रांची, [शक्ति सिंह]। परिवहन विभाग ने सड़क सुरक्षा को और बेहतर करने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस के टेस्टिंग का अधिकार अब एमवीआइ (मोटरयान निरीक्षक)को दिया है। विभाग का मानना है कि प्रदेश के कुछ जिलों में चालन दक्षता जांच वैसे पदाधिकारियों द्वारा किया जा रहा है, जिसके पास न कोई तकनीकी अर्हता है और न ही उनके पास सक्षम चालक होने का प्रमाण है। अभी झारखंड के सभी जिलों में तकनीकी पदाधिकारी के रूप में विभाग द्वारा मोटरयान निरीक्षकों को पदस्थापित किया गया है।

झारखंड मोटरयान नियमावली 2001 के नियम-4 एवं नियम 2 (एच) में मोटरयान निरीक्षक को तकनीकी पदाधिकारी के रूप में टेस्टिंग ऑफिसर के रूप में नामित किया है। इस संबंध में विभागीय सचिव द्वारा वरीय तकनीेकी निदेशक, एनआइसी झारखंड को निर्देशित किया है कि सभी मोटरयान निरीक्षकों को डीएल टेस्टिंग के लिए लॉग-इन-आइडी दिया जाए। इस नई व्यवस्था से अनट्रेंड ड्राइवर टेस्टिंग में पास नहीं हो पाएंगे। सड़कों पर सुरक्षित ड्राइविंग होगी और सड़क दुर्घटना में कमी आएगी।

टेस्ट में पास हुए या फेल, वेबसाइट पर ही देख सकेंगे रिजल्ट

परिवहन विभाग ने इसलिए सभी जिला परिवहन पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वह अपने जिले के मोटरयान निरीक्षक को सारथी वेब पोर्टल का लॉग-इन-आइडी अविलंब उपलब्ध कराएं। उनसे टेस्टिंग ऑफिसर के रूप में दायित्वों का निर्वहन करवाना सुनिश्चित करवाएं। इस व्यवस्था से आवेदक टेस्टिंग के बाद अपने रिजल्ट को अपडेट करवाने के लिए काउंटरों पर दौडऩे की जरूरत नहीं पड़ेगी। बल्कि वेबसाइट पर ही अपने रिजल्ट को देख सकेंगे।

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