रांची, राज्य ब्यूरो। कोरोना वायरस की महामारी को लेकर लॉकडाउन के बाद की स्थिति की मुख्य सचिव डॉ. डीके तिवारी ने शुक्रवार को उच्चस्तरीय समीक्षा की। इस दौरान कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव और लॉकडाउन के लिए बनी राज्यस्तरीय समितियों के नोडल पदाधिकारियों ने वर्तमान परिस्थिति पर अपने विचार और सुझाव साझा किए। लॉकडाउन के बाद विभिन्न प्रदेशों में फंसे झारखंड वासियों द्वारा लगातार वापस घर लाने के आग्रह को देखते हुए सभी विकल्पों पर विचार किया गया।

मुख्य सचिव ने केंद्र सरकार के गाइडलाइन का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि झारखंड के जो लोग अन्य प्रदेशों में जहां हैं, वहीं बने रहेंगे। उन राज्यों से संपर्क कर उनकी मूलभूत जरूरतों को वहीं पूरा कराया जाएगा। इसके लिए मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि जल्द से जल्द बाहर के प्रदेशों में फंसे लोगों की संख्या, पता-ठिकाना आदि की मुकम्मल जानकारी लेकर उन तक स्थानीय स्तर पर सुविधा पहुंचाने का प्रयास शुरू करें। इसके लिए सीधे वहां के जिलाधिकारी से संपर्क कर झारखंड वासियों की सूची प्राप्त करें और उनकी जरूरतों की जानकारी प्राप्त करें।

अगर जरूरी हो तो राज्य सरकार झारखंड वासियों को सुविधा उपलब्ध कराने के एवज में वहां के जिलाधिकारियों को सीधे राशि भी देगी। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि यह कार्य यथाशीघ्र किया जाए। वहीं बाहर के प्रदेशों में फंसे लोगों की लगातार काउंसलिंग करने पर बल देते हुए कहा कि इससे उन्हें यह ढांढस मिलेगा कि उनकी खैर ली जा रही है। बैठक में मुख्य सचिव के अलावा अपर मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, अरूण कुमार सिंह, केके खंडेलवाल, प्रधान सचिव एपी सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।

सप्लाई चेन विकसित करें

मुख्य सचिव ने लॉकडाउन को पूरी तरह कारगर बनाने के लिए मोहल्ला से लेकर सुदूर गांव के लोगों तक आवश्यक सामग्री पहुंचाने को प्राथमिकता देते हुए फूड सप्लाई चेन बनाने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि हर जिले में वहां के उपायुक्तों के माध्यम से सिविल सोसायटी, एनसीसी और अन्य सामाजिक संगठनों के कम से कम एक हजार लोगों का सप्लाई चेन बनाएं। इन्हें आपदा मित्र का नाम दें। ये लोग ही डोर टू डोर आवश्यक सामग्री की सप्लाई करेंगे।

सूखा राशन के 2000 पैकेट्स सभी जिला में दें

राशन की सभी दुकानें पर्याप्त समय तक खुलें और उसमें पर्याप्त मात्रा में राशन रहे, यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इसके लिए इलाकावार सभी राशन दुकानों और दुकानदारों की सूची बनाने का निर्देश दिया गया। सूखा राशन पैक युद्धस्तर पर बनाने पर बल देते हुए उन्होंने उसे सप्लाई चेन से जोडऩे को कहा। इसके लिए प्रत्येक जिले में लगभग 2000 (प्रत्येक प्रखंड में लगभग 200) पैकेट्स की दर से तैयारी कर ली जाए।

कोरोना जांच की चार नई मशीनें आईं

झारखंड सरकार ने कोरोना वायरस के ज्यादा से ज्यादा सैंपलों की जांच के लिए चार नई जांच मशीनें मंगाई हैं। उसमें से एक रिम्स में लगेगी। वहीं अन्य तीन यथाशीघ्र राज्य के अन्य जगहों पर लगाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि अब पूरा ध्यान टेस्टिंग, डिटेक्शन और आइसोलेशन पर देना है।

यह भी निर्देश दिए

  • जूम एप से सहिया, मुखिया को जोड़े जो सूचना दें कि बाहर से कौन आया 
  • प्रतिदिन कंट्रोल रूम का मुआयना करें अधिकारी।
  • हेल्प डेस्क नंबरों की पड़ताल करें।
  • राज्यस्तरीय समितियों के राज्य प्रभारियों का एक व्हाट्सएप्प ग्रुप बनाया जाए।

Posted By: Sujeet Kumar Suman

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