नंबर नहीं रहते हुए भी जीएसटी लिया गया है।

फर्जी जीएसटी नंबर पर किस प्रतिष्ठान ने कितने का बिल जारी किया

प्रतिष्ठान (Establishment) योजनाओं की संख्या / बिल संख्या कुल राशि (रुपये में)
शारदा इंटरप्राइजेज 4 6,26,542.08
भगत हार्डवेयर 28 19,31,202.23
कृति इंटरप्राइजेज 28 15,98,290.72
जीएन इंटरप्राइजेज 1 62,398.57