15 अगस्त पर DGP ने गिनाई झारखंड पुलिस की ‘एक्शन रिपोर्ट’, 103 नक्सली गिरफ्तार से 486 साइबर अपराधी तक; पढ़े पूरा हिसाब
डीजीपी ने स्वतंत्रता दिवस पर झारखंड पुलिस की उपलब्धियां गिनाईं, जिसमें 103 नक्सलियों और 486 साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी प्रमुख ...और पढ़ें

HighLights
103 नक्सली और 486 साइबर अपराधी गिरफ्तार किए गए।
पुलिस आधुनिकीकरण के तहत नए वाहन प्राप्त हुए।
राज्य ब्यूरो, रांची। पुलिस मुख्यलय झारखंड, रांची में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह-2026 के अवसर पर डीजीपी ने पुलिसकर्मियों, सहकर्मियों, प्रेस मीडिया के बंधुओं और उपस्थित लोगों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने देश के वीर स्वतंत्रता सेनानियों को फिर कृतज्ञतापूर्वक स्मरण करते हुए कहा की उनकी अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान से देश को स्वतंत्र भारत का अमूल्य उपहार प्राप्त हुआ। डीजीपी ने अपने संबोधन में झारखंड पुलिस की उपलब्धियों और पुलिसकर्मियों के कल्याण के लिए किए जाए कार्यों को जानकारी दी।
नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में 103 नक्सली गिरफ्तार
डीजीपी ने कहा कि झारखंड पुलिस ने अपने अदम्य साहस, वीरता, पेशेवर रणनीति और निरंतर अभियान के बल पर राज्य में नक्सलवाद की चुनौती को काफी हद तक कमजोर किया है। जवानों के समर्पण, बलिदान और सतत प्रयासों के परिणाम स्वरुप वर्ष 2026 में जनवरी से 5 अगस्त तक राज्य में कुल 103 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया।
इनमें मुख्य रूप से झारखंड सरकार द्वारा एक करोड रुपए के इनामी पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा शामिल है। इस अवधि में 46 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, जबकि 22 नक्सली पुलिस मुठभेड़ में मारे गए। इनमें झारखंड सरकार द्वारा एक करोड रुपए के इनामी केंद्रीय कमेटी सदस्य अनल उर्फ पतिराम मांझी भी शामिल है।
इसके अतिरिक्त कुल 98 हथियार, 7470 कारतूस, 11 किलोग्राम विस्फोटक पदार्थ, तीन आईईडी और करीब छह लाख रुपये की लेवी की राशि बरामद की गई।
संगठित अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस
डीजीपी ने कहा कि झारखंड पुलिस संगठित अपराध के विरूद्ध जीरो टॉलरेंस नीति के तहत खुफिया तंत्र, आधुनिक तकनीक और एजेंसियों के समन्वय से प्रभावी कार्यवाही कर रही है।
वर्ष 2026 में जनवरी से जुलाई तक संगठित आपराधिक गिरोह के कुल 193 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। उनके पास से कुल 63 हथियार और 274 गोलियां बरामद कर जब्त की गई। वहीं, संगठित आपराधिक गिरोह के कुल 50 अपराधियों के विरुद्ध सीसीए की कार्रवाई की गई।
नशा तस्करी के खिलाफ 710 आरोपित गिरफ्तार
डीजीपी ने कहा कि झारखंड पुलिस मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के विरुद्ध सख्त कार्रवाई, प्रभावी अभियान और जनजागरूकता के माध्यम से नशा तस्करी पर अंकुश तथा युवाओं को सुरक्षित रखने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
वर्ष 2026 में जनवरी से जून तक अवैध मादक पदार्थ के प्रयोग व्यापार में संलिप्त हुए 710 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान विभिन्न प्रकार के अवैध मादक पदार्थ भी जब्त किए गए।
साइबर अपराध में 486 अभियुक्त गिरफ्तार
झारखंड पुलिस द्वारा साइबर अपराध की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। राज्य में साइबर अपराधियों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर कई गिरोह का पर्दाफाश किया गया।
वर्ष 2026 में जनवरी से जून तक साइबर अपराध में संलिप्त हुए 486 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान 17 लाख रुपये से अधिक की राशि के साथ कई अवैध वस्तुएं बरामद कर जब्त की गई। पीड़ितों के खाते में जब्त राशि को वापस करने तथा साइबर अपराधियों के विरुद्ध झारखंड पुलिस कार्रवाई कर रही है।
झारखंड पुलिस को मिले 636 चार पहिया और 849 दो पहिया वाहन
पुलिस आधुनिकीकरण के संबंध में डीजीपी ने कहा कि 13 मार्च 2026 को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा आधुनिक पुलिस वाहनों का लोकार्पण किया गया। झारखंड पुलिस को 636 चार पहिया वाहन (महिंद्रा बोलेरो) और 849 दो पहिया वाहन (टीवीएस अपाचे) प्राप्त हुए। इसे कानून व्यवस्था, त्वरित पुलिस प्रतिक्रिया एवं जनसुरक्षा और अधिक सुदृढ़ हुई है।
डायल-112 का रिस्पांस टाइम हुआ बेहतर
EERS (Emergency Response Support System) के अंतर्गत डायल-112 में जनवरी में प्रतिवेदित 16,000 शिकायतों में पुलिस का औसत रिस्पांस टाइम 9 मिनट 41 सेकंड था। इसके बाद जुलाई में प्रतिवेदित 23,000 शिकायतों में पुलिस का औसत रिस्पांस टाइम 9 मिनट 12 सेकंड रहा। डीजीपी ने कहा कि शिकायतें बढ़ाने के बाद भी झारखंड पुलिस का औसत रिस्पांस टाइम काफी बेहतर हुआ है।
पुलिसकर्मियों के कल्याण पर भी जोर
डीजीपी ने कहा कि झारखंड पुलिस अपने पुलिसकर्मियों एवं उनके परिवारों के कल्याण के लिए सदैव प्रतिबद्ध एवं तत्पर रहती है। वर्ष 2026 में जनवरी से जुलाई तक पुलिस मुख्यालय स्तरीय झारखंड पुलिस सहाय्य एवं कल्याण कोष से कुल 1007 लाभान्वितों को 3 करोड़ 69 लाख रुपये, चतुर्थवर्गीय कर्मचारी कल्याण कोष से 42 लाभान्वितों को 11 लाख 99 हजार रुपये और झारखंड पुलिस शिक्षा कोष से 9443 लाभान्वितों को 11 करोड़ 46 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई।
झारखंड पुलिस परोपकारी कोष से पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मियों के कुल 737 आश्रितों को सहायता के लिए करीब 3 करोड़ 93 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई। पुलिसकर्मियों के कुल 153 आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति दी गई है।
इसके अतिरिक्त 4 अगस्त 2026 को पुलिस मुख्यालय स्तरीय अनुकंपा समिति की बैठक हुई, जिसमें कुल 84 मामलों को अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति के लिए योग्य पाया गया।
वीरता पदक प्राप्त 37 पुलिसकर्मियों को प्रोन्नति
डीजीपी ने बताया कि वीरता पदक प्राप्त कुल 37 पुलिस पदाधिकारी और कर्मियों को पारी से बाहर प्रोन्नति प्रदान की गई है।
वितंतु संवर्ग (Wireless) के 11 पुलिस अवर निरीक्षकों को पुलिस निरीक्षक एवं तीन सहायक पुलिस अवर निरीक्षकों को पुलिस अवर निरीक्षक कोटि में प्रोन्नति प्रदान की गई है।
आयुधिक संवर्ग (Armour) के 10 आयुधिक अवर निरीक्षकों को आयुधिक निरीक्षक एवं 24 हवलदारों को आयुधिक अवर निरीक्षक कोटि में प्रोन्नति दी गई है।
झारखंड सशस्त्र पुलिस के कुल 201 हवलदारों को अ०नि० (स) की कोटि में प्रोन्नति प्रदान की गई है। इसके अलावा 970 पुलिस पदाधिकारियों को एसीपी/एमएसीपी की स्वीकृति की कार्रवाई की गई है।
देश की एकता और अखंडता की रक्षा का लिया संकल्प
अंत में डीजीपी ने कहा कि आज हम सभी यह संकल्प लें कि अपने देश की एकता, अखंडता, संप्रभुता और गौरव की रक्षा के लिए सदैव समर्पित रहेंगे। राष्ट्र को स्वच्छ, सुरक्षित, शिक्षित, समृद्ध एवं सशक्त बनाने के लिए पूर्ण निष्ठा और ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे।
उन्होंने कहा कि समाज में शांति, सद्भाव, भाईचारा एवं आपसी सहयोग की भावना को मजबूत करते हुए साइबर अपराध, नशाखोरी, संगठित अपराध तथा अन्य सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध जागरूकता फैलाएंगे। संविधान एवं कानून के प्रति पूर्ण आस्था रखते हुए राष्ट्रहित और जनहित को सर्वोपरि मानेंगे तथा एक सशक्त, सुरक्षित और विकसित भारत के निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
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