ईडी अधिकारियों पर एससी-एसटी एक्ट मामले में हेमंत सोरेन को हाई कोर्ट से झटका, जवाब में देरी पर जुर्माना
झारखंड हाईकोर्ट ने ईडी अधिकारियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट मामले में जवाब दाखिल करने में देरी पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ...और पढ़ें

वाब दाखिल करने में देरी पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पक्ष पर 10,000 रुपये का जुर्माना।
HighLights
हेमंत सोरेन पक्ष पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगा।
जवाब दाखिल करने में देरी पर अदालत ने नाराजगी जताई।
मामले की अगली सुनवाई 2 नवंबर को होगी।
स्टेट ब्यूरो, रांची। झारखंड हाई कोर्ट में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारियों के खिलाफ एससी-एसटी (SC-ST) एक्ट के तहत मामला दर्ज करने के विवाद से जुड़े मामले में सुनवाई हुई। अदालत ने सुनवाई के दौरान जवाब दाखिल करने में देरी और समय की मांग पर नाराजगी जताते हुए प्रतिवादी पक्ष पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया है।
साथ ही, अदालत ने मामले में जवाब दाखिल करने का निर्देश देते हुए अगली सुनवाई 2 नवंबर के लिए निर्धारित की है। जमीन घोटाला मामले में सीएम हेमंत सोरेन ने तत्कालीन ईडी के अधिकारी कपिल राज व अन्य पर केस किया था। इसके खिलाफ ईडी अधिकारी ने कोर्ट में याचिका दाखिल की है।
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा कानूनी विवाद तब शुरू हुआ था जब झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ईडी के अधिकारियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए रांची के एससी-एसटी थाने में मामला दर्ज कराया था। हेमंत सोरेन की ओर से आरोप लगाया गया था कि ईडी के अधिकारियों ने उनके अधिकारों का हनन किया और उनका मानसिक उत्पीड़न किया है।
इस एफआईआर और एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज कार्रवाई को चुनौती देते हुए ईडी के अधिकारियों ने झारखंड हाईकोर्ट का रुख किया था और इसे रद्द करने की मांग को लेकर याचिका दाखिल की थी।
कोर्ट में क्या हुआ?
ताजा सुनवाई के दौरान जब हेमंत सोरेन की ओर से अदालत में जवाब दाखिल करने के लिए और समय की मांग की गई, तो हाई कोर्ट ने इस पर कड़ा रुख अपनाया। अदालत ने विलंब पर असंतोष जताते हुए 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया और तय समय के भीतर हर हाल में अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। इस मामले की अगली विस्तृत सुनवाई अब 2 नवंबर को होगी।
