सिल्ली के छऊ कलाकारों को झारखंड हाई कोर्ट से बड़ी राहत, सेवा से हटा नहीं सकते; आउटसोर्सिंग से नई बहाली पर रोक
झारखंड हाई कोर्ट ने सिल्ली के छऊ नृत्य कलाकारों को बड़ी राहत देते हुए आउटसोर्सिंग से नई बहाली पर रोक ...और पढ़ें

14 वर्षों से छऊ नृत्य के संरक्षण और प्रदर्शन से जुड़े हैं और अपनी सेवा नियमित करने की मांग कर रहे हैं।
HighLights
हाईकोर्ट ने सिल्ली छऊ कलाकारों की आउटसोर्सिंग भर्ती रोकी।
वर्तमान कलाकारों को सेवा से न हटाने का निर्देश दिया।
कलाकार 14 वर्षों से छऊ नृत्य का संरक्षण कर रहे हैं।
राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड हाई कोर्ट ने सिल्ली के छऊ नृत्य कलाकारों को बड़ी राहत देते हुए आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से अनुबंध पर नई बहाली के प्रस्ताव पर रोक लगा दी है। अदालत ने राज्य सरकार को यह भी निर्देश दिया है कि वह फिलहाल इन कलाकारों को सेवा से न हटाए।
सिल्ली में कार्यरत इन छऊ नृत्य कलाकारों ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर 1 अप्रैल 2026 से अपनी सेवाओं को नियमित करने की मांग की थी। ये कलाकार पिछले 14 वर्षों से लगातार छऊ नृत्य की प्रस्तुति और इसके संरक्षण के कार्य से पूरी निष्ठा के साथ जुड़े हुए हैं।
इसी बीच, राज्य सरकार द्वारा आउटसोर्सिंग एजेंसी के जरिए अनुबंध पर नई बहाली का प्रस्ताव लाया गया था। इस नए प्रस्ताव के कारण वर्तमान कलाकारों के सामने बेरोजगार होने और सेवा से हटाए जाने का संकट खड़ा हो गया था, जिसके बाद उन्होंने न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया।
सुनवाई के दौरान प्रार्थियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अजीत कुमार, अधिवक्ता नेहा मेहता और दीक्षा द्विवेदी ने प्रभावी ढंग से पक्ष रखा। उन्होंने अदालत के समक्ष दलील दी कि वर्षों से इस पारंपरिक कला को जीवित रखने वाले कलाकारों की सेवा को नियमित किया जाना चाहिए।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने प्रस्तावित बहाली पर रोक लगा दी और प्रार्थियों को सुरक्षा प्रदान करते हुए उन्हें सेवा से न हटाने का महत्वपूर्ण आदेश दिया है।
UNESCO ने माना है धरोहर
छऊ नृत्य का सांस्कृतिक महत्व को यूनेस्को ने भी माना है। झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के मयूरभंज, पुरुलिया और सरायकेला-खरसावां (सिल्ली इसी क्षेत्र के अंतर्गत आता है) का छऊ नृत्य अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए विश्व प्रसिद्ध है।
वर्ष 2010 में यूनेस्को ने छऊ नृत्य को अपनी मानविकी की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत (Intangible Cultural Heritage) की प्रतिनिधि सूची में शामिल किया था। ऐसे में, स्थानीय कलाकारों का संरक्षण और उनका आर्थिक संबल राज्य की संस्कृति को बचाने के लिए बेहद जरूरी है।
