JSLPS में नियुक्ति रद करने का फैसला सही, झारखंड हाई कोर्ट ने खारिज की प्रार्थियों की याचिका
झारखंड हाई कोर्ट ने जेएसएलपीएस में प्रबंधकीय पदों की भर्ती प्रक्रिया रद करने के खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दी है।

रांची हाई कोर्ट। फाइल फोटो
HighLights
हाई कोर्ट ने जेएसएलपीएस भर्ती रद्द करने की याचिका खारिज की।
अदालत ने कहा, भर्ती में शामिल होने से नियुक्ति का अधिकार नहीं।
परियोजनाएं समाप्त होने से पदों की आवश्यकता भी खत्म हुई।
राज्य ब्यूरो, रांची। हाई कोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन की अदालत में झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (जेएसएलपीएस) में विभिन्न प्रबंधकीय पदों के लिए चल रही भर्ती प्रक्रिया रद करने के खिलाफ दायर याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हुई।
सुनवाई के बाद अदालत ने प्रार्थियों की याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने कहा कि केवल भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने या परीक्षा के विभिन्न चरणों में सफल होने से अभ्यर्थियों को नियुक्ति का कानूनी अधिकार प्राप्त नहीं होता।
इसके बाद अदालत ने शशि रंजन एवं अन्य की याचिका खारिज कर दी। अदालत ने जेएसएलपीएस की ओर से छह मई 2025 को जारी उस आदेश को बरकरार रखा, जिसके तहत 18 जनवरी 2022 को जारी भर्ती विज्ञापन के आधार पर चल रही भर्ती प्रक्रिया को रद कर दिया गया था।
याचिकाकर्ताओं ने भर्ती प्रक्रिया रद करने के आदेश को चुनौती देते हुए अंतिम परिणाम जारी करने का निर्देश देने की मांग की थी।
उनका कहना था कि उन्होंने 24-25 सितंबर 2022 को आयोजित लिखित परीक्षा में सफलता हासिल की थी और आगे ग्रुप डिस्कशन (जीडी) और पर्सनल इंटरव्यू (पीआइ) की प्रक्रिया में शामिल हुए थे।
इसके बाद लंबे समय तक परिणाम घोषित नहीं किया गया और बाद में पूरी भर्ती प्रक्रिया रद कर दी गई। अभ्यर्थियों की ओर से दलील दी गई कि भर्ती प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी थी।
ऐसे में बिना उचित कारण पूरी प्रक्रिया रद करना मनमाना और अन्यायपूर्ण है। इससे अभ्यर्थियों की वैध अपेक्षा प्रभावित हुई है।
परियोजनाएं बंद होने से खत्म हो गई पदों की जरूरत
जेएसएलपीएस की ओर से अदालत को बताया गया कि संबंधित पद विभिन्न परियोजनाओं और कार्यक्रमों के तहत संविदा आधार पर निर्धारित अवधि के लिए थे।
भर्ती प्रक्रिया लंबे समय तक लंबित रहने के दौरान जोहार और एनआरईटीपी परियोजनाएं जून और जुलाई 2023 में पूरी हो गई।
महिला किसान सशक्तिकरण परियोजना और एनआरईटीपी के संबंध में ग्रामीण विकास मंत्रालय से भी परियोजनाओं के पूरा होने की सूचना प्राप्त हुई थी।
अदालत ने पाया कि परियोजनाओं के समाप्त होने के बाद उनसे जुड़े कुछ पदों पर नियुक्ति की आवश्यकता भी समाप्त हो गई।
इसके अलावा चयन एजेंसी में बदलाव और भर्ती प्रक्रिया के लंबे समय तक लंबित रहने को देखते हुए जेएसएलपीएस ने प्रशासनिक कारणों से भर्ती रद करने का निर्णय लिया।
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