रांची, राज्‍य ब्‍यूरो। जेल में छापेमारी के दौरान पूर्व सासंद प्रभुनाथ सिंह के पास से मिले रुपये के मामले में उन्हें राहत मिली है। जस्टिस आनंद सेन की अदालत ने निचली अदालत की कार्रवाई पर रोक लगा दी है। अदालत ने तीन सप्ताह में सरकार से जवाब तलब किया है। दरअसल छह दिसंबर 2017 की रात को जिला प्रशासन ने हजारीबाग जेल में छापेमारी की थी।

इस दौरान प्रभुनाथ सिंह के पास से सत्तर हजार रुपये और उनके भाई दीनानाथ सिंह के पास से 16 हजार रुपये व मोबाइल फोन बरामद हुआ था। इस मामले में पुलिस अधिकारी साबिर हुसैन ने सदर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। जांच के बाद पुलिस ने निचली अदालत में चार्जशीट दाखिल की। इसके बाद प्रभुनाथ सिंह की ओर से निचली अदालत में डिस्चार्ज पीटिशन दाखिल की गई, लेकिन अदालत ने इसे खारिज कर दिया।

सुनवाई के दौरान अधिवक्ता हेमंत कुमार सिकरवार ने अदालत को बताया कि पीएन सिंह पर लगाए गए आरोप गलत है। इस पर अदालत ने निचली अदालत की कार्रवाई पर रोक लगाते हुए सरकार से जवाब मांगा है। इस संबंध में प्रभुनाथ सिंह की ओर से हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। बता दें कि विधायक अशोक सिंह हत्याकांड में प्रभुनाथ सिंह हजारीबाग जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं।

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Posted By: Sujeet Kumar Suman

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