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झारखंड के वित्त मंत्री ने छोड़ी सरकारी सुरक्षा, लौटाए 16 बॉडीगार्ड और 3 गाड़ियां; हेमंत सरकार के 'नंबर 2' नाराज

Published: Fri, 03 Jul 2026 02:39 PM (IST)

वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने पुलिस मुख्यालय की अनदेखी से नाराज होकर अपनी सुरक्षा में लगे 16 सुरक्षाकर्मी और ...और पढ़ें

वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने लौटाई सुरक्षा, पुलिस मुख्यालय से नाराजगी। (फोटो: फाइल)

वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने लौटाई सुरक्षा, पुलिस मुख्यालय से नाराजगी। (फोटो: फाइल)

HighLights

  1. वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने अपनी सुरक्षा वापस की।

  2. पुलिस मुख्यालय द्वारा अनदेखी से नाराज होकर लिया फैसला।

  3. 16 सुरक्षाकर्मी और 3 वाहन सरकार को लौटाए।

राज्य ब्यूरो, रांची। वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर पुलिस मुख्यालय के द्वारा अपनी अनदेखी से नाराज हैं। उन्होंने इस बात का इजहार तो नहीं किया है लेकिन पिछले दिनों उन्होंने डीजीपी को पत्र लिखकर सुरक्षाकर्मियों के काफिले के लिए एक अतिरिक्त वाहन उपलब्ध कराने का आग्रह किया था।

माना जा रहा है कि इस पर कोई निर्णय नहीं लिए जाने और उल्टे पुलिस मुख्यालय ने एक वाहन वापस करने का नोटिस वित्त मंत्री के कार्यालय को थमा दिया। इससे राधा कृष्ण किशोर नाराज है और उन्होंने अपनी सुरक्षा में लगे जवानों और वाहनों को वापस कर दिया है।

झारखंड सरकार में कांग्रेस कोटे से सबसे वरीय मंत्री और सरकार भी नंबर टू की हैसियत रखने वाले राधा कृष्ण किशोर किस कम से सभी स्तब्ध हैं। शुक्रवार को मंत्री ने अपनी सुरक्षा में तैनात 16 सुरक्षा गार्ड और उनके लिए आवंटित 3 सुरक्षा वाहनों को राज्य सरकार को वापस लौटा दिया है। मंत्री के नजदीकी लोगों का कहना है कि आवंटित वाहनों में जवानों को ठूंस ठूंस कर बैठना पड़ता था।

इस बात से नाराज होकर वित्त मंत्री ने तीनों वाहन और सभी सुरक्षाकर्मियों को वापस कर दिया है। शुक्रवार की सुबह मंत्री पहले खेल गांव स्टेडियम एक कार्यक्रम में पहुंचे और फिर यहां से प्रोजेक्ट भवन सचिवालय तक गए लेकिन इस दौरान उनके साथ सुरक्षाकर्मी नहीं दिखे।

इस फैसले के पीछे वित्त मंत्री ने तर्क दिया है कि महज 16 सुरक्षाकर्मियों की आवाजाही के लिए तीन बड़े वाहनों का काफिला रखना सुरक्षा के दृष्टिकोण से न तो उचित है और न ही व्यावहारिक।

वित्त मंत्री का पत्र हूबहू

मैंने पत्रांक: 337/मं. को. दिनांक: 21.04.2026 के माध्यम से आपको सूचित किया था कि मेरे सुरक्षा के लिए कुल 16 पुलिस जवानों को उपलब्ध कराया गया है। पत्र के माध्यम से मेने यह भी बताया था कि मात्र तीन (03) सरकारी वाहनों में 16 पुलिस बलों को एडजस्ट करने में परेशानी होती है। वाहनों में पुलिस जवानों को ठूंस कर बैठाना सुरक्षात्मक दृष्टिकोण से उचित प्रतीत नहीं होता है।

उक्त आलोक में मैंने पुलिस बलों को Adjust करने के लिए आवश्यकता अनुसार कुल चार (04) वाहन के आवंटन के लिए आपको पत्र लिखा था। यह अफसोस की बात है कि मेरे उक्त पत्र के आलोक में मुझे कोई उत्तर अभी तक प्राप्त नहीं हुआ है।

इस बीच वित्त विभाग के संयुक्त सचिव, पंकज कुमार सिंह के द्वारा पुलिस महानिरीक्षक (प्रोविजन), महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक का कार्यालय के ज्ञापांक: 79/टी. एस. दिनांकः 11.10.2022 के आलोक में नोटिस निर्गत करते हुए कहा है कि एक वाहन पुलिस मुख्यालय, झारखण्ड को वापस करने हेतु उपलब्ध कराया जाए।

संयुक्त सचिव, वित्त विभाग के द्वारा मेरे आप्त सचिव को दिए गए नोटिस मेरे लिए शर्मिंदगी का विषय है। अतः में वाहन सहित पुलिस बलों को वापस कर रहा हूं।

-राधा कृष्ण किशोर, 29-6-26

letter finance minister jharkhand

(झारखंड के वित्त मंत्री की ओर से भेजा गया लेटर।) 

डीजीपी ने कहा- आरोप बेबुनियाद

मुझे जो जानकारी मिली है उसके अनुसार अन्य मंत्रियों को जितने वाहन दिए गए हैं, मंत्री राधाकृष्ण किशोर को भी उतने ही वाहन मिले हैं। लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद हैं।
-तदाशा मिश्रा, डीजीपी, झारखंड।