विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

झारखंड स्वास्थ्य बीमा नवीनीकरण तिथि बढ़ी, आयुष्मान भारत में मेदांता-गरुड़ अस्पताल के आवेदन खारिज

Published: Sat, 21 Mar 2026 04:56 PM (IST)

झारखंड में राज्य कर्मी स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत श्रेणी बी के लाभुकों के लिए प्रीमियम नवीनीकरण की अंतिम तिथि ...और पढ़ें

अस्पतालों को आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अनुरूप एचएमआइएस लागू करना अनिवार्य।

अस्पतालों को आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अनुरूप एचएमआइएस लागू करना अनिवार्य।

HighLights

  1. स्वास्थ्य बीमा नवीनीकरण की अंतिम तिथि 31 मार्च तक बढ़ी।

  2. अस्पतालों के लिए 2026 से ABDM-सक्षम HMIS अनिवार्य।

राज्य ब्यूरो, रांची। राज्य कर्मी स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत श्रेणी बी के लाभुकों जैसे पेंशनर, बोर्ड व निगम के कर्मचारी, विश्वविद्यालय शिक्षक एवं कर्मी रिन्यूअल प्रीमियम का भुगतान 31 मार्च तक कर सकेंगे।

झारखंड राज्य आरोग्य सोसाइटी ने प्रीमियम भुगतान के लिए अंतिम तिथि बढ़ा दी है। इसके तहत उक्त लाभुकों को प्रीमियम की राशि एकमुश्त छह हजार रुपये सोसाइटी के पोर्टल के माध्यम से आनलाइन पेमेंट गेटवे से जमा करना होगा। वहीं, नए लाभुकों के नामांकन तथा प्रीमियम भुगतान के लिए शीघ्र ही पोर्टल खोला जाएगा।

आयुष्मान भारत के तहत मेदांता व गरुड़ के आवेदन अस्वीकृत

झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी के कार्यकारी अध्यक्ष छवि रंजन की अध्यक्षता में शुक्रवार को राज्य सूचीबद्धता समिति की बैठक हुई, जिसमें निर्धारित मानकों को पूरा नहीं करने पर दो अस्पतालों के आवेदन अस्वीकृत कर दिए गए।

इनमें मेदांता हास्पिटल तथा गरुड़ आई हास्पिटल सम्मिलित हैं। वहीं पहले से सूचीबद्ध निजी अस्पताल मेहरबाई टाटा हास्पिटल के हेम -2.0 पोर्टल पर माइग्रेशन से संबंधित अनुरोध को समिति ने स्वीकृति प्रदान की।

बैठक में मुख्य रूप से नए अस्पतालों को सूचीबद्ध करने तथा पहले से सूचीबद्ध निजी अस्पतालों के हेम-2.0 पोर्टल पर माइग्रेशन से संबंधित विभिन्न मामलों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं

राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु निर्धारित मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि नए आवेदनों में राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आवश्यक दस्तावेज की कमी है। इनमें स्वीकृत भवन योजना तथा एबीडीएम सक्षम एचएमआइएस की अनुपलब्धता प्रमुख रही।

बताते चलें कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण की गाइडलाइन के अनुसार एक मार्च 2026 से अस्पतालों की सूचीबद्धता के लिए एबीडीएम सक्षम एचएमआइएस की उपलब्धता अनिवार्य कर दी गई है।

ऐसे में जो अस्पताल इस शर्त को पूरा नहीं करेंगे, उनकी सूचीबद्धता नहीं की जा सकेगी। इस निर्देश के तहत अस्पतालों को आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के अनुरूप अपनी हेल्थ मैनेजमेंट इंफारमेशन सिस्टम (एचएमआइएस) व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।

इसका उद्देश्य अस्पतालों में डिजिटल स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करना और सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाना है। बैठक में निदेशक प्रमुख, स्वास्थ्य सेवाएं डा. सिद्धार्थ सान्याल सहित बीमा कंपनियों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

यह भी पढ़ें- झारखंड स्वास्थ्य विभाग में अलायड हेल्थ काउंसिल के लिए बंपर भर्ती, ₹2.15 लाख तक वेतन

यह भी पढ़ें- केंद्र से तकरार पर झारखंड में ओबीसी के साथ-साथ सामान्य वर्ग के छात्रों को भी नहीं मिल पा रही छात्रवृत्ति

यह भी पढ़ें- कबाड़ से बनेगा असली लोहा! टाटा स्टील ने लुधियाना में शुरू किया भारत का पहला 'Green Steel' प्लांट, ₹3200 करोड़ का निवेश

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।