रांची, राज्‍य ब्‍यूरो। झारखंड हाई कोर्ट की जस्टिस अनुभा रावत चौधरी की अदालत में राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना में घोटाले के मामले में आरोपित पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा की याचिका पर सोमवार को आंशिक सुनवाई हुई। इस दौरान मधु कोड़ा के अधिवक्ता की ओर से अदालत से समय देने की गुहार लगाई गई, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। मामले में अगली सुनवाई 18 नवंबर को होगी।

पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा और उनके सहयोगी बिनोद कुमार सिन्हा ने हाई कोर्ट में क्वैशिंग (निरस्त) याचिका दाखिल की है। इसमें कहा गया है कि राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना में आइवीआरसीएल कंपनी से घूस लेने का आरोप गलत है। सीबीआइ ने भी अपनी जांच में उन्हें क्लीनचिट दिया है। उनकी ओर से इस मामले को निरस्त करने की गुहार लगाई गई है। हालांकि, निचली अदालत ने इस मामले में संज्ञान लिया है।

यह है मामला

बता दें कि राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत गढ़वा, लातेहार और पलामू में साढ़े चार सौ करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विद्युतीकरण किया जाना था। इसका ठेका आइवीआरसीएल कंपनी को दिया गया। आरोप है कि कंपनी ने इसके एवज में मधु कोड़ा व उनके सहयोगियों को 11 करोड़ रुपये की घूस दी थी। इस मामले की जांच सीबीआइ को सौंपी गई और जांच में उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला। सीबीआइ ने निचली अदालत में अंतिम रिपोर्ट दाखिल कर दी है।

Posted By: Alok Shahi

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