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डिजिटल होगी झारखंड की स्वास्थ्य सेवा: खूंटी, लातेहार, गुमला और चतरा में 10 बेड के टेली ICU की शुरुआत

Published: Thu, 01 Oct 2026 08:20 AM (IST)

झारखंड डिजिटल हेल्थ कॉन्क्लेव में खूंटी, लातेहार, गुमला और चतरा में 10 बेड के टेली आईसीयू का उद्घाटन हुआ, साथ ...और पढ़ें

डिजिटल होगी झारखंड की स्वास्थ्य सेवा

डिजिटल होगी झारखंड की स्वास्थ्य सेवा

HighLights

  1. खूंटी, लातेहार, गुमला, चतरा में 10 बेड के टेली आईसीयू का उद्घाटन।

  2. मुख्यमंत्री डिजिटल हेल्थ योजना, एचआरआईएस और ई-हेल्थ पोर्टल लॉन्च।

  3. रिम्स और मेडिकल कॉलेजों में जल्द शुरू होगी रोबोटिक सर्जरी।

राज्य ब्यूरो, रांची। स्वास्थ्य विभाग ने बुधवार को होटल बीएनआर चाणक्य में झारखंड डिजिटल हेल्थ कॉन्क्लेव का आयोजन किया जो दो दिन चलेगा। इसमें झारखंड के चार जिले खूंटी, लातेहार, गुमला और चतरा में 10 बेड के टेली आईसीयू का स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर इरफान अंसारी ने ऑनलाइन उद्घाटन किया। 

योजना है कि तीन महीने में राज्य के और जिलों में यह सुविधा उपलब्ध हो जाए। जानकारी दी गई कि रिम्स के विशेषज्ञ चिकित्सक इन आईसीयू में इलाजरत मरीजों को ऑनलाइन देखेंगे और उन्हें चिकित्सकीय परामर्श देंगे। स्वास्थ्य मंत्री ने ही मुख्यमंत्री डिजिटल हेल्थ योजना, एचआरआइएस पोर्टल और झारखंड ई हेल्थ पोर्टल का भी शुभारंभ किया गया। 

कॉन्क्लेव में बतौर मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का आगमन होना था। स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने बताया कि वे नहीं आए। उनकी शुभकामना मिली है।

जामताड़ा में जल्द बनेगा मेडिकल कॉलेज 

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि टेली आइसीयू बनाने में उनके निर्वाचन क्षेत्र जामताड़ा छूट गया। अधिकारियों को बोले हैं कि उनके निर्वाचन क्षेत्र में भी तुरंत यह सुविधा दी जाय। जामताड़ा में जल्द मेडिकल कॉलेज भी बनेगा। 

उन्होंने कहा, स्वास्थ्य मंत्री बनने के बाद वे जहां गए, वहां खामी मिली। एंबुलेंस मिला तो सब पुराना था। छोटे समय में स्वास्थ्य सेवा में देश में झारखंड तीसरे स्थान पर पहुंच चुका है। पूर्व मुख्य सचिव डाक्टर आर एस शर्मा ने स्वास्थ्य सेवा को बेहतर बनाने में डिजिटल तकनीक के उपयोग के महत्व पर प्रकाश डाला। 

रोबोटिक कार्डियक सर्जरी के क्षेत्र में तकनीकी प्रस्तुति 

डॉक्टर सुधीर श्रीवास्तव ने रोबोटिक कार्डियक सर्जरी के क्षेत्र में तकनीकी प्रस्तुति दी। इस अवसर पर सहिया पुस्तिका एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से संबंधित पुस्तिका का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम के दूसरे सत्र में डिजिटल हेल्थ से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा पैनल डिस्कशन आयोजित किया गया। 

इसमें विशेष सचिव डाक्टर नेहा अरोड़ा, अपर सचिव शशि प्रकाश सिंह, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा, पंकज अरोड़ा, संयुक्त सचिव दिनेश कुमार यादव, अलग अलग जिलों से आए सिविल सर्जन एवं निजी अस्पतालों के प्रतिनिधि शामिल हुए। स्वास्थ्य सेवा में तकनीक का उपयोग में विशेषज्ञता रखने वाली कंपनियों ने स्टाल भी लगाए।

रिम्स और मेडिकल कॉलेज में रोबोट सर्जरी होगी

स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि रिम्स के अलावा मेडिकल कॉलेजों में रोबोट सर्जरी जल्द शुरू होगी। अस्थि और हृदय की शल्य चिकित्सा में रोबोट सर्जरी उपयोगी साबित होगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डिजिटल हेल्थ योजना का और विस्तार किया गया है। इसके तहत राज्य के अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्रों को बीएसएनएल की हाई-स्पीड कनेक्टिविटी उपलब्ध कराई गई है। 

सभी जिला एवं अनुमंडल अस्पतालों को वाई-फाई से जोड़ने की दिशा में काम किया गया है। हॉस्पिटल मैनेजमेंट इंफोर्मेशन सिस्टम (एचएमआईएस) लागू किया गया है। इसके तहत मरीज घर बैठे पंजीकरण, भुगतान और डॉक्टर से मिलने का समय ले सकेंगे। जांच के बाद रिपोर्ट को भी डिजिटल माध्यम से मरीज तक उपलब्ध कराने की व्यवस्था विकसित की जा रही है। 

चिकित्सकीय सलाह पर डिजिटल तरीके से दवा वितरण होगा। अस्पतालों की बेहतर निगरानी के लिए सीसीटीवी आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम को मजबूत किया जा रहा है। डिजिटल डैशबोर्ड के माध्यम से अस्पतालों में मरीजों की संख्या, बीमारी से संबंधित आंकड़ों और अन्य महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सूचनाओं की निगरानी में सहायता मिलेगी।

स्वास्थ्य विभाग में नियुक्ति से सेवानिवृति तक ऑनलाइन

अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने जानकारी दी कि स्वास्थ्य विभाग में ह्यूमन रिसोर्स इंफोर्मेशन सिस्टम (एचआरआईएस) प्रभावी होगा जिसके तहत कर्मचारियों की नियुक्ति से सेवानिवृति तक सेवा अवधि का रिकार्ड आनलाइन होगा। इससे उपस्थिति, अवकाश, अनुपस्थिति, सेवा संबंधी विवरण, भुगतान जैसी व्यवस्था की निगरानी सहज हो जाएगी। 

स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत 80 हजार सहिया, मेडिकल स्टाफ, नर्स एवं अन्य कर्मियों के कार्यों की निगरानी के लिए भविष्य में एआइ आधारित प्रणाली विकसित किया जाएगा।

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