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झारखंड में व्यावसायिक बकरी पालन को मिलेगा बढ़ावा, 70% सरकारी अनुदान

Published: Sat, 10 Oct 2026 07:22 PM (IST)

झारखंड में मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत व्यावसायिक बकरी पालन को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिसमें सरकार 70% अनुदान देगी।

झारखंड में बकरी पालन से फायदा ही फायदा। (प्रतीकात्मक फोटो)

झारखंड में बकरी पालन से फायदा ही फायदा। (प्रतीकात्मक फोटो)

मनोज सिंह, रांची। पशुपालन विभाग ने राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा देने और पशुपालकों की आय में वृद्धि करने के उद्देश्य से वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत व्यावसायिक बकरा-बकरी पालन की नई योजना लागू की है।

इस योजना के संचालन के लिए कुल 30 करोड़ रुपये के बजट का प्रविधान किया गया है। इसके अभी तक 851 आवेदन आ चुके हैं, जिनकी स्क्रूटनी जारी है। कुल 437 लाभुकों को इस योजना का लाभ दिया जाना है।

100 बकरी और पांच बकरे की बनेगी व्यावसायिक यूनिट

योजना के तहत बड़े पैमाने पर बकरी पालन को प्रोत्साहित करने के लिए 100 बकरी और पांच बकरा (ब्लैक बंगाल नस्ल) की व्यावसायिक इकाई स्थापित की जाएगी।

प्रति फार्म लागत 9.78 लाख रुपये निर्धारित की गई है, जिसमें चयनित लाभुकों को कुल लागत पर 70 प्रतिशत यानी प्रति इकाई 6.84 लाख रुपये का अनुदान मिलेगा। उद्यमी को न्यूनतम 15 प्रतिशत राशि स्वयं अथवा बैंक ऋण के माध्यम से देनी होगी।

योजना के लिए अनुदान राशि का भुगतान दो चरणों में सीधे बैंक खाते में किया जाएगा। पहली किस्त 40 प्रतिशत योजना स्वीकृत होने और द्वितीय किस्त 60 प्रतिशत राशि शेड का कार्य पूरा होने के बाद मिलेगी।

लाभुक की पात्रता और आवश्यक शर्तें

बकरी फार्म स्थापना के लिए 50 डिसमिल भूमि की जरूरत होगी। आवेदक झारखंड का स्थायी निवासी होना चाहिए और उसे बकरी पालन का पूर्व अनुभव होना चाहिए। व्यक्तिगत आवेदकों के अलावा स्वयं सहायता समूह और किसान उत्पादक संगठन भी इस योजना के पात्र होंगे।

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व्यवसायिक स्तर पर बकरी पालन की योजना बनाई गई, ताकि दूसरे राज्यों की निर्भरता समाप्त हो और ग्रामीण क्षेत्र के किसानों को आर्थिक लाभ मिले। आने वाले समय में पोल्ट्री और सूकर पालन को लेकर भी योजना बनाई जाएगी।

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शिल्पी नेहा तिर्की, मंत्री- कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग, झारखंड।