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Hazaribagh: 15 लाख के इनामी माओवादी कारु यादव ने खोले कई राज; एक पिस्टल, देशी कारबाइन व 200 कारतूस बरामद

Hazaribagh News दो दिनों के पुलिस रिमांड पर आए 15 लाख के इनामी माओवादी जोनल कमांडर दीपक उर्फ कारू यादव ने पुलिस के समक्ष कई राज खोले हैं। पुलिस से लुटी गई दो इंसास राइफल एक देशी कारबाइन और एक पिस्टल बरामद की गई है।

By Vikash SinghEdited By: Sanjay KumarPublished: Sat, 01 Oct 2022 09:35 AM (IST)Updated: Sat, 01 Oct 2022 09:36 AM (IST)
Hazaribagh News: एक पिस्टल, देशी कारबाइन व 200 कारतूस बरामद।

हजारीबाग, संस। Hazaribagh News दो दिनों के पुलिस रिमांड पर आए 15 लाख के इनामी माओवादी जोनल कमांडर दीपक उर्फ कारू यादव ने पुलिस के समक्ष कई राज खोले हैं। कारू के बताए अनुसार, केरेडारी थाने की पुलिस और सीआरपीएफ 22 बटालियन की टीम ने बकचुमा जंगल से पुलिस से लुटी गई दो इंसास राइफल, एक देशी कारबाइन और एक पिस्टल बरामद की है। इसके अलावा 200 जीवित कारतूस भी बरामद किए गए हैं। कारतूस को जंगल में मिट्टी में सुरक्षित तरीके से दबाकर रखा गया था। यह जानकारी प्रेसवार्ता के दौरान एसपी मनोज रतन चोथे और सीआरपीएफ कमांडेंट ने संयुक्त रूप से दी।

बताया कि झारखंड बिहार में करीब 59 मामले दर्ज हैं। इनमें हजारीबाग में एक दर्जन के करीब मामले हैं। पुलिस सभी मामलों में पुलिस रिमांड पर लेगी। शुक्रवार को रिमांड पूरी होने पर पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। हथियार केरेडारी मुख्यालय से उतर करीब 12 किलोमीटर दूर एक पहाड़ी चट्टान के नीचे दफन कर रखा गया था।

केरेडारी थाना कांड संख्या 90 - 20 में लिया गया था रिमांड

कारू यादव को केरेडारी थाना कांड संख्या 90/20 में रिमांड पर लिया गया था। कोर्ट ने 28 सितंबर को 2 दिनों के लिए पुलिस रिमांड दी थी। हथियार मिलने के बाद कारू यादव पर केरेडारी थाना कांड संख्या 140/22 दर्ज किया गया है। कारू पर बंगाल और छतीसगढ़ में भी मामला दर्ज हैं । केरेडारी में 90 -20 आगजनी और फायरिंग को लेकर दर्ज किया गया था। एसपी ने बताया कि लुटे गए हथियार किस जिले या राज्य के है या फिर सीआरपीएफ के है उसकी पहचान की कवायद प्रारंभ की गई है। पुलिस हथियार के आर्सेल नंबर गृह विभाग को भेजा जाएगा।

जंग खा गए कारतूस को, हथियार है सुरक्षित

कारू की निशानदेही पर जब्त हथियार और कारतूस को पुलिस ने बारीकी से जांच कर रही है। रखरखाव के अभाव में कारतूस बेकार हो गए हैं। परंतु हथियार प्लास्टिक में लपेट कर रखे जाने के कारण सुरक्षित है। बताया कि केरेडारी मुख्यालय से करीब 12 किलोमीटर दूर घने जंगल में हथियार रखे गए थे। निशान के तौर पर एक बड़ा चट्टान और एक पेड़ मिला है। जहां पहुंच कर कारू ने हथियार होने की पुष्टि की। बताया कि सामान्य व्यक्ति या पुलिस कभी सोच भी नहीं सकती थी कि जिस क्षेत्र में वे लगातार गश्त करते है, वहां हथियार और कारतूस का जखीरा है।

क्षेत्र में आने के बाद निकाले जाते थे हथियार, कई अन्य स्थान पर भी छिपाए गए है हथियार

जानकारी के अनुसार ये हथियार कारू यादव द्वारा 2020 में केरेडारी में की गई आगजनी की घटना के बाद छिपाकर रखा गया था। सूत्रों के अनुसार क्षेत्र में गतिविधि बढ़ने पर ये हथियार काम आते है। चुकी पुलिस के प्रभाव के कारण केरेडारी क्षेत्र में माओवादियों की संख्या कम हो गई या यूं कहे की समाप्त हो गई है। ऐसे में कारू इस क्षेत्र में संगठन को फिर से खड़ा करने करने का काम कर रहा था।


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