राज्य ब्यूरो, रांची : मंडल कारा गुमला में कुख्यात अपराधी सुजीत सिन्हा व उसके अन्य साथियों की शराब पार्टी के मामले में पूरा जेल प्रबंधन कार्रवाई के दायरे में है। गुमला के एसडीओ, डीएसपी, थानेदार आदि की जांच के अलावा जेल निरीक्षणालय की आंतरिक जांच में भी इस बात की पुष्टि हो चुकी है कि सुजीत सिन्हा व अन्य अपराधियों की पार्टी से संबंधित वायरल फोटो गुमला जेल के भीतर की ही है। इस मामले में सुरक्षा संबंधी भारी चूक उजागर हुई है।

दोषी अफसरों पर होगी सख्‍त कार्रवाई

इस मामले में न सिर्फ प्राथमिकी दर्ज होगी, बल्कि जेल से जुड़े अधिकारियों-कर्मियों पर भी कार्रवाई की गाज गिरेगी। सीनियर अधिकारी व कारा निरीक्षणालय ने इस घटना को बेहद गंभीर बताया है। रिपोर्ट की समीक्षा के बाद ही कोई कार्रवाई होगी, अब तक किसी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। मामले को लेकर जेलर से स्पष्टीकरण मांगा जा सकता है। वहीं पार्टी के वक्त ड्यूटी पर तैनात जेल कर्मी का निलंबन हो सकता है।

कारा उप महान‍िरीक्षक ने की मामले की जांच

इस मामले पर कारा महानिरीक्षक मनोज कुमार ने बताया कि उन्होंने कारा उप महानिरीक्षक (एआइजी) हामिद अख्तर को सुजीत सिन्हा की पार्टी से संबंधित वायरल फोटो की हकीकत जांचने के लिए मंगलवार को गुमला मंडल कारा भेजा था। कारा उप महानिरीक्षक हामिद अख्तर ने उन्हें अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। उन्होंने बताया कि रिपोर्ट की समीक्षा के बाद सोमवार तक कोई ठोस निर्णय लेंगे। रिपोर्ट में दोषी जो भी पाए जाएंगे उनपर कार्रवाई होगी।

पुल‍िस मुख्‍यालय ने एसपी से मांगी जांच र‍िपोर्ट

इधर, पुलिस मुख्यालय ने भी एसपी गुमला से अपराधी सुजीत सिन्हा की जेल में पार्टी मनाए जाने के मामले में जांच रिपोर्ट मांगी है। पुलिस मुख्यालय के अधिकारिक सूत्रों की मानें तो जांच रिपोर्ट में मामला सही पाया गया तो जेल की सुरक्षा से जुड़े सभी पदाधिकारियों-कर्मियों, सुजीत सिन्हा व उसके साथियों के विरुद्ध गुमला में प्राथमिकी दर्ज होगी और पूरे मामले की जांच होगी।

मिलीभगत के बगैर जेल के भीतर नहीं जा सकता आपत्तिजनक सामान

जेल में गुंडों की शराब पार्टी पूरी जेल की सुरक्षा के लिए बड़ी चूक है। जेल की लंबी-चौड़ी सुरक्षा घेरा से जेल के भीतर शराब, मोबाइल सहित ऐशो-आराम की वस्तुएं पहुंच गईं। यह चूक फोटो वायरल होने के बाद उजागर हुई। अगर तस्वीर वायरल नहीं होती तो यह यूं ही चलता रहता। वरीय अधिकारी यह भी बताते हैं कि बिना जेल प्रशासन की मिलीभगत के ऐसा होना संभव नहीं है। ऐसी स्थिति में जेल के भीतर किसी बड़ी घटना से इन्कार नहीं किया जा सकता है।

बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में कैदी को मारने के लिए पहुंचा था जहरीला कोल्डड्र‍िंक 

जेल में आपत्तिजनक सामान पहुंचने का मामला पहले भी उजागर होता रहा है। पूर्व में रांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा होटवार में एक कैदी को मारने के लिए जहरीला कोल्डङ्क्षड्रक पहुंचा था। मामला उजागर होने के बाद इस मामले में प्राथमिकी दर्ज हुई थी और दोषी पदाधिकारियों-कर्मियों पर कार्रवाई भी हुई थी।

Edited By: M Ekhlaque