रांची, राज्य ब्यूरो। झारखंड सरकार शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करने को लेकर गंभीर है। इसे लेकर स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के मंत्री जगरनाथ महतो ने विभिन्न शिक्षक संघों के प्रतिनिधियों के साथ दूसरे राउंड की बैठक करेंगे। अभी इसकी तिथि घोषित नहीं की गई है। इसमें शिक्षकों की गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करने को लेकर निर्णय हो सकता है। शिक्षा मंत्री के आवास पर होनेवाली बैठक में विभागीय पदाधिकारी भी शामिल होंगे। शिक्षा मंत्री शिक्षकों को मध्याह्न भोजन के कार्यों से मुक्त करने का आश्वासन पहले ही दे चुके हैं। संभावना जताई जा रही कि इस मामले में मंत्री जगरनाथ महतो बैठक के बाद विधिवत घोषणा करेंगे।

शिक्षक संघों के प्रतिनिधियों को मंत्री ने बुलाया था

इससे पहले शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने 9 जून 2022 को झारखंड के सरकारी स्कूलों में शैक्षणिक सुधार पर सुझाव देने के लिए शिक्षक संघों के प्रतिनिधियों को बुलाया था। उसमें सभी शिक्षक संघों के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि पहले सभी शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्त किया जाए। इसके बाद ही स्कूलों में बच्चों काे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी। इसके बाद मंत्री ने सभी संघों से उन गैर शैक्षणिक कार्यों के बारे में पूरी जानकारी मांगी थी, जो शिक्षकों से लिए जाते हैं। शिक्षकों ने इसे लेकर लिखित जानकारियां भी मंत्री को उपलब्ध करा दी हैं।

बताया क्या क्या काम करते हैं पढ़ाने के अलावा

शिक्षकों का दावा है कि उनसे मध्याह्न भोजन में प्रतिदिन खर्च का हिसाब-किताब रखने, प्रतिदिन व मासिक रिपोर्ट भेजने, स्कूल के बजट बनाने, 37 पेज के यू डायस फार्म आनलाइन भरने, प्रत्येक दिन ई विद्यावाहिनी एप से छात्रों की उपस्थिति बनाने, विद्यालय प्रबंधन समिति व सरस्वती वाहिनी के खातों का संधारण और आडिट करवाने, विद्यालय के पोषक क्षेत्र में घूम-घूमकर शिशु गणना करने, प्रति माह शिक्षक अभिभावक बैठक करने, प्रत्येक माह के 25 तारीख को विद्यालय प्रबंधन समिति की बैठक करने, किताब, चावल, कुकिंग कास्ट के वितरण, बाल संसद पंजी बनाने आदि कार्य लिए जाते हैं। इससे उनपर अतिरिक्त बोझ पड़ता है, जिसका असर बच्चों के पठन-पाठन पर पड़ता है।

Edited By: M Ekhlaque