झारखंड में पेट्रोल-डीजल का संकट: रांची समेत कई शहरों में लगी लंबी कतारें, कई पंपों पर लगे नो स्टॉक के बोर्ड
रांची समेत झारखंड के कई शहरों में पेट्रोल पंपों पर तेल खरीदने वालों की लंबी कतारें लगी हैं। पंप संचालक ...और पढ़ें
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समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण टीम, रांची/जमशेदपुर/पश्चिमी सिंहभूम/धनबाद। राजधानी रांची में गुरुवार को पेट्रोल पंपों पर तेल भरने वालो की लंबी कतार लगी। दो हजार रुपये से ज्यादा का पेट्रोल और तीन हजार से ज्यादा का डीजल देने से इनकार कर रहे संचालकों ने शहरवासियों को परेशान कर दिया।
सुबह से ही विभिन्न इलाकों में पंप बंद नजर आए, तो कहीं न्यूनतम मात्रा में ही तेल बांटा गया। राजेंद्र चौक, सिरमटोली, जेल मोड़, बिरसा चौक और करमटोली जैसे प्रमुख इलाकों में लोगों की लंबी-लंबी कतारें लगी रहीं। जिन पेट्रोल पंप पर पहले सन्नाटा पसरा रहता था, वहां गुरूवार को पंप में तेल खत्म होने तक भारी भीड़ रही। राजेंद्र चौक के तिवारी पेट्रोल पंप पर दोपहर तीन बजे ताला जड़ दिया गया।
आसपास के लोग निराश होकर वैकल्पिक पंपों ढ़ूढ कर अपनी गाड़ी में फूल टैंक भरने की जद्दोजहद करने लगे। सिरमटोली स्थित एक पंप पर तो सख्ती बरती जा रही है, 200 रुपये से ज्यादा का पेट्रोल किसी को नहीं। संचालक बोले, स्टाक सीमित है, इसलिए लिमिट लगा दी है।
जेल मोड़ चौक से करमटोली चौक के बीच दो पंप में से एचपी पंप सुबह से ही बंद पड़ा रहा, वहीं पास के इंडियन आयल पंप पर दो बजे तेल पहुंचा तो कतारें लंबी हो गईं।
एक संचालक ने बताया कि, 3000 रुपये से ज्यादा डीजल और 2000 से ज्यादा पेट्रोल किसी को नहीं दे रहे। ज्यादा चाहिए तो गाड़ी दोबारा लाईन लाकर लें, तब 2000-3000 तक दोबारा दिया जाएगा। पेट्रोल पंप में एम्बुलेंस तक गैलन भरकर पेट्रोल लेती नजर आईं।
बिरसा चौक के इंदिरा प्रस्थ पंप पर शाम तक कतारें कम न हुईं। नागेश्वर पंप तो शाम ढलते ही तेल खत्म होने पर बंद हो गया। वहीं रांची के आस पास के पेट्रोल पंप में भी ऐसा नजर देखने को मिला।
कोकर डायमंड पेट्रोल पंप भीड़
कोकर स्थित डायमंड पेट्रोल पंप तेल है लेकिन भीड़ भी ज्यादा है। लोग अपने वाहनों में तेल फुल करवा ले रहे हैं। एक डर भी बैठ गया है कि तेल मिलेगा या नहीं। मिलेगा तो कहीं महंगा न हो जाए। हालांकि संचालकों का कहना है कि तेल पर्याप्त है लेकिन मांग अधिक हो रही है। इसलिए पंप पर भीड़ दिख रही है।
रातू में नए पेट्रोल पंपों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा
रातू प्रखंड क्षेत्र में वैसे तो पेट्रोलियम पदार्थों की सीधे तौर पर कोई कमी नहीं है, लेकिन पेट्रोल पंपों के संचालकों का कहना है कि पहले की भांति मांग के अनुरूप डीपो से आपूर्ति नहीं की जा रही है। प्रत्येक दिन प्रखंड क्षेत्र में अनेक पेट्रोल पंप एक-दो दिनों के लिए ड्राई हो जाते हैं। पुन पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति हो जाती है।
वैसे बड़े व पुराने पेट्रोल पंपों में सामान्य स्टाक मौजूद है, किंतु छोटे व नए पेट्रोल पंपों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विमान फ्यूल के संचालक संजय सिंह ने बताया कि सीधे तौर पर पेट्रोलियम पदार्थों का कोई तत्कालीन संकट नहीं है। डर के मारे बड़ी पार्टियां व आम लोगों ने पेट्रोल डीजल का स्टाक करना शुरू कर दिया है। अचानक मांग बढ़ जाने के कारण पर्याप्त स्टाक नहीं रह पाता है। मांग होने पर कुछ घंटा अथवा अधिकतम एक दिन में आपूर्ति कर दी जा रही है।
सिल्ली में पेट्रोल पंप को रस्सी लगाकर किया गया बंद
सिल्ली में प्रवेश करने के साथ चार पेट्रोल पंप है, जिसमें तीन में पेट्रोल और डीजल नहीं मिल रहा है। इसमें एक पेट्रोल पंप ने रस्सी लगाकर इसे बंद कर दिया है। ये स्थिति एक सप्ताह से बनी हुई है।
वहां के स्थानीय प्रकाश ने बताया कि अचानक पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल आता है तो मेले जैसी भीड़ लग जाती है। इसके बाद तेल समाप्त होने पर पेट्रोल पंप फिर से सन्नाटा छा जाता है।
रांची से 15 किलोमीटर दूर चुटू में एचपी और आइओसी के दो पेट्रोल पंप हैं। यहां पेट्रोल और डीजल तो मिल रहा है लेकिन लिमिट में। एक आदमी को पांच लीटर से अधिक पेट्रोल और डीजल नहीं दिया जा रहा है। वहीं बोतल और गैलेन में पेट्रोल और डीजल नहीं दिया जा रहा है। एक से दो दिन यहां भी पेट्रोल समाप्त हो गया था, जिसके बाद ग्राहकों को एक्सट्रा प्रीमियर पेट्रोल दिया जा रहा था।
नरवा पहाड़ में पेट्रोल संकट गहराया, पेट्रोल लेने के लिए घंटो मची रही अफरा-तफरी

नरवा पहाड़ में पेट्रोल संकट गहराया गया है। जादूगोड़ा के पांच पेट्रोल पंपों में मात्र जादूगोड़ा मोड चौक स्थित खेमका पेट्रोल पम्प छोड़ कर कही पेट्रोल नहीं मिल रही हैं। बृहस्पतिवार को सुबह 11 बजे के बाद खेमका पेट्रोल पम्प में हजारों लीटर तेल पहुंचा।
इधर पेट्रोल पहुंचते ही पेट्रोल लेने के लिए लोगों की लंबी कतारें लग गई। पेट्रोल लेने के लिए घंटों मची रही अफरा-तफरी। जबकि अन्य चार पेट्रोल पंप में नो-स्टाक का नोटिस चिपका दिया गया हैं।
जादूगोड़ा से भी ज़्यादा पेट्रोल संकट नरवा पहाड़ में देखने को मिला। यहां दो पेट्रोल पम्प है। जिसमें राजदोहा गांव के मुख्य सड़क किनारे शिव चरण मुर्मू पेट्रोल पंप में सुबह से ही पेट्रोल का स्टाक खत्म हो चुका था।
उसी तरह हितकु में पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष बुलू रानी सिंह के पेट्रोल पम्प में तेल के अभाव में सन्नाटा पसरा हुआ है। जबकि इससे आगे बढ़ने पर सुंदरनगर थाना क्षेत्र के खुखड़ाडीह पेट्रोल पम्प में सुबह से शाम तक पेट्रोल लेने के लिए लम्बी लाइन देखी गई यहां फूल टंकी पेट्रोल मुहैया कराने से लोगों ने राहत की सांस ली है।
फिलहाल जादूगोड़ा के खेमका पेट्रोल पंप में भारी मात्रा में पेट्रोल मिलने से लोगों को परेशानी कम हुई है ।बहरहाल देखना यह है कि पेट्रोल का संकट लोगों को कितने दिनों तक रुलाती है।
चाईबासा में तीसरे दिन भी पेट्रोल-डीजल के लिए लंबी कतारें, पंपों पर पुलिस तैनात

पश्चिमी सिंहभूम जिला मुख्यालय चाईबासा में गुरुवार को लगातार तीसरे दिन पेट्रोल-डीजल को लेकर अफरा-तफरी जैसी स्थिति बनी रही। शहर के विभिन्न पेट्रोल पंपों पर सुबह से ही वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं।
खासकर इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप पर सुबह 6:30 बजे पंप खुलते ही दोपहिया और चारपहिया वाहनों की लाइन लगनी शुरू हो गई, जो देर रात 9:30 बजे तक जारी रही।
स्थिति को नियंत्रित रखने और किसी प्रकार की अव्यवस्था रोकने के लिए प्रशासन की ओर से पेट्रोल पंपों पर पुलिस बल तैनात किया गया है। जवान ग्राहकों को कतारबद्ध कर शांतिपूर्ण तरीके से तेल वितरण सुनिश्चित करा रहे हैं। शहर में फिलहाल पांच पेट्रोल पंप नियमित रूप से संचालित हो रहे हैं और सभी पंपों पर पेट्रोल व डीजल उपलब्ध है। इसके बावजूद अचानक बढ़ी भीड़ ने पेट्रोल पंप संचालकों को भी हैरान कर दिया है।
इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप के संचालक पुनीत सेठिया ने बताया कि शहर के सभी पेट्रोल पंपों से प्रतिदिन लगभग 20 से 25 हजार लीटर पेट्रोल तथा 30 से 35 हजार लीटर डीजल की आपूर्ति की जा रही है। रोजाना करीब चार हजार मोटरसाइकिल और एक हजार चारपहिया वाहनों में तेल भरा जा रहा है।
उन्होंने बताया कि तेल की कमी न हो, इसके लिए बोकारो और खूंटी डिपो से अतिरिक्त टैंकर मंगाए गए हैं। कुछ पंपों तक आपूर्ति पहुंच चुकी है, जबकि कुछ टैंकर रास्ते में हैं। प्रशासन के निर्देश पर फिलहाल मोटरसाइकिलों को 100 रुपये का पेट्रोल तथा चारपहिया वाहनों को 500 रुपये तक का डीजल दिया जा रहा है।
वहीं जूठाराम रंगलाल पेट्रोल पंप के संचालक सुनीत खिरवाल ने बताया कि सामान्य दिनों में प्रतिदिन एक टैंकर पेट्रोल-डीजल पहुंच जाता था, लेकिन पिछले कुछ दिनों से तीन दिन में एक टैंकर ही मिल पा रहा है। इससे मांग और आपूर्ति के बीच अंतर बढ़ गया है।
उन्होंने कहा कि रोजाना करीब 2500 दोपहिया वाहनों में तेल दिया जा रहा है। पंप संचालकों का मानना है कि कुछ लोग आवश्यकता से अधिक पेट्रोल-डीजल का स्टॉक भी कर रहे हैं। यही वजह है कि सुबह से शाम तक लगातार भीड़ बनी हुई है। शहरवासियों का कहना है कि चाईबासा में पेट्रोल पंपों पर ऐसा दबाव पहले कभी नहीं देखा गया।
धनबाद के पेट्रोल पंप में वाहनों की लगी कतार, संचालक हो रहे परेशान

पेट्रोल पंपों में पेट्रोल नहीं मिलने की अफवाहों के बाद बलियापुर क्षेत्र के सभी पेट्रोल पंपों में पेट्रोल खरीदने के लिए वाहनों की होड़ लग गई है। इधर पेट्रोल पंप संचालकों द्वारा खरीदारों की भीड़ को देखते हुए दो पहिए वाहन वालों को सिर्फ एक लीटर तेल दे रहे है।
गुरुवार को बलियापुर क्षेत्र के कई पेट्रोल पंपों में पेट्रोल लेने के लिए बाइक वालों की काफी भीड़ देखी गई। बलियापुर के परगा स्थित एसडी पेट्रोल पंप संचालक कमलाकर मंडल ने बताया कि खरीदारों की भीड़ अधिक हो जाने से पेट्रोल वितरण में दिक्कतें हो रही है। एक बाइक वाले को सिर्फ एक लीटर पेट्रोल ही दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि स्टॉक में जो तेल है वह दो दिन में खत्म हो जाएगा। वही बलियापुर के सिंदरी रोड स्थित नारायणी पेट्रोल पंप के संचालक ने बताया कि प्रत्येक बाइक को एक लीटर पेट्रोल दिया जा रहा है। जिससे खरीदारों के लिए दो दिन पेट्रोल का वितरण संभव हो पाएगा।
