BIT मेसरा में SC/ST/OBC छात्रों को मिलेगी मुफ्त शिक्षा, झारखंड सरकार ने ₹79.40 करोड़ में किया समझौता
झारखंड सरकार और बीआईटी मेसरा के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए हैं, जिसके तहत आर्थिक रूप से कमजोर ...और पढ़ें

समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर के बाद प्रतिनिधि। फोटो जागरण
HighLights
झारखंड सरकार-बीआईटी मेसरा ने मुफ्त शिक्षा हेतु समझौता किया।
आर्थिक रूप से कमजोर SC/ST/OBC छात्रों को मिलेगा लाभ।
सरकार 10 वर्षों में 79.40 करोड़ रुपये का योगदान देगी।
जागरण संवाददाता, रांची। झारखंड सरकार के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं आदिम जनजाति कल्याण विभाग तथा यूनिवर्सिटी पॉलिटेक्निक, बीआइटी मेसरा के बीच प्रोजेक्ट भवन में एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
इस समझौते ने झारखंड के सुदूरवर्ती क्षेत्रों से आने वाले अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के मेधावी किंतु आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए उच्च स्तरीय व्यावसायिक शिक्षा के द्वार खोल दिए हैं।
इस पहल को झारखंड सरकार के अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री चमरा लिंडा के सहयोग एवं निरंतर समर्थन से साकार किया गया है। समारोह में कल्याण विभाग के सचिव केएन झा और कल्याण विभाग के संयुक्त सचिव जावेद अनवर इदरीसी उपस्थित रहे।
बीआइटी मेसरा का प्रतिनिधित्व कुलपति प्रो. इंद्रनील मन्ना, कुलसचिव डॉ. राजेश जैन, डीन एकेडमिक डा. मनीष कुमार और प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने किया। वहीं, यूनिवर्सिटी पालिटेक्निक के प्रतिनिधिमंडल में निदेशक डॉ. विजया लक्ष्मी, सहायक कुलसचिव सौरभ प्रसाद और वरिष्ठ संकाय सदस्य शामिल थे।
समारोह के दौरान कुलपति ने केएन झा को यूनिवर्सिटी पालिटेक्निक की प्रगति से अवगत कराया और कल्याण मंत्री, सचिव तथा संयुक्त सचिव को यूनिवर्सिटी पालिटेक्निक परिसर का दौरा करने का सहर्ष निमंत्रण दिया।
एमओयू पर झारखंड सरकार की ओर से कल्याण विभाग के संयुक्त सचिव तथा बीआइटी मेसरा की ओर से यूनिवर्सिटी पालिटेक्निक की निदेशक डॉ. विजया लक्ष्मी ने हस्ताक्षर किए।
10 सालों में 79.40 करोड़ रुपये देगी सरकार
झारखंड सरकार ने दस वर्षों की अवधि में 79.40 करोड़ रुपये की प्रतिबद्धता व्यक्त की है। सरकार संस्थान के 85 प्रतिशत आवर्ती व्यय का वहन करेगी, जिससे प्रतिवर्ष 850 छात्रों को शिक्षण, छात्रावास और भोजन (मेस) की सुविधा पूरी तरह निश्शुल्क प्राप्त होगी। योजना की पात्रता मेधा-आधारित होगी, जिसके तहत 2.50 लाख से कम वार्षिक पारिवारिक आय वाले छात्र पात्र होंगे।
बीआइटी मेसरा और झारखंड सरकार इस संकल्प पर पूरी तरह एकजुट है कि कोई भी योग्य युवा, चाहे वह किसी दूरस्थ वनग्राम से हो, जनजातीय गांव से हो या आंतरिक जिले से, वित्तीय संसाधनों के अभाव में व्यावसायिक अभियांत्रिकी शिक्षा से वंचित न रहे। यह योजना शैक्षणिक सत्र 2025–26 से लागू की जा रही है।
आने वाले समय में बढ़ेंगी सीटें
कुलपति ने कहा कि बीआइटी मेसरा पिछले 70 से अधिक वर्षों से अकादमिक उत्कृष्टता, अनुसंधान, नवाचार और सामाजिक प्रभाव की अपनी विरासत का निर्माण करते हुए लगातार झारखंड और राष्ट्र की सेवा कर रहा है।
झारखंड सरकार के साथ मिलकर हम एक ऐसा मार्ग तैयार कर रहे हैं, जिसके माध्यम से योग्य छात्र, अपनी आर्थिक पृष्ठभूमि की परवाह किए बिना, गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे और कुशल पेशेवरों के रूप में उभरकर देश के साथ-साथ झारखंड के विकास में अपना योगदान देंगे।
सरकार और बीआइटी मेसरा ने यूनिवर्सिटी पॉलिटेक्निक के लिए एक महत्वाकांक्षी रोडमैप तैयार किया है। आने वाले सत्रों में सीटों की क्षमता बढ़ाई जाएगी तथा आइटीआइ ट्रेड्स एवं अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की शुरुआत की जाएगी।
छात्रों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध झारखंड सरकार ने घोषणा की है कि निकट भविष्य में यूनिवर्सिटी पालिटेक्निक परिसर में नए छात्रावास ब्लाक और शैक्षणिक भवनों का निर्माण किया जाएगा, ताकि प्रवेश पाने वाले प्रत्येक छात्र को सीखने और आगे बढ़ने के लिए एक सुरक्षित और सुसज्जित वातावरण मिल सके।
देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।