'e-KYC नहीं तो राशन बंद!' झारखंड के 8.85 लाख लाभुकों पर मंडराया संकट, रांची-धनबाद सबसे आगे
झारखंड में 8.85 लाख से अधिक ग्रीन कार्ड सदस्यों ने अब तक ई-केवाईसी नहीं कराया है, जिससे उन्हें राशन योजना ...और पढ़ें

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संदीप केसरी शौर्य, गढ़वा। झारखंड में ग्रीन कार्ड के माध्यम से राशन प्राप्त करने वाले लाभुकों के लिए ई-केवाईसी कराना जरूरी किया गया है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में राशन कार्ड के सदस्यों ने अब तक अपना ई-केवाईसी नहीं कराया है।
राज्य में ग्रीन कार्ड के माध्यम से राशन प्राप्त करने वाले कुल 19,83,749 सदस्यों में से 8,85,608 सदस्यों का अब तक ई-केवाईसी नहीं हो पाया है। ऐसे में बड़ी संख्या में लाभुकों के समक्ष राशन योजना का लाभ लेने में परेशानी उत्पन्न हो सकती है।
ई-केवाईसी नहीं कराने वाले सदस्यों की संख्या के मामले में रांची जिला सबसे आगे है। यहां 86,670 राशन कार्ड सदस्यों का अब तक ई-केवाईसी नहीं हुआ है। वहीं धनबाद जिला 84,208 सदस्यों के साथ दूसरे स्थान पर है। बोकारो जिले में 57,754 सदस्यों का ई-केवाईसी नहीं हुआ है और यह जिला तीसरे स्थान पर है।
इसी प्रकार ईस्ट सिंहभूम जिले में 56,632 सदस्यों का ई-केवाईसी लंबित है, जबकि साहिबगंज में 54,397 सदस्य अभी तक ई-केवाईसी से वंचित हैं। पलामू जिले में 54,179 सदस्यों का ई-केवाईसी नहीं हुआ है।
गढ़वा जिला इस मामले में आठवें स्थान पर है। जिले में ग्रीन कार्ड से राशन प्राप्त करने वाले 43,113 सदस्यों का अब तक ई-केवाईसी नहीं हुआ है। इसके बाद हजारीबाग जिले में 39,394 सदस्यों का ई-केवाईसी लंबित है। गिरिडीह जिले में 36,926 और गोड्डा जिले में 35,645 सदस्यों का ई-केवाईसी नहीं हुआ है।
वहीं चतरा में 30911, दुमका में 29790, गुमला में 31779, जामताड़ा में 2385, खूंटी में 7748, कोडरमा में 27850, लातेहार में 12577, लोहरदगा में 10093, पाकुड़ में 23518, रामगढ़ में 22379, सिमडेगा में 3289, वेस्ट सिंहभूम में 32866 मामले हैं।
आंकड़ों से स्पष्ट है कि राज्य के विभिन्न जिलों में बड़ी संख्या में राशन कार्ड सदस्यों ने अब तक ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी नहीं की है। विभाग की ओर से लगातार लाभुकों को ई-केवाईसी कराने के लिए जागरूक किया जा रहा है, ताकि पात्र लाभुकों को राशन प्राप्त करने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो।
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर से लाभुकों से अपील की जा रही है कि वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत जल्द से जल्द अपना ई-केवाईसी करा लें। इससे राशन कार्ड में दर्ज सदस्यों का सत्यापन पूरा हो सकेगा और पात्र लाभुकों को सरकारी खाद्यान्न योजना का लाभ लेने में अनावश्यक परेशानी नहीं होगी।
राज्य स्तर पर ई-केवाईसी से वंचित 8.85 लाख से अधिक सदस्यों की संख्या को देखते हुए विभाग के लिए भी शत-प्रतिशत ई-केवाईसी कराना बड़ी चुनौती बनी हुई है।
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