छह साल में बोकारो की लापता किशोरी को नहीं खोज सकी CID, हाई कोर्ट ने सरकार से पूछा CBI को सौंप दें केस
झारखंड हाई कोर्ट ने बोकारो की लापता किशोरी के मामले में राज्य सरकार से पूछा है कि उसे सीबीआई जांच ...और पढ़ें

अदालत ने पूछा- सीबीआई जांच से सरकार को आपत्ति तो नहीं।
HighLights
हाई कोर्ट ने सीबीआई जांच पर सरकार से जवाब मांगा।
बोकारो की 14 वर्षीय किशोरी 2020 से लापता है।
सीआईडी को इंटरनेट मीडिया से क्रॉस-बॉर्डर सुराग मिले।
राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड हाई कोर्ट में बोकारो की 14 वर्षीय लापता किशोरी से जुड़े मामले में सीबीआई जांच के मुद्दे पर गुरुवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद अदालत ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है।
अदालत ने सरकार को शपथ पत्र दाखिल कर यह स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि मामले की जांच सीबीआई को सौंपे जाने पर उसे कोई आपत्ति है या नहीं। मामले की अगली सुनवाई 20 अगस्त को होगी।
पिछली सुनवाई के दौरान अदालत ने सीबीआई जांच के संबंध में केंद्र सरकार के अधिवक्ता प्रशांत पल्लव को केंद्र सरकार से निर्देश लेने को कहा था। अदालत ने कहा था कि मामले में विस्तृत जांच की आवश्यकता को देखते हुए इसे सीबीआई को सौंपने पर विचार किया जा सकता है। जांच के दौरान सीबीआइ को राज्य पुलिस की सहायता की भी आवश्यकता पड़ सकती है।
पिछली सुनवाई में सीआईडी की ओर से अदालत को बताया गया था कि लापता बच्ची के इंटरनेट मीडिया अकाउंट से कुछ सुराग मिले हैं। बच्ची का फेसबुक अकाउंट अब भी सक्रिय है। मामले में आगे की जांच के लिए मेटा से डेटा हासिल करना जरूरी होगा। सीआइडी ने इसे संभावित रूप से क्रास-बार्डर मामला भी बताया था।
बोकारो जिले की 14 वर्षीय किशोरी 16 अक्टूबर 2020 से लापता है। इस संबंध में पिंडराजोरा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। जांच के दौरान पुलिस की सुपरविजन रिपोर्ट में मामले को अपहरण का मामला माना गया था। घटनास्थल के पास से बच्ची की साइकिल, चप्पल और किताबें भी बरामद हुई थीं