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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 06, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अवैध निर्माण को लेकर झारखंड HC सख्त, कहा- कड़ा आदेश करेंगे पारित; जांच में सहयोग नहीं मिलने जताई कड़ी आपत्ति

By Manoj SinghEdited By: Shashank Shekhar
Published: Wed, 06 Dec 2023 08:55 PM (IST)

झारखंड हाईकोर्ट के जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति में अवैध निर्माण की जांच के लिए गठित तीन वकीलों की कमेटी को ...और पढ़ें

अवैध निर्माण को लेकर झारखंड HC सख्त, कहा- कड़ा आदेश करेंगे पारित
अवैध निर्माण को लेकर झारखंड HC सख्त, कहा- कड़ा आदेश करेंगे पारित

HighLights

  1. उपायुक्त, एसपी और जेएनएसी के अधिकारियों को सहयोग करने को आदेश
  2. अदालत ने अवैध निर्माण की जांच के लिए बनाई तीन अधिवक्ताओं की कमेटी

राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजय कुमार मिश्रा व जस्टिस आनंद सेन की बेंच ने जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति में अवैध निर्माण की जांच के लिए गठित तीन वकीलों की कमेटी को जिला प्रशासन से सहयोग नहीं मिलने पर कड़ी नाराजगी जताई है।

अदालत ने कहा कि यदि जिला प्रशासन सहयोग नहीं करेगा तो अदालत संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त आदेश पारित करेगी। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई तीन जनवरी को निर्धारित की है। अदालत ने जमशेदपुर डीसी, एसपी एवं जेएनएसी (जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति) के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अधिवक्ताओं की कमेटी को अवैध निर्माण की जांच करने में सहयोग करें।

जेएनएसी के वकील से कहा कि अवैध निर्माण तुरंत रोकें नहीं तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। इससे पहले तीन सदस्यीय अधिवक्ताओं की कमेटी में प्रारंभिक जांच रिपोर्ट कोर्ट में प्रस्तुत किया। अधिवक्ताओं की कमेटी ने बताया कि जेएनएसी क्षेत्र में अवैध निर्माण हुआ है। जमशेदपुर जिला प्रशासन की ओर से अधिवक्ताओं की कमेटी को जांच में सहयोग नहीं दिया जा रहा है। इस कारण में अंतिम जांच रिपोर्ट दाखिल नहीं की जा सकी है।

भवनों के निर्माण में नियमों का उल्लंघन

इस संबंध में राकेश कुमार झा ने जनहित याचिका दाखिल की है। सुनवाई के दौरान प्रार्थी के अधिवक्ता अखिलेश श्रीवास्तव ने अदालत को बताया कि स्थल जांच के लिए बनी कमेटी को जिला प्रशासन से सहयोग नहीं मिलने से जांच पूरी नहीं हो पा रही है। याचिका में कहा गया है कि नियमानुसार जमशेदपुर में जी प्लस तीन से अधिक ऊंचा भवन नहीं बनाया जा सकता है।

टाटा, जमशेदपुर नोटिफाइड एरिया कमेटी और जिला प्रशासन की मिलीभगत से 1246 भवनों के निर्माण में नियमों का खुलेआम उल्लंघन किया गया है।

2011 में हाईकोर्ट ने मामले में लिया था संज्ञान

2011 में हाईकोर्ट ने सरकारी जमीन पर अतिक्रमण और नक्शा विचलन कर निर्माण पर स्वत: संज्ञान लिया था। अदालत ने पूरे राज्य में इस तरह के मामलों में कार्रवाई का निर्देश दिया था, लेकिन जमशेदपुर में कोर्ट के आदेश का पालन ही नहीं किया गया। सुनवाई के दौरान जमशेदपुर के उपायुक्त ने शपथ पत्र में कहा था कि इस तरह के मामलों में कार्रवाई की जाएगी।

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अधिवक्ता ने कहा कि जमशेदपुर में अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है, बल्कि म्यूनिसिपल एक्ट 2011 के प्रविधानों का उल्लंघन करते हुए जी प्लस नौ तक का भवन बना लिया गया है। इतना ही नहीं, बिल्डरों ने पार्किंग की जगहों को कामर्शियल उपयोग के लिए बेच दिया है। लोगों के वाहन सड़क पर खड़े किए जा रहे हैं।

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