झारखंड में होमगार्ड्स का करोड़ों रुपये मानदेय बकाया, विभाग के चक्कर लगा रहे जवान
झारखंड में गृह रक्षकों का करोड़ों रुपये का मानदेय भुगतान लंबित है, जिसमें नगर निकाय चुनाव, कोरोना काल और रामनवमी ड्यूटी का बकाया शामिल है।
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होमगार्ड्स जवान। (फाइल फोटो)
HighLights
गृह रक्षकों का करोड़ों रुपये का मानदेय लंबित।
नगर निकाय चुनाव ड्यूटी का 5.60 करोड़ बकाया।
कोरोना, रामनवमी ड्यूटी का भुगतान भी अटका।
राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड में गृह रक्षकों (होम गार्ड) का लंबे समय से विभिन्न अवसरों का मानदेय भुगतान लंबित है। उनसे ड्यूटी ले ली गई, लेकिन उसके एवज में अब तक मानदेय का भुगतान नहीं किया गया।
बकाया राशि करोड़ों रुपये में है। गृह रक्षा वाहिनी से गृह कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग को बकाया मानदेय भुगतान के लिए अनुशंसा भेजी गई है, लेकिन यह विभाग में लंबित है।
प्रभावित गृह रक्षकों ने इसकी जानकारी अपने वरीय पदाधिकारियों को भी दी है, लेकिन अभी तक समाधान नहीं निकल सका है।
ताजा मामला फरवरी में संपन्न झारखंड नगर निकाय चुनाव के दौरान ड्यूटी का है। इस ड्यूटी में सात हजार गृह रक्षकों से 20 फरवरी से 24 फरवरी तक यानी कुल पांच दिनों तक काम लिया गया था।
5 करोड़ 60 लाख बकाया
प्रत्येक गृह रक्षकों का प्रतिदिन करीब 1600 रुपये के हिसाब से पांच दिन का आठ हजार रुपये बनता है। इस तरह सात हजार गृह रक्षकों का विभाग पर 5 करोड़ 60 लाख रुपये का बकाया हो गया है।
गृह रक्षकों का यह भी कहना है कि यह तो ताजा मामला है। पूर्व में भी विधि व्यवस्था ड्यूटी से संबंधित कई कार्यों के एवज में बकाया भुगतान नहीं हो सका है।
कोरोना काल में ड्यूटी के एवज में कई जिलों के गृह रक्षकों का भुगतान लंबित है। इसके अलावा रामनवमी ड्यूटी का भी भुगतान लंबित है।
हर तरह की ड्यूटी के एवज में भुगतान की आंकड़ा देखें तो यह आंकड़ा करोड़ों में है, जिसकी जानकारी गृह रक्षा वाहिनी मुख्यालय को भी है।
वहीं, गृह रक्षा वाहिनी मुख्यालय का कहना है कि जैसे-जैसे भुगतान आवंटित होता जा रहा है, भुगतान किया जा रहा है। पूर्व के लंबित बकाया का कई जिलों में भुगतान करवाया जा चुका है।
जहां तक झारखंड में नगर निकाय चुनाव के दौरान पांच दिनों की ड्यूटी के एवज में भुगतान का मामला है तो इसको लेकर भी विभाग से पत्राचार किया गया है, यह भुगतान भी जल्द हो जाएगा।
| क्रमांक | जिला | गृह रक्षकों की संख्या |
|---|---|---|
| 1 | रांची | 1000 |
| 2 | गुमला | 150 |
| 3 | सिमडेगा | 100 |
| 4 | लोहरदगा | 50 |
| 5 | खूंटी | 150 |
| 6 | लातेहार | 110 |
| 7 | गढ़वा | 300 |
| 8 | पलामू | 400 |
| 9 | चाईबासा | 300 |
| 10 | सरायकेला | 400 |
| 11 | जमशेदपुर | 206 |
| 12 | हजारीबाग | 200 |
| 13 | गिरिडीह | 350 |
| 14 | कोडरमा | 100 |
| 15 | रामगढ़ | 527 |
| 16 | चतरा | 220 |
| 17 | धनबाद | 700 |
| 18 | बोकारो | 532 |
| 19 | दुमका | 150 |
| 20 | जामताड़ा | 200 |
| 21 | देवघर | 303 |
| 22 | साहिबगंज | 250 |
| 23 | गोड्ड़ा | 202 |
| 24 | पाकुड़ | 100 |
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