रांची, राज्य ब्यूरो। राज्य सरकार ने राज्य के आकांक्षी जिले के लिए नीति आयोग से 12 हाई रेजोल्यूशन कंप्यूटराइज्ड टोमोग्राफी (एचआरसीटी) मशीनें मांगी हैं। राज्य के स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह ने नीति आयोग के सलाहकार (ई मोबिलिटी) एस ज्योति सिन्हा को पत्र लिखकर कहा है कि राज्य सरकार ने गैप एनालिसिस कर पाया है कि राज्य के 12 आकांक्षी जिलों में कोरोना से निपटने के लिए एचआरसीटी मशीन की तत्काल आवश्यकता है।

साथ ही इन जिलों में एमआरआइ मशीन, केमोनेलाइजर की भी आवश्यकता है। उन्होंने इन जिलों की साइट भी बताते हुए उक्त मशीनें आवंटित करने तथा मशीनें इंस्टॉल कराने की दिशा में कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। जिन अस्पतालों के लिए एचआरसीटी मशीनें मांगी गई हैं उनमें दुमका मेडिकल कॉलेज, हजारीबाग मेडिकल कॉलेज, पलामू मेडिकल कॉलेज के अलावा रांची, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, गिरिडीह, गढ़वा, सिमडेगा, गुमला, बोकारो, गोड्डा स्थित सदर अस्पताल शामिल हैं।

बोकारो सदर अस्पताल के लिए आवंटित करें पीएसए प्लांट

इधर, राज्य के अपर मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह ने केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण को पत्र लिखकर बोकारो जनरल अस्पताल की जगह बोकारो सदर अस्पताल पीएसए ऑक्सीजन प्लांट के आवंटन की मांग की है। उन्होंने पत्र के माध्यम से कहा है कि केंद्र ने बोकारो जनरल अस्पताल के लिए पीएसए प्लांट का आवंटन किया है, जबकि वहां पहले से ही लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन टैंक तथा मैनिफोल्ड सिस्टम के माध्यम से बेड तक ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा रही है। वहां पीएसए ऑक्सीजन प्लांट लगाने से उसका उपयोग नहीं हो पाएगा।

ब्लैक फंगस के 13 मरीज हुए स्वस्थ, नया मरीज नहीं

राज्य में ब्लैक फंगस के 13 मरीज और स्वस्थ हुए हैं। इनमें रांची के पांच, पूर्वी सिंहभूम व गढ़वा के दो-दो तथा धनबाद, गिरिडीह, गुमला, कोडरमा के एक-एक मरीज शामिल हैं। वहीं, राहत की बात यह भी है कि राज्य में 24 घंटे के भीतर कोई नया मरीज नहीं मिला है। न ही किसी मरीज की मौत हुई है। बता दें कि राज्य में ब्लैक फंगस के 79 पुष्ट तथा 53 संभावित मामले सामने आ चुके हैं। इनमें से 50 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं, जबकि 26 मरीजों की माैत इलाज के क्रम में हो गई है। राज्य में ब्लैक फंगस की रिकवरी रेट बढ़कर 66 प्रतिशत हो गई है, जबकि 34 प्रतिशत मृत्यु दर है।

Edited By: Vikram Giri