मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सीएम हेमंत सोरेन पर चलेगा ट्रायल, 30 नवंबर से ED पेश करेगी गवाह
ईडी कोर्ट ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर बड़गाईं अंचल के 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोप ...और पढ़ें

बड़गाईं अंचल के 8.86 एकड़ जमीन के फर्जीवाड़ा से संबंधित मामला।
HighLights
ईडी कोर्ट ने हेमंत सोरेन पर मनी लांड्रिंग के आरोप तय किए।
बड़गाईं अंचल की 8.86 एकड़ जमीन फर्जीवाड़ा से जुड़ा है मामला।
हेमंत सोरेन ने खुद को निर्दोष बताया, ईडी 30 नवंबर से गवाह पेश करेगी।
राज्य ब्यूरो, रांची। बड़गाईं अंचल के 8.86 एकड़ जमीन से संबंधित मनी लांड्रिंग मामले में ईडी कोर्ट ने बुधवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ आरोप तय कर दिया। इससे पहले इस मामले में 16 आरोपितों पर आरोप तय किया जा चुका है। बुधवार को ईडी के विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार की अदालत में शाम करीब 4.25 बजे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए उपस्थित हुए।
अदालत ने अभियोजन की ओर से लगाए गए आरोपों को पढ़कर सुनाया और पूछा कि इस मामले में उन्हें कुछ कहना है। इस पर हेमंत सोरेन ने कहा कि मैं इस मामले में निर्दोष हूं। मेरे खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार हैं। आगे वह ट्रायल का सामना करेंगे।
अदालत की ओर से पढ़े गए आरोप के अनुसार, 2010 से 2024 के बीच बड़गाई अंचल के शांतिनगर स्थित 8.86 एकड़ जमीन हेमंत सोरेन के नियंत्रण में थी। अभियोजन का आरोप है कि इस जमीन पर बैंक्वेट हाल बनाने की योजना के लिए साइट प्लान विनोद कुमार सिंह से तैयार कराया गया। जमीन पर बिजली का कनेक्शन भी लिया गया था।
मामला सामने आने के बाद राजकुमार पाहन के माध्यम से एसएआर कोर्ट में जमीन वापसी का मुकदमा भी दाखिल कराया गया। हेमंत सोरेन ने अदालत के समक्ष इन सभी आरोपों को निराधार बताया।
30 नवंबर से अभियोजन पेश करेगा गवाह
अदालत ने आरोप गठन के बाद मामले की अगली सुनवाई के लिए 30 नवंबर की तिथि निर्धारित की है। उस दिन से अभियोजन को गवाह पेश करने का निर्देश दिया गया है। इस मामले में कुल 17 आरोपित हैं। हेमंत सोरेन को छोड़कर अन्य 16 आरोपितों के खिलाफ पहले ही आरोप गठन हो चुका है।
जिसमें भानु प्रताप प्रसाद, तापस घोष, शेखर कुशवाहा, विनोद कुमार सिंह, सद्दाम हुसैन, अंतु तिर्की, राजकुमार पाहन, अफसर अली, इरशाद अख्तर, कुमार राजश्री, मनोज कुमार यादव, प्रियरंजन सहाय, बिपिन सिंह, संजीत कुमार और इरशाद शामिल है।
हाई कोर्ट से हेमंत सोरेन को नहीं मिली राहत, ईडी से मांगा जवाब
हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस मनोज प्रसाद की अदालत में मुख्यमंत्री हेमंत सोरन की ओर से आरोप गठन पर रोक की मांग को लेकर दाखिल याचिका पर बुधवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद अदालत ने ईडी से जवाब मांगा है।
मामले में अगली सुनवाई 28 अक्टूबर को होगी। अदालत से हेमंत सोरेन को राहत नहीं मिली। अदालत ने कहा कि हाई कोर्ट में संबंधित मामला लंबित होने का हवाला देकर ईडी कोर्ट से समय नहीं लिया जाए।इससे पूर्व ईडी की ओर से एएसजीआइ एसवी राजू, वरीय अधिवक्ता एके दास और सौरव कुमार ने पक्ष रखा।
उनकी ओर से कहा गया कि मामले ईडी जांच जारी है, नए तथ्य आने पर कोर्ट की अनुमति से पूरक चार्जशीट दाखिल की जाएगी। जबकि प्रार्थी का कहना था कि जांच पूरी होने तक मामले में आरोप गठन नहीं किया जाए। हेमंत सोरेन की ओर से पीएमएलए एक्ट की धारा 44 (1) (डी) का हवाला देते हुए ट्रायल पर रोक लगाने की मांग की गई है।
